कामिनी आंटी के साथ पहला अनुभव – 1

प्रेषक : रोहित

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम रोहित है और देहरादून (उत्तराखंड) का रहने वाला हूँ। आज में आपको अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ। दोस्तों मैंने भी सोचा अपनी कहानी आप सभी से शेयर करता हूँ। आप सभी लोगो ने यहाँ पर बहुत सारी कहानियाँ पढ़ी होंगी और मुझे ज़्यादातर बहुत अच्छी लगी.. इसलिए में कामुकता डॉट कॉम पर हमेशा कहानियाँ पड़ता हूँ और मुझे यह साईट बहुत अच्छी लगती है लेकिन ख़ैर छोड़ो मज़े तो लेने ही है इसलिए में आप को अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ। जिसे पड़ने के बाद आप सभी को विश्वास हो जाएगा यह कितनी सच्ची है।

दोस्तों पहले में अपना परिचय करा देता हूँ। मेरा नाम आपको पता ही है और मेरी उम्र 21 साल है, में एक कॉलेज स्टूडेंट हूँ। मेरी हाईट 6 फिट, रंग गोरा, दिखने में अच्छा भला, बॉडी अच्छे शेप में है और आज तक मैंने कभी सेक्स नहीं किया है.. सिर्फ मुठ ही मार रहा हूँ और पॉर्न मूवी देखता हूँ.. घर पर और दोस्तों के साथ। मुझे फालतू की बातें करने का शौक नहीं है। अब में ज़्यादा समय खराब ना करते हुए अपनी कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों हमारे देहरादून में अपना घर है और में अपने जन्म से यहीं हूँ। हमारे यहाँ पर किराए पर एक पति और उसकी मस्त माल वाईफ रहती है। अब आप समझ ही गये होंगे कि मैंने इस कहानी में किस को ठोका है। चलो ठीक है लड़की के बारे में बता दूँ वो दिखने में एकदम मस्त माल है, रंग गोरा.. सबसे मस्त उसकी आँखें है पूरे जिस्म में, जैसे सोनाक्षी सिन्हा की है और मस्त सेक्सी फिगर और मस्त गांड। उनकी हाईट होगी 5.7 इंच के आस पास और जब वो चलती थी गांड हिला हिलाकर तो यारो ऐसा लगता था कि उसी वक़्त पकड़ लूँ और डाल दूँ पीछे से अपना लंड.. साफ साफ कहूँ कि वो मुझे बहुत ज़्यादा सेक्सी लगती है लेकिन पहले नहीं लगती थी.. क्योंकि में उन्हे इतना नोटीस नहीं करता था लेकिन आंटी और में बहुत बातें करते थे जब भी मिलते थे। फिर 20 साल तक की उम्र तक मैंने दोस्तों के साथ ब्लू फिल्म ही देखी थी और उससे ज़्यादा कुछ किया भी नहीं था लेकिन मेरा भी मन था कि किसी लड़की को चोदूं लेकिन मन नहीं करता था ये सब करने का दोस्तों में उस वक़्त तक फट्टू था। फिर मुझे ऑफर्स तो बहुत आए लड़कियों के लेकिन मैंने कुछ नहीं किया खेर छोड़ो बीती बात।

फिर एक दिन मेरी किस्मत ही बदल गई उस दिन होली थी और हम सब जमकर होली खेल रहे थे। फिर उनमे हमारी किरायदार आंटी जिनका नाम कामिनी था वो भी आई थी। क्या माल लग रही थी वो.. में तो उन्हे देखकर शरमा ही गया और लाल लाल गुलाल में तो वो और मस्त लग रही थी, क्या कयामत लग रही थी उस वक़्त जी कर रहा था वहीं से उठाकर ले जाऊँ किसी रूम में और चोद दूँ। लेकिन में क्या करता उस वक़्त गांड में इतना दम नहीं था। फिर आगे बड़कर हम सब एक दूसरे को रंग लगा ही रहे थे कि अचानक पीछे से दो हाथ आगे आए और मेरे चेहरे पर रंग लगा दिया। फिर मैंने पीछे मुड़कर देखा तो वो कामिनी आंटी ही थी।

फिर वो मेरा पहला टच था आंटी के साथ.. उस वक़्त मेरे जिस्म में गुदगुदी हो उठी थी उनके हाथों के छूते ही। फिर मैंने उन्हे कहा कि आंटी इसका बदला में ज़रूर लूँगा और फिर थोड़ी ही देर में मैंने आंटी को पीछे से पकड़ा और रगड़ दिया सारा रंग उनके मुहं पर और गले पर भी लेकिन रंग लगाने की जल्दबाजी में अचानक से मेरा हाथ उनके एक बूब्स पर ज़ोर से टकरा गया। तभी मैंने तुरंत अपना हाथ वहाँ से हटा लिया लेकिन मैंने देखा कि आंटी मुस्कुरा रही थी। फिर मैंने भी कुछ नहीं कहा और फिर हमने उस दिन एक दूसरे को खूब रंग लगाया। फिर उस दिन के बाद से तो मैंने मन ही बना लिया था कि आंटी को ही चोदूंगा सबसे पहले। फिर उस दिन से में आंटी के नाम की बहुत मुठ मारा करता था। कैसी होगी उनकी चूत कितना मज़ा आएगा आंटी की चूत मारने में.. ये सब सोच कर ही में झड़ जाया करता था। फिर उस वक़्त में पतला था तभी मैंने सोचा कि आंटी को कैसे पटाऊँ?

दोस्तों में यहाँ पर थोड़ा रुकता हूँ और आपको ये बता देता हूँ कि लड़कियों में सेक्स करने की इच्छा लड़को से 3 गुना ज़्यादा होती है और एक लड़की 3-4 इंच के लंड से भी संतुष्ट हो सकती है ऐसा किसी किताब में नहीं लिखा है कि 6 इंच का लंड ही संतुष्ट कर सकता है लेकिन जितना लंबा लंड होगा उतना बंदा सेक्सी लगता है और एक सीक्रेट और बताता हूँ कि लड़कियाँ मोटा लंड ज़्यादा पसंद करती है क्योंकि लम्बा मोटा लंड चूत को ज़्यादा खोल देता है और फाड़ देता है। लडकियों की चूत में एक बहुत ही ज़्यादा हाई सेन्सिटिव पॉइंट होता है जो 2-3 इंच अंदर होता है चूत में ऊपर की तरफ आगे.. अगर उसे रगड़ दो तो लड़कियाँ पागल हो जाती है उनको सबसे ज़्यादा मज़ा उसी में आता है और अगर आपने ढंग से उस पॉइंट को रगड़ दिया तो लड़कियाँ झड़ जाती है और सही तरीके से लड़कियाँ प्यार करने लगती है। जैसे हमारे लंड में होता है सामने का सूपाड़ा।

इसलिए मैंने कहा था कि 3-4 इंच का लंड भी संतुष्ट कर सकता है लडकियों को लेकिन दोस्तों ये मत समझना मेरा लंड छोटा है। मेरा लंड 6.5 इंच लंबा है। फिर मैंने सोचा कि आंटी का फिगर तो मस्त है। सीधा सा मतलब ये था कि कोई ऐरा ग़ैरा तो नहीं पटा सकता था उनको। फिर मैंने सोचा कि आंटी को कैसे पटाऊँ.. तो मैंने सोचा कि आंटी को में अपना शरीर दिखा कर पटाता हूँ। फिर मेरे घर के थोड़ी पास में जिम था.. तो मैंने उसी दिन से जिम जाना शुरू कर दिया। फिर आंटी को दिखाना जो था और रोज़ तेल से लंड की मालिश करने लगा। फिर ऐसे करते करते 6 महीने बीत गए और मैंने उन 6 महीनों में केवल आंटी के नाम से ही मूठ मारी।

दोस्तों ज़्यादा मूठ मत मारना वर्ना आपके सारे सर के बाल झड़ जाएँगे। मेरे बहुत से दोस्तों के बाल गायब हो चुके है.. फिर में तो बहुत तड़पा उन 6 महीनों में आंटी के लिए बहुत सारी पॉर्न मूवी देखी और मूठ मारी। फिर 6 महीनों के बाद मेरी बॉडी अच्छी थी और मेरा वजन बढ़ गया था.. में दिखने में पहले से बहुत अच्छा हो गया था। फिर एक दिन मैंने सोचा कि आज आंटी से बात करता हूँ। (दोस्तों कोई भी लड़की बिना बात करे नहीं पटेगी तो पहले आपको बात करनी ही पड़ेगी और आपको ही रिस्क उठना पड़ेगा।) फिर में एक दिन ऊपर छत पर गया पानी की टंकी भरने.. तभी मैंने देखा कि आंटी का पति उनको बाय कर रहा था ऑफीस जाने के लिए। फिर उनके जाने के बाद मैंने मौका देखकर हाथ मार ही दिया।

उस दिन नाईटी में आंटी क्या माल लग रही थी और उनके बूब्स तो बिल्कुल बाहर आने को तैयार हो रहे थे और मेरा जी कर रहा था कि सीधा जाऊँ और ज़ोर से दबा दूँ। फिर उसके बाद आंटी ने मुझे देखा और हँसी फिर कहा कि क्या कर रहे हो? आंटी की आँखें इतनी सुंदर है कि में तो शरमा गया उन्हे देखकर क्या नशीली आंखे थी। तभी मैंने आंटी से कहा कि वो में पानी भरने आया था ऊपर टंकी खाली है ना। फिर उन्होंने पूछा कि क्या आज कॉलेज नहीं गये तुम? तभी मैंने कहा कि आज छुट्टी है। फिर मैंने सोचा कि मौका अच्छा है फिर मैंने बात को आगे बढ़ाया और फिर उनके पति के बारे में पूछा कि वो कहाँ पर काम करते है वगेरह वगेरह। फिर आंटी को थोड़ा अच्छा लगा बातों में बहुत हंसी मज़ाक किया। (दोस्तों लड़की को पटाने के लिए आपको उसे हँसाना ही होगा वरना वो आप में कोई रूचि नहीं दिखाएगी और आप मूठ ही मारते रह जाओगे।

फिर मैंने आंटी से 10 मिनट तक बात की.. फिर आंटी ने मुझे कहा कि में नाश्ता कर रही हूँ तुम हमारे घर कभी नहीं आए हो तो तुम्हे आज चाय तो पीनी ही पड़ेगी। फिर मैंने पहले मना किया लेकिन मैंने सोचा कि अगर अपनी मंज़िल पानी है जिसके लिए तू 6 महीनों तक जिम गया और मालिश की लंड की तो उसे मना नहीं कर सकता। तभी मैंने थोड़ी ना नुकर करने के बाद हाँ कर दी। फिर में अंदर बैठ गया इतने में आंटी ने कहा कि में चाय बनाती हूँ तो आंटी चाय बनाने चली गई। फिर मैंने सोचा कि बात आगे कैसे बड़ाऊँ कैसे होगा ये सब? फिर उस वक़्त मेरे दिमाग़ में एक रिस्की आईडिया आया, मैंने अपना लंड खड़ा कर दिया (आंटी की चूत के बारे में सोच सोचकर) ये रिस्की काम था लेकिन एक ना एक दिन तो रिस्क लेना ही था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने अपना लंड खड़ा कर दिया। फिर उसके बाद आंटी रूम में चाय लेकर आई और मेरा लंड तो खड़ा हुआ ही था तो मैंने डर कर मारे अख़बार अपने लंड के ऊपर रख दिया। फिर आंटी ने मुझे चाय पकड़ाई और फिर कहा कि तुम्हारी बॉडी तो पहले से बहुत अच्छी हो गई है। फिर में उनकी बातें सुनकर बहुत प्रभावित हुआ। तभी मैंने उन्हे धन्यवाद कहा और मन ही मन सोचा कि जानेमन तुम्हारे लिए ही तो बनाई है ये बॉडी और ये लंड भी।

फिर आंटी ने कहा कि क्या आज तुमने अख़बार में पड़ा एक न्यूज़ आई है? तभी मैंने कहा कि नहीं। फिर उन्होंने कहा कि अख़बार देना.. लेकिन वो मेरी जांघ के ऊपर रखा था जिसके नीचे मेरे लंड का बुरा हाल था। पहले तो में डरा लेकिन आंटी के कहने पर जैसे ही मैंने उन्हे अख़बार पकड़ाया.. मेरा लंड आंटी को साफ साफ दिखाई दे गया। फिर मैंने अपनी नज़र शरम के मारे घुमा ली और आंटी से बात करनी शुरू कर दी किसी और टॉपिक पर.. लेकिन आंटी मुझसे बात करने के बहाने से बार बार मेरे लंड को देखे जा रही थी और उनके चेहरे पर एक कातिल सी हंसी थी.. लेकिन मेरा मुहं तो लाल हो गया था शरम के मारे।

फिर थोड़ी देर के बाद ऐसे ही बात करते करते जब मेरा पूरा लंड बैठ गया तो में उठा और जाने लगा लेकिन आंटी ने कहा कि रोहित रूको अभी कहाँ जा रहे हो? अभी तो तुम आए हो। फिर मैंने कहा कि मुझे देर हो रही है लेकिन उस दिन मेरा कॉलेज बंद था तो में कुछ बोल भी नहीं पाया लेकिन में समझ गया था कि आंटी के मन में कुछ तो है। फिर में वहीं पर बैठ गया और थोड़ी देर बाद मैंने कंप्यूटर की बात छेड़ दी तो आंटी को याद आया कि उनका लेपटॉप ढंग से काम नहीं कर रहा है। फिर उन्होंने मुझे लेपटॉप दिखाया वो लेपटॉप मैंने अपनी जांघ के ऊपर रख लिया। फिर मैंने लेपटॉप में एंटीवाईरस डाउनलोड किया और इनस्टॉल कर दिया।

तभी आंटी ने मुझे बोला कि क्या तुम्हारा फ़ेसबुक अकाउंट है? तभी मैंने कहा कि हाँ लेकिन उन्होंने कहा कि मेरा नहीं है प्लीज तुम मेरा बना दो तो फिर मैंने कहा कि ठीक है। तभी में अकाउंट बना ही रहा था कि उसमे पासवर्ड का आप्शन आया तो मैंने कहा कि आंटी पासवर्ड टाईप कीजिए लेकिन लेपटॉप तो मेरी जांघ के ऊपर रखा था तो आंटी मेरे पास आ गई और मुझ से चिपक गई और टाईप करने लगी लेकिन जब आंटी टाईप कर रही थी तो मेरे लंड पर ज़ोर पड़ रहा था उनके टाईप करने की वजह से और मेरा लंड खड़ा हो रहा था लेपटॉप के नीचे। क्योंकि लेपटॉप मेरी जांघ के ऊपर जो था।

तभी मैंने एक चीज़ नोटीस की.. टाईप करने के बहाने से आंटी बार बार मेरे लंड पर हाथ टच कर रही थी। फिर पहले मैंने सोचा लेपटॉप अपनी जांघ से उठा लेता हूँ लेकिन फिर मैंने सोचा छोड़ साले को मुझे तो मज़ा आने लगा और मुझे पता था कि आंटी जानबूझ कर कर रही है और इधर धीरे धीरे मेरा लंड तो खड़ा होना शुरू हो गया था लेकिन मैंने कंट्रोल किया। फिर आंटी किचन में गई और मुझे कहा कि रोहित इधर आओ तो में वहाँ पर गया। वो किचन छोटा सा था तो आंटी मेरे आगे खड़ी हो गई उनकी गांड मेरे लंड से टकरा रही थी। फिर उन्होंने कहा कि ऊपर से वो सारे सामान उतार दो। तभी वो ठीक मेरे सामने खड़ी हो गई.. में भी जोश में आ गया और आंटी से चिपक गया।

फिर आंटी मेरे सामने खड़ी थी पीठ दूसरी तरफ करके। फिर में जब जब ऊपर होता उनकी गांड पर अपना लंड टच करता हल्के से और शायद आंटी भी नोटीस कर रही थी और शायद आंटी को भी बहुत मजा आ रहा था। तभी उन्होंने भी अपनी गांड हिलानी शुरू कर दी हल्के हल्के पीछे की तरफ और मुझे टच करने लगी। फिर मेरा लंड तो खड़ा हो चुका था लेकिन उसके बाद जो हुआ वो मैंने भी उम्मीद नहीं की.. अचानक आंटी ने अपना सीधा हाथ मेरे लंड पर दे मारा जो मेरे आँड में जा लगा। फिर मेरे मुहं से आवाज निकली आओउूच।

फिर आंटी पीछे मुड़ी और मुझे कहा कि क्या कुछ हुआ? तभी नहीं मैंने कहा कि कुछ नहीं और फिर आंटी ने मुझे सॉरी बोल दिया और फिर पूछा कि तुम्हे लगी तो नहीं? लेकिन फिर में जोर से हंस दिया। तभी आंटी ने कहा कि इसमे हंसने वाली क्या बात है? फिर मैंने कहा कि कुछ नहीं.. लेकिन आंटी मुझसे फिर पूछने लगी। तभी मैंने सोचा बेटा रोहित अब बोल दे मौका मस्त है। तभी मैंने कहा कि आंटी नीचे लगी है। तभी आंटी ने कहा कि कहाँ पर नीचे? फिर पहले तो में थोड़ा हिचकिचाया लेकिन फिर मैंने बोल ही दिया कि आंटी आपका हाथ ज़ोर से मेरे मेन पॉइंट पर लगा है। तभी आंटी ने कहा कि प्लीज मुझे माफ़ कर दो.. कहीं तुम्हे ज़्यादा जोर से तो नहीं लगी? फिर मैंने कहा कि नहीं आंटी। फिर आंटी हंसी और दूसरे रूम में गई फिर 5 मिनट के बाद वापस आई और मुझ से कहा कि रोहित क्या तुम्हे एक बात बोलूं बुरा मत मानना? फिर मैंने कहा कि बोलिए आंटी..

आगे की कहानी अगले भाग में …

धन्यवाद …

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