चाची को अपनी बीवी बनाया

प्रेषक : सन्नी ..

हैल्लो फ्रेंड्स.. में कामुकता डॉट कॉम का रेग्युलर रीडर हूँ और मैंने इस साईट पर कई सेक्सी स्टोरी पढ़ी है। फिर एक दिन मैंने सोचा कि अपना सेक्स अनुभव आप सबके साथ शेयर करूं और में यह उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी आप सबको बहुत पसंद आएगी। दोस्तों.. में अब अपनी स्टोरी पर आता हूँ और यह बात तब की है जब में बारहवीं में था और में उस समय 19 साल का था। दिखने में बहुत अच्छा था और में मेरे चाचा चाची के साथ रहता था। पहले में मेरी चाची के बारे में बताता हूँ.. वो एक बहुत खूबसूरत औरत है और उनका फिगर 34-28-34 है जो कि उन्होंने मुझे बाद में बताया था और उनका नाम शालिनी है.. वो 36 साल की है।

एक दिन में सुबह जब कॉलेज जाने के लिए उठा और उठकर सीधा बाथरूम में नहाने चला गया और नहाने के बाद मैंने देखा कि मेरी अंडरवियर मुझे कहीं पर भी नहीं मिल रही थी और उस वक़्त चाचा जी और मेरा चचेरा भाई घर पर नहीं था। मैंने चाची से पूछा कि मेरी अंडरवियर कहाँ पर है.. क्या अपने उसे कहीं देखा है?

चाची : अरे सन्नी यहीं पर होगी तू देख ना।

में : मैंने देखा चाची लेकिन कहीं पर भी नहीं है।

फिर चाची ने मेरी अंडर वियर को बहुत ढूंढा.. लेकिन उन्हे भी नहीं मिली।

में : अब में क्या करूं मुझे कॉलेज भी जाना है और वैसे भी में बहुत लेट हो चुका हूँ।

चाची : तो तू एक काम कर ऐसे ही चला जा वैसे भी अंदर कौन देख रहा है?

में : नहीं चाची मुझे ऐसे अच्छा महसूस नहीं होता है।

चाची : तो अब क्या करें? और तेरे चाचा भी आज तो यहाँ पर नहीं है.. तू एक काम कर.. तू मेरी पेंटी पहन ले।

चाची के पास दो साईज़ की पेंटी थी.. एक बड़ी थी और दूसरी उससे छोटी थी और चाची ने छोटी पेंटी पहन रखी थी और चाची ने मुझे बड़ी साईज़ वाली पेंटी लाकर दी।

में : चाची यह तो मुझे बहुत बड़ी हो रही है।

चाची : लेकिन मेरे पास तो यह एक ही है और एक मैंने पहनी है।

में : तो अब क्या करे?

चाची : तू थोड़ी देर रुक।

फिर चाची बाथरूम में गयी और अपनी पेंटी उतारकर मुझे दी.. फिर मैंने पहनी तो वो मुझे एकदम फिट रही और मैंने चाची से कहा कि यह कहाँ से लाई? तो चाची ने कहा कि मेरी उतारकर तुम्हे दी है। तो में चाची को देखता रहा और स्माईल करके कॉलेज चला गया। फिर जब में शाम को घर आया तो चाची को देखकर मैंने स्माईल की और बोला कि चाची तुम तो एकदम लक्की हो।

चाची : वो क्यों?

में : तुम्हे इतनी अच्छी और मुलायम पेंटी पहनने को मिलती है.. तो चाची थोड़ा मुस्कुराई और खाना लगाने चली गयी। उस दिन घर पर कोई नहीं था.. सब बाहर गये थे। फिर में रात में चाची के रूम में किसी काम से गया तो मैंने देखा कि चाची बैठी थी.. तो मैंने पूछा। कि..

में : यह क्या कर रही हो चाची?

चाची: कुछ नहीं मेरा मूड बहुत खराब है।

में : क्या हुआ चाची?

चाची : कुछ नहीं मुझे तेरे चाचा की बहुत याद आ रही है।

में : वो क्यों?

चाची : तू नहीं समझेगा जाने दे चल छोड़।

में : बोलो ना चाची। फिर मैंने उन्हें बहुत कहा और तब जाकर वो बोली।

चाची : तेरे चाचा रोज मुझे प्यार करते है.. लेकिन वो आज नहीं है इसलिए मुझे उनकी बहुत याद आ रही है।

मेरे चाचा बिजेनस टूर पर आऊट ऑफ स्टेशन गये थे और वो मेरे कज़िन को भी साथ में ले गये थे।

में : चाची वो क्या क्या करते थे?

चाची : कुछ नहीं तू बहुत बातें करने लगा है.. जाकर सो जा।

में : प्लीज चाची मुझे भी बताओ ना।

चाची : चल ठीक है तू इतना कहता है तो थोड़ा बहुत बता देती हूँ।

फिर चाची ने सब कुछ बताया और वो सब सुनकर मेरा लंड पेंट में ही खड़ा हो गया और फिर चाची ने वो देख लिया और बोली कि तू तो बहुत बड़ा हो गया और मुस्कुराने लगी।

में : चाची क्या में आपके चूचे देख सकता हूँ? प्लीज एक बार।

चाची : नहीं.. पागल हो क्या? क्या बोल रहे हो?

फिर मैंने बहुत कहा.. तो चाची ने बोला कि ठीक है.. लेकिन यह बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए और फिर चाची ने अपनी साड़ी उतारी और बोला कि लो देखो। तो मैंने चाची को बोला कि मुझे आपको पूरा नंगा देखना है। उन्होंने साफ मना कर दिया और फिर में बोला कि अब इतना सब दिखाया तो एक बार वो भी दिखा दो प्लीज। उन्होंने कहा कि ठीक है और फिर वो मेरे सामने पूरी नंगी हो गयी। में तो उन्हे देखकर पागल ही हो गया और में तो उनके बूब्स और चूत को लगातार देखे ही जा रहा था वो मुझे बहुत गरम कर रहे थे। फिर चाची भी गरम होकर मूड में आ गयी और बोली कि मेरे जिस्म को तो तुमने देख लिया अब तुम्हे भी कुछ मुझे दिखना होगा। में यह बात सुनकर झट से पूरा नंगा हो गया और चाची मेरे लंड को देखकर बोली.. वाह यह तो बहुत मस्त है और बहुत बड़ा भी है। फिर मैंने कहा कि क्या में आपको छूकर देख सकता हूँ? तो अब उन्होंने कुछ नहीं कहा बस शरम से थोड़ा सर नीचे झुका दिया और उनकी ख़ामोशी को में समझ गया। मैंने उनके बूब्स को धीरे से हाथ लगाया और उन्हे धीरे धीरे मसलने और दबाने लगा। लेकिन अब मुझसे रहा नहीं गया और में बोल पड़ा कि चाची में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और मुझे आपको एक बार चोदना है। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर क्या था मुझे पता था कि चाची को भी यही चाहिए था.. लेकिन उन्होंने बोला कि में मेरे पति के अलावा किसी और मर्द से नहीं चुदवा सकती। अगर तुम्हे मुझे चोदना है तो पहले मुझसे शादी करनी होगी। तो मैंने कहा कि ठीक है आप जैसा कहे में करने को तैयार हूँ। तभी चाची ने कहा कि तुम बाहर जाकर बैठो और कुछ देर बाद मुझे चाचा की शेरवानी लाकर दी और मुझसे बोली कि तुम इसे पहन लो और फिर में दूसरे कमरे में जाकर तैयार हुआ। तभी थोड़ी देर बाद चाची बाहर आई.. में तो उन्हे देखकर हैरान ही रह गया वो एकदम नयी नवेली दुल्हन की तरह सजधज कर बाहर आई थी। उन्होंने लाल कलर की साड़ी पहनी थी और वो उसमे एकदम मस्त लग रही थी। फिर मैंने अग्नि जलाई और चाची और मैंने एक दूसरे का हाथ पकड़ कर अग्नि के सात फेरे लिए और मैंने उनकी माँग में सिंदूर भरा और फिर उन्होंने अपना मंगलसूत्र उतारा और मेरे हाथों में देकर बोला कि अब तुम इसे मुझे पहना दो। तो मैंने वो मंगलसूत्र उन्हें पहना दिया और फिर उन्होंने मेरे पैर छुए और कहा कि आज से में आपकी धर्म पत्नी हूँ और आप जो चाहो वो मेरे साथ कर सकते हो।

फिर में चाची को अपनी गोद में उठाकर बेडरूम में ले गया और उन्हे एक जोरदार किस किया.. फिर मैंने उन्हें धीरे से बेड पर लेटा दिया और उनकी साड़ी को धीरे से उतारा। फिर ब्लाउज भी उतार दिया और फिर ब्रा भी.. ऐसा करके मैंने उन्हे पूरा नंगा कर दिया.. जैसे ही मैंने उनकी ब्रा को उतारा उनके बूब्स मेरे सामने आकर लटक गए जिन्हें देखकर में और भी गरम हो गया और में जल्दी से उनके बूब्स को मुहं में लेकर चूसने लगा और उनका सारा दूध पी लिया.. मेरे चूसने, दबाने से उनके बूब्स लाल हो गये और अब में उनकी चूत के पास गया। मैंने उनकी चूत को बहुत ध्यान से देखा.. वो चूत रस से पूरी तरह गीली हो चुकी थी। मैंने अपनी जीभ चूत में घुसा दी और चूत का रस पिया। क्या स्वाद था यारो.. में तो उस चूत का दीवाना हो गया। तो चाची मेरी इस हरकत से सिसकियाँ लेने लगी और मेरे सर को अपने दोनों हाथों से पकड़कर चूत पर दबाने लगी और करीब दस मिनट बाद चाची की चूत ने अपना सारा रस छोड़ दिया। जिसे में चाटकर साफ कर गया और वो थोड़ी देर बेजान होकर पड़ी रही। फिर मैंने चाची से कहा कि मेरा लंड चूसो तो उन्होंने एक झटके में मेरा पूरा लंड मुहं में ले लिया और लोलीपोप की तरह चूसने लगी और में उनके मुहं में अपने लंड को ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर अंदर डालने लगा जिससे उनकी सांसे रुकने लगी और आंखो से आंसू आने लगे और थोड़ी देर बाद मैंने उन्हें सीधा लेटा दिया और उनकी चूत पर अपना लंड रखा और ज़ोर का धक्का दिया.. मेरा पूरा लंड उनकी चूत में समा गया और चाची ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी अहह ईईईइ सन्नी प्लीज़ धीरे करो उफफ्फ्फ्फ़ मुझे बहुत दर्द हो रहा है प्लीज.. लेकिन अब मुझे मज़ा आने लगा और में उन्हे ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा।

फिर 20 मिनट चोदने के बाद मेरा वीर्य निकलने वाला था। मैंने चाची से बोला कि मेरा निकलने वाला है कहाँ पर निकालूँ? उन्होंने कहा कि जी में आपकी पत्नी हूँ.. तो मैंने कहा कि ठीक है और फिर मैंने चाची की चूत को अपने पूरे रस से भर दिया और में उनके बदन पर थककर गिर गया और फिर में उन्हें किस करते करते सो गया और जब सुबह उठा तो मेरा लंड चाची की चूत में वैसा ही था और फिर चाची भी उठी और मुझे एक किस किया और नहाने चली गई और फिर हम दोनों साथ में नहाए और फिर में नाश्ता करके चाची की पेंटी पहन कर कॉलेज चला गया।

दोस्तों.. अब में कभी भी चाची को चोद सकता हूँ क्योंकि अब वो मेरी पत्नी है और मुझे जब भी मौका मिलता है उनकी चुदाई करता हूँ और हमेशा सुबह नहाने के बाद उनकी माँग में सिंदूर भरता हूँ। रोज़ सुबह एक बार चुदाई करने के बाद ही कॉलेज जाता हूँ ।।

धन्यवाद …

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