आंटी की सजा में मजा

प्रेषक : निखिल ..

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम निखिल है और मेरी उम्र 24 साल है दोस्तों मुझे कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और में इस साईट का बहुत बड़ा फेन हूँ इस पर कहानियाँ पढ़कर मैंने भी अपनी कहानी आप सभी के सामने लाने के बारे में सोचा और वो आज आप सभी के सामने है। दोस्तों मेरी यह पहली कहानी है और यह कहानी उस वक़्त की है जब में नया जवान हुआ था। उस वक्त मेरी उम्र 21 साल की थी और मुझे फुददी के अलावा आस पास कुछ नहीं दिखता था.. लेकिन मेरी कोई गर्लफ्रेंड ना होने की वजह से में केवल मुठ मारकर ही रह जाता था.. ब्लू फिल्म और सेक्सी किताबें पढ़कर ही काम चलाया करता था और मुठ मारकर अपनी सन्तुष्टि करता था।

फिर कुछ दिन बाद हमारे पड़ोस में एक फेमिली रहने आई.. अंकल, आंटी और उनकी एक लड़की जिसका नाम कोमल था.. वो लड़की बहुत ही सुंदर थी और में हमेशा उसको ही देखता रहता था। फिर कुछ दिन में हम एक बहुत दोस्त भी बन गये और में हमेशा उसकी चूत के बारे में ही सोचता रहता था.. उसके छोटे छोटे बूब्स भी धीरे धीरे उभर रहे थे इसका मतलब वो भी अब धीरे धीरे जवान हो रही थी और अब में उसे सोचकर मुठ मारा करता था। तभी एक दिन में दोपहर के समय उसके घर गया तो वो घर पर अकेली थी और मुझे लगा कि यह एक बहुत अच्छा मौका है.. तो में उसके पास गया और उससे पूछा कि क्या तुम लड़के और लड़की में फर्क बता सकती हो? तो वो शरमाने लगी.. लेकिन वो कुछ भी नहीं बोली। तो मैंने कहा कि हम दोनों अपने कपड़े उतारते हैं और फर्क पता करते है और फिर वो झट से तैयार हो गयी और अब हम दोनों कमरे में एकदम नंगे थे और उसके छोटे छोटे बूब्स देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया और वो बड़े प्यार से मेरे लंड को एक टक निगाह से देख रही थी।

तो में उसके पास गया और कहा कि लड़को का लंड होता है और लड़कियों के पास एक छेद जिसे चूत कहते है। फिर मैंने अपना लंड उसके हाथ में दे दिया और ऊपर नीचे करने लगा तभी कुछ देर बाद में झड़ गया और मेरा वीर्य उसके हाथ में था जो मैंने उसे चाटने के लिए कहा और उसने चाटकर पूरा खत्म कर दिया। फिर में उसे चोदने की सोच ही रहा था कि तभी आंटी ना जाने कहाँ से बीच में आ गई और हम दोनों को नंगा देखकर वो बहुत गुस्सा हो गयी और हम दोनों को 2-2 थप्पड़ भी लगाए। फिर उन्होंने कोमल को एक रूम में बंद कर दिया और मुझे अपने बेडरूम में ले गयी.. में अभी भी नंगा था और बहुत डरा हुआ था वो बेड पर बैठ गयी और में उनके सामने खड़ा हुआ था तो उन्होंने कहा कि वो यह सब कुछ मेरी मम्मी को बताएँगी.. तभी यह बात सुनकर में ज़ोर से रोने लगा और आंटी के सामने गिड़गिड़ाने लगा और मुझे ऐसी हालत में देखकर वो बहुत खुश लग रही थी। तो वो मेरे पास आई और उन्होंने कहा कि एक शर्त पर मेरी मम्मी को नहीं बताएँगी कि अगर में उनकी हर बात मानूं। तो अब मेरे पास कोई और रास्ता नहीं था उनकी बात मानने के अलावा। तो में तैयार हो गया.. लेकिन मुझे नहीं पता था कि वो मुझे क्या करने को कहेंगी? तो मेरे पास आकर उन्होंने अपनी सलवार और पेंटी को उतार दिया। तो मेरे सामने एकदम चिकनी चूत थी जिस पर एक भी बाल नहीं था और वो बहुत कामुक लग रही थी और में उनकी चूत को साफ साफ देख सकता था.. लेकिन में सोचने पर मजबूर था कि अब मेरे साथ क्या होने वाला है? और वो यह सब क्या कर रही है और क्यों? और अब वो दोनों पैर फैलाकर बेड पर लेट गयी.. लेकिन मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा था और में बस खड़े होकर उन्हे देख रहा था। फिर उन्होंने मुझे अपने पास बुलाकर बोला कि दूर खड़ा खड़ा क्या देख रहा है चल शुरू हो जा। तो उनकी चूत को देखकर मेरा लंड भी पहले से ही तैयार खड़ा था। फिर में उनके पास गया और उनके दोनों पैरों को पकड़कर अपना लंड चूत में डालने लगा तो उन्होंने मुझे रोककर कहा कि अभी चोदना नहीं है पहले मेरी चूत चाटो। तो मैंने ब्लूफिल्म में देखा था कि चूत कैसे चाटते है और फिर मैंने अपना मुहं चूत की और बढ़ाया तो मुझे बहुत बदबू सी आई और में पीछे हट गया। तो उन्होंने मुझे गुस्से से देखते हुए कहा कि तुमने मुझसे वादा किया है कि तुम मेरी सभी बातें मनोगे और अगर तुमने अपना वादा तोड़ा तो में भी अपना वादा तोड़ दूँगी और तुम्हारी मम्मी को वो सब बता दूँगी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

तो अब मैंने उसकी बात मानते हुए चूत को चाटना शुरू कर दिया। उसका टेस्ट बहुत ही नमकिन सा लग रहा था.. तभी कुछ देर बाद मुझे भी मज़ा आने लगा और मैंने उसकी पूरी चूत चाट चाटकर सुखा दी.. 10-15 मिनट तक में चूत चाटता रहा। तभी अचानक ही चूत में से बहुत सारा पानी निकला और आंटी ने उसे भी चाटने को कहा.. तो मैंने चूत चाटकर एकदम साफ कर दी थी और आंटी बहुत खुश लग रही थी। फिर उन्होंने मुझे बेड पर बैठाया और मेरे लंड को सहलाने लगी और फिर उन्होंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मेरे लंड की खाल को नीचे करने लगी। तो मुझे बहुत दर्द होने लगा और में चिल्लाने लगा वो मुस्कुराकर बोली कि तेरी तो सील भी नहीं टूटी है। आज में मुझे पूरे मज़े दूँगी.. मेरा लंड अब चोदने के लिए तैयार था।

फिर आंटी नीचे लेट गयी और में ऊपर चड़ गया और मैंने अपना लंड जैसे ही उनके छेद में डाला तो बहुत ही ज्यादा दर्द हुआ और आंटी ने कहा कि पहले धीरे धीरे कर फिर ज़ोर से। तो अब मुझे मज़ा आने लगा और में दर्द भूल गया.. मानो मुझे तो जन्नत के दर्शन हो गये थे और फिर कुछ देर धीरे धीरे धक्को के बाद में ज़ोर ज़ोर से धक्को से आंटी को चोद रहा था। फिर कुछ देर बाद में झड़ने लगा तो तभी आंटी ने बोला कि अंदर मत छोड़ना और बाहर सारा पानी निकालना.. लेकिन में कंट्रोल नहीं कर सका और चूत के अंदर ही झड़ गया। तो आंटी ने मुझे दो थप्पड़ और लगाए और कहा कि यह मैंने क्या किया? तो मुझे भी अब गुस्सा आ गया और में ज़ोर ज़ोर से आंटी के बूब्स को दबाने लगा और किस करने लगा और आंटी भी मुझे किस करने लगी.. मैंने उन्हे फिर से एक बार और चोदा और इस बार भी अंदर ही झड़ा.. लेकिन इस बार वो गुस्सा नहीं हुई और मुस्कुरा रही थी।

दोस्तों मुझे पता नहीं है कि में इसे सज़ा कहूँ या मज़ा.. लेकिन वो जो भी था.. बहुत ही मज़ा आया। मेरी पहली चुदाई में छोटी चूत के बदले मुझे बड़ी और अनुभवी चूत मिली। इसके बाद मैंने या फिर ये कहूँ कि आंटी ने मुझे चोदा। आज भी लगभग 15 साल बाद में कभी कभी उनको चोदता हूँ.. लेकिन अब इतना मज़ा नहीं आता.. क्योंकि अब उनकी चूत चुद चुदकर बहुत ढीली हो गयी है ।।

धन्यवाद …

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