ज़हीर की चुदाई

प्रेषक : जहीर

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम ज़हीर है और मेरी उम्र 26 साल है। में अकेला बड़े आलीशान फ्लेट मे रहता हूँ। मेरे फादर का अच्छा बिजनेस था। में जब कॉलेज मे था तब में पार्ट टाईम ऑफिस जाता था। इसलिए कि सम्भालने मे कोई प्राब्लम नहीं आये। मेरे रिश्तेदार मुझे शादी करने की बात कहते थे लेकिन मुझे इतनी जल्दी शादी नहीं करनी थी लेकिन मेरे अंदर जवानी का पूरा जोश था और पैसे की कोई कमी नहीं थी। मे काफ़ी गुड लुकिंग और मेरे अमिर होने से लड़कियां हमेशा मेरे पास आसानी से आ जाती थी। मेरी कई गर्लफ्रेंड्स थी और में सब को पटा कर उनकी चुदाई करता था और कभी कभी कॉल गर्ल्स के पास भी जाता था।

मे चुदाई का बहुत मज़ा लेता था। मुझे चुदाई करने का बहुत शौक था और ऐसे ही करीब दो पांच साल बीत गये। एक दिन में लिफ्ट मे घर जा रहा था। तब मुझे एक बहुत चिकनी लड़की दिखी वो मेरे साथ लिफ्ट मे थी। मे उसे देखते ही पागल हुआ ऐसी ब्यूटीफुल लड़की आज तक मैने नहीं देखी थी, वो एक फ्लोर नीचे उतर गयी।

अगली सुबह मैने बिल्डिंग की जिम पर वापस उसे देखा। में जब ऑफीस जाने को निकला वापस वो मेरे साथ लिफ्ट मे थी, पता चला वो मेरी बिल्डिंग मे नयी रहने आयी है। रोज़ मिलते थे हम एक दूसरे को स्माइल देते थे और सिर्फ़ हैल्लो ही कहते थे। कुछ दिनों के बाद हम थोड़ी बाते करने लगे वो अपने फादर के साथ रहती थी और उसकी मदर शांत हो चुकी थी। में उसके फादर को भी कई बार मिला हम काफ़ी फ्रेंड्ली हो गये। मे तो उसके प्यार मे पड़ गया था और हर समय बस यही सोचता था की में कैसे उसे पटाऊँ।

उसका नाम नेहा उम्र 19 साल थी। में हर रात बिस्तर पर यही सोचता काश वो मेरे साथ मेरी बाँहों मे हो और मे उसकी चुदाई करता उसे चोदने की तड़प आती थी। एक दिन वो कॉलेज जाने निकली लेकिन उसका ड्राइवर नहीं आया था तो मैने कहा अंकल को मे उसको कॉलेज छोड़ दूँ तो अंकल बोले ठीक है मे ऑफीस कार मे चला जाता हूँ तुम नेहा को छोड़ दो, इसका कॉलेज तुम्हारे रास्ते मे ही तो है।

मैने कहा उसको प्राब्लम नहीं है तो मे रोज़ उसे छोड़ दूँगा। अंकल ने मुझे हाँ कर दी। अब तो मेरे नसीब खुल गये। उस दिन के बाद हम रोज़ साथ जाने लगे, तभी मैने नोटीस किया कि वो मुझे कुछ अज़ीब नज़र से देखती है। एक दिन वो अपना मोबाइल कार में ही भूल गयी उसमे मैने एक मैसेज पढ़ा। तेरा बॉयफ्रेंड बहुत चिकना है क्या तुम भी उसको चाहती हो उसका जवाब था हाँ वो बहुत सुंदर है और मुझे वो पसंद है लेकिन वो मेरा पड़ोसी है हमारे बीच ऐसा कुछ नहीं है। अब तो मेरा उसे पटाना ओर भी आसान हो गया था। तीन चार दिन के बाद सुबह के समय में जिम गया। वहाँ पर आज हमारा ट्रेनर नहीं आने वाला था और हम दोनो ही थे। तो मैने उससे कहा नेहा में एक बात बोलू? तुम बहुत सुंदर दिखती हो अगर एक दिन भी तुम्हे ना देखूं तो मेरा दिल नाराज़ होता है। तुम बताओ कि मुझे ऐसा क्यों होता है क्या तुम्हे भी ऐसा होता है?

नेहा कुछ नहीं बोली बस चुपचाप मुझे सुन रही थी और में बोला नेहा तू मेरे दिल मे बस गई है। में तुझसे प्यार करने लगा हूँ। अब चाहे तो मुझे अपने दिल में बसा ले मैने उसको बाँहों में लिया और कहा नेहा बताना क्या तू भी मुझसे प्यार करती है? फिर बिना बोले ही उसने जवाब के रूप मे मेरे सर पर अपने हाथ से मेरे बालो पर अपनी उँगलियाँ फेर दी।

में खुश हो गया और बिना रुके मैने उसे किस करते हुए उसके बाल पर हाथ फेरा और दोबारा में शुरू हो गया लिप किस करने में और वो साथ देने लगी। नेहा को भी मेरी बाँहों में रहना अच्छा लगता था। पहले पहले जब मे उससे चूमता था तो वो शरमाती थी लेकिन अब उसे भी मेरा चूमना अच्छा लगने लगा था। नेहा को चूमते चूमते मे कभी कभी उसके सीने पर हाथ घुमाके उसकी बूब्स भी सहलाने लगा था। जब मे उसके पीछे खड़ा रहके उसके बूब्स सहलाता था तो उसे मेरे उठे हुए लंड का आहसास अपनी गांड पर होता था।

उसे ये सब करना अच्छा लगता था। अब जब हम दोनो अकेले मिलते तो में उसके बूब्स को दबाता ओर सहलाता एक बार मैने उसकी शर्ट के बटन खोल दिए, उस वक़्त उसे घबराहट हुई। मैने उसके बदन को सहलाते हुए उसको अपनी बीवी बनाने की बात की। मेरी जान मुझे करने दे में तेरा जो होने वाला पति हूँ और मैने उसके बूब्स को मुहं मे लेकर चूसा, वो बोली आप क्या कर रहे हो। मैने कहा डार्लिंग ये तो दुनिया का सिलसिला है। मर्द अपनी बीबी के चूसते है तेरे बूब्स बहुत मस्त है। नेहा शरमाई मेरी। मैने कहा जान मत शरमाओ कुछ टाइम बाद हम घर गये। रात को उसके पापा का फोन आया और कहने लगे ज़हीर मे कल सुबह दो दिन के लिए आउट ऑफ स्टेशन जा रहा हूँ। प्लीज़ नेहा अकेली है तुम कुछ समय के लिये देख लेना वैसे उसकी कुछ फ्रेंड्स आ रही है लेकिन फिर भी तुम मेरे यहाँ नहीं होने पर उसे देख लेना। आज मेरे नसीब खुल गये, वो शनिवार था। में सुबह जिम गया तो वो वहाँ पर नहीं आई थी। करीब 10 बजे उसके पापा का फोन आया और मेरा हाफ डे था। लेकिन मैने पूरे दिन की छुट्टी ले ली मैने नीचे जाकर उसके घर की बेल बजाई। मैने सिर्फ़ शोर्ट टी-शर्ट और पेंट पहनी थी गर्मी के समय में यही ही पहनता हूँ। और रात को सिर्फ़ लूँगी आज मैने सोचा नेहा की चुदाई कर डालूं। उसने दरवाजा खोला और बाथरूम में चली गई और बाहर निकली पतला सा गाउन पहन कर पूरे बाल गीले वो बहुत सेक्सी लग रही थी। सच में उसके वो खुले बाल उसका वो गाउन जिसमे वो ऊपर से नीचे तक पूरी नंगी दिखाई दे रही थी। में बस उसकी ब्रा और पेंटी को ही देख रहा था, उसमें उसके बड़े बड़े बूब्स साफ दिख रहे थे। मैने सोचा आज दिन भर उसे बाँहों में लेकर पड़ा रहूँ । मैने कहा तू तो राईट साईड से नेहा आज तो खूबसूरत दिख रही है। यह गीले खुले बाल पूरा भीगा बदन और यह गुलाबी पेंटी। नेहा बोली क्या आज ऑफीस नहीं है। में बोला हाँ हे लेकिन हाफ डे है सोचा ऐसा मौका कब मिले तू जाने कब घर पर अकेली होगी दिल करता है तुझसे प्यारी प्यारी बाते करूं। वैसे मुझे भी कुछ ज़्यादा काम नहीं था सोचा आज का दिन में तेरे साथ गुजार लूँ इसलिये ऑफिस नहीं गया।

अगर तुझे मेरा साथ नहीं चाहिए तो में चला जाता हूँ। तभी वो बोली नाराज़ क्यों होते हो मुझे तो आज बहुत खुशी हुई कि तुम घर पर आए हो। आओ चलो में तुम्हारे लिये कॉफी बनाती हूँ और हम दोनो मिलकर पीते है। अब वो तैयार थी। में किचन में गया उसके पीछे और वो कॉफी बना रही थी। मैने उसको पीछे से देखा उसकी ब्रा पेंटी से पूरा का पूरा शरीर दिख रहा था उसके गाउन से उसे देख कर अब मेरी हालत बहुत खराब थी, अब तो मेरा लंड उठने लगा था।

में कुछ समय बाद वहाँ से बाहर आ गया और वो कॉफी बना कर दो कप मे लाई थी। मैंने कहा हम एक ही कप से पीयेंगे। हमने एक ही कप से एक दूसरे की झूठी कॉफी पी ली, मैने कहा मेरी जान अगर तू मुझसे सच्चा प्यार करती है तो मेरी एक बात मानेगी ? मुझे आज तुमसे कुछ चाहिए तो वो बोली तुझे जो माँगना है माँग ले सिर्फ़ इतना ख्याल रख की ऐसा कुछ माँग जो में तुझे दे सकूँ, तो वो बोल तुझे क्या चाहिए मुझसे?

वो आज पूरी तरह से फसं गई थी। मैने कहा नेहा आज तू बड़ी सेक्सी लग रही है। यह भीगा बदन, खुले बाल और यह गुलाबी पेंटी तुझे और सेक्सी बनाती है। मैने आज तक तेरा कपड़ो से ढका बदन देखा है। लेकिन आज मुझे तेरे नंगे बदन का दीदार करना है। आज घर पर कोई भी नहीं है तो आज मौका भी है। नेहा ने आँखे झुका ली और बोली ज़हीर कैसी बाते करता है तू।

मुझे तेरे सामने कपड़े उतारने में कितनी शर्म महसूस होगी। जाओ हटो में ऐसा नहीं करूँगी। मैने उसको छू कर कहा नेहा मेरी जान हम तो शादी करने वाले है। और तुझे हर रोज़ मेरे सामने नंगा होना है। ये तो दुनिया का सिलसिला है प्लीज़ मेरी यह इच्छा पूरी करो नेहा। तभी नेहा शरमा गयी और बोली ज़हीर मुझे शर्म आती है और डर भी लगता है कही में नंगी हुई तो तुम कुछ कर डालोगे। मैने कहा नेहा, तू डर मत में हूँ ना।

कुछ नहीं होगा और में तुझसे प्यार करता हूँ और तुझसे ही शादी करूँगा लेकिन आज मुझे तेरा नंगा बदन देखना ही है। बोल खोल दूँ तेरे गाउन के बटन और ऊतार डालूं तेरा गाउन लेकिन वो मेरी आँखों में ही देखती रही और नेहा बोली लेकिन ज़हीर तू मेरे पापा को नहीं जानता वो बहुत ही खतरनाक है। तो कैसे होगी हमारी शादी? नेहा के गाउन का एक बटन खोलते हुए मैने कहा तो क्या हुआ नेहा में तुझे भगा कर ले जाऊंगा और मैने नेहा के गाउन के सारे बटन खोल दिये नेहा ने मना नहीं किया नेहा की चूचियाँ एक दम टाइट थी और उनके निप्पल पिंक कलर के थे और मैने अपने हाथ उसकी चूचियां पर रख कर कहा ओह नेहा तेरी चूचियाँ कितनी मस्त है, अगर तेरी चूचियाँ इतनी मस्त है तो तेरा बाकी का बदन कैसा होगा? नेहा ने अपनी आँखे बंद कर ली थी मैने उसका गाउन पूरा निकाल दिया था।

अब नेहा सिर्फ़ पेंटी में थी। मैने उसको गोद में उठाया और उठा कर बेडरूम मे ले गया और बेड पर सुलाया। अब तक नेहा की आँखे बंद थी। फिर मे भी खुद उसके साइड में लेट गया और नेहा का चेहरा चूमने लगा। नेहा का माथा आँखे गाल चूमते चूमते उसके होंठ चूमने लगा।

आज अब हम दोनो एक दूसरे की बाँहों में थे। अब मे थोड़ा नीचे सरका और नेहा की एक चूची को मुहं में लिया दूसरी को हल्के मसलने लगा। नेहा के लिए यह सब अजीब था। उसके बदन में जैसे ज्वाला भड़कने लगी। अब मैने नेहा के बदन पर आकर उसकी चूचियाँ चूसने और मसलने लगा तो नेहा मदहोश होने लगी और शरमाते हुए कहा तुम मेरे बदन से यह क्या कर रहे हो मेरी जान, तो मैने बोला क्या तुम्हे मज़ा नहीं आ रहा है, में तो मेरी पत्नी के बूब्स चूस रहा हूँ, जो कि हर पति उसकी पत्नी का चूसता है। नेहा तेरा नंगा बदन देखकर मेरा लंड अब काबू में नहीं रहा है। लोग सुहागरात मनाते है तो में तेरी कुवारीं चूत में अपना लंड डाल कर आज सुहागदिन मनाऊंगा। मेरी इतने दिनो की तमन्ना आज पूरी करूँगा और नेहा अगर तुझे जवानी का असली आनन्द चाहिए। तो तू भी दिल और चूत खोलकर मज़ा ले।

नेहा ने मुझे अपने सीने पर दबाया और कहा ज़हीर लेकिन ऐसा करने से बच्चा हुआ तो? मुझे डर लगता है। नेहा की पेंटी उतारते हुए मैने कहा नेहा कुछ नहीं होगा और अगर कुछ हुआ भी तो में तुझसे शादी जो करने वाला हूँ और जैसे ही नेहा नंगी हुई मेरा लंड खड़ा हुआ और में अपने सारे कपड़े उतार कर नेहा के साथ नंगा हो गया और उसके पास खड़ा हुआ और कहा नेहा यह देख अपने पति को नंगा और देख ये लंड… मुझे इसको तेरी चूत में डालना है। और तुझे आज चोदना है। आज तेरी पहली चुदाई करके तुझे मेरी पत्नी बनाऊंगा। लेकिन उसके पहले अपने पति का लंड चूसकर मेरी पत्नी होने का सबूत दे मुझे, मेरा लंड देख कर नेहा शरमा गयी। मैने अपना लंड नेहा के फेस पर घुमाया और उसके होंठो पर रखा। नेहा पहली बार लंड देख रही थी। उसने हिचकिचाते अपने होने वाले पति का लंड मुहं में लिया और चूसने लगी नेहा के मुहं की गर्मी मेरे लंड को महसूस होते ही मेरा लंड और तन गया। अपना लंड नेहा के मुहं में घुसाते हुए और उसकी मस्त चूचियाँ मसलते हुए मैने कहा मेरी जान नेहा मज़ा आ रहा है। ले ओर पूरा का पूरा लंड चूस डाल आज।

तेरे मुहं में मेरे लंड को क्या मस्त गर्मी लगती है और अब ज़िंदगी भर मेरा लंड ऐसे ही चूसते रहना, मेरी जान यह ले अब मेरी गोलीयां भी चूस। लंड मुहं से निकाल कर अब नेहा मेरी गोलीयां चूसने लगी और मे ज़ोर ज़ोर से उसकी चूचियाँ मसल रहा था।

अब मुझे महसूस हुआ कि हम दोनो काफ़ी गरम है। तो मैने अपना लंड नेहा के मुहं से निकाला और नेहा को लिटा कर उसको चोदने को तैयार हुआ। मैंने नेहा की कमर के नीचे दो तकिये रखकर पहले उसकी चूत को चूमा और बाद में अपनी जीभ से उसका रस चाटने लगा। नेहा तो जैसे बिना पानी की मछली की तरह उछल रही थी। फिर मैने उसकी दोनो टाँगे मोड़ कर पेट पर दबाई और अपने गरम लंड का मुहं नेहा की कुवांरी चूत पर रखा और हल्का सा धक्का दिया, तो नेहा को थोड़ा सा दर्द हुआ था।

नेहा की दोनो टाँगे अपने बदन के नीचे लेकर मे दोनो हाथों से उसकी चूचियाँ मसलने लगा और लंड हल्का हल्का अंदर बाहर करके नेहा की टाइट चूत में अपने लंड के लिए जगह बनाने लगा। उसकी चूत बिना चुदी होने की वजह से बहुत टाईट थी। मुझे लंड डालने में बहुत जोर लगाना पड़ा और पहली बार दर्द भी हुआ। नेहा ने मेरा चेहरा छू कर कहा, लंड को आराम से डाल मुझे दर्द हो रहा है। तब मैने कहा नेहा देख दर्द का डर रखेगी तो मजा नहीं ले पाऐगी।

में आज एक ही दिन में तेरा डर खत्म करता हूँ अभी और नेहा को कुछ समझने से पहले मैने अपने होंठ नेहा के होंठों पर रखे और एक ज़ोरदार झटका मारा, नेहा को लगा जैसे कोई चूत को छुरी से फाड़ रहा है। उसकी चूत की सील बुरी तरह से फट गई थी और उसको अपनी चूत से खून बहने का आहसास हो रहा था और उसकी आँखो में आंसू आ रहे थे। उसने दर्द से चिल्लाना चाहा लेकिन मेरे होंठो की वजह से वो नहीं चीख पाई, उसकी चीख मुहं में ही दब गयी थी। वो छटपटाने लगी और मुझे अपने ऊपर से उतारने की कोशिश करने लगी। लेकिन मे कोई कच्चा खिलाड़ी नहीं था। अपना लंड नेहा की चूत में दबा कर रखा और उसके होंठो को चूमते चूमते उसकी चूचियाँ ज़ोरो से मसलने लगा। थोड़ा टाइम ऐसा करने पर नेहा की चूत का दर्द ज़रा कम हुआ मैने अपना मुहं हटाया।

तब नेहा ने कहा ज़हीर प्लीज़ अपना लंड निकालो मुझे बहुत दर्द हो रहा है। मेरी जान जा रही है मुझ पर रहम खाओ, अगर अभी मैने नेहा की बात मान ली तो वो फिर कभी चोदने नहीं देगी। उसको यह भी मालूम था कि एक बार चूत का रास्ता साफ हुआ तो फिर वो कभी भी चुदवाने को तैयार रहेगी।

तो फिर नेहा की बात अनसुनी करते हुए आहिस्ता आहिस्ता उसकी चूत चोदने लगा और साथ साथ उसकी चूचियाँ मसलने लगा। ऐसा करते करते कुछ टाईम बाद नेहा का दर्द थोड़ा कम हुआ। तो उसने मुझे अपनी बाँहों में जकड़ लिया। तो मे समझा की अब नेहा की चूत का रास्ता साफ है। मैने नेहा को फिर से चोदना शुरू किया। नेहा को इतना मज़ा कभी नहीं मिला था। अब वो भी अपनी चूत उठा कर चुदने का मजा ले रही थी।

अपनी चूत चुदवाते हुए उसने कहा ज़हीर और ज़ोर से चोदो मुझे पहले दर्द हुआ था। लेकिन अब चूत में लंड अच्छा लगता है। मेरे पति देव मुझे अगर पता होता की चुदाई में इतना मजा है तो में कभी की तुझसे चुदवा लेती। ज़हीर मुझे बाँहों में ज़ोर से जकड़ कर चोदो, मेरे पतिदेव। नेहा की चूत में लगातार झटके मारते मारते में बोला नेहा मुझे क्या पता था कि तू इतनी जल्दी चुदवाने को तैयार होगी। मुझे तो कई दिनों से तेरी कुवांरी चूत को चोदना था। मेरा लंड तबीयत से चुदाई का आनंद ले रहा है। में नेहा का पूरा बदन अपनी बाँहों में भरकर उसको चोद रहा था।

फिर करीब 15 मिनट तक चोदता रहा। मुझे अहसास हुआ कि मे झड़ने वाला हूँ। तो मैने नेहा की चुदाई और तेज़ कर दी और झटके मारते मारते कहा मेरी जान में झड़ने वाला हूँ। तेरी चूत को चोदकर मुझे झड़ने में बड़ा मजा आएगा और मे उसकी चूत मे ही झड़ गया। दोनो ने एक दूसरे को ज़ोर से पकड़ कर अपनी अपनी वासना शांत की। जब दोनो के बदन का तूफान शांत हुआ तो नेहा को चूमते हुए, मैने बोला कि नेहा आज तेरी चूत चोदकर मैने तुझे मेरी बीवी बनाया है। अब जब तू चाहेगी हम शादी कर लेंगे और फिर में पूरी ज़िंदगी भर तुझे चोदूँगा।

नेहा आज बहुत खुश थी। उसने मुझे प्यार से चूमा ओर में नेहा को अपनी बाँहों मे लेकर पड़ा रहा। नेहा अपने हाथ से मेरे बदन पर सहला रही थी और अपनी उगलियाँ मेरे सर के बालो मे घुसा के बोली, ज़हीर तुम कितने चिकने हो और सेक्सी और तुम्हारे ये बाल तुम्हारे बदन को और सेक्सी बनाते है। ज़हीर मुझे डर लगता है अगर मे प्रेग्नेंट हुई तो मैने कहा तू मत डर कोई बात नहीं कुछ नहीं होगा। अगर कुछ हो गया तो कुछ नहीं हम वैसे भी शादी करने वाले है। फिर मे और नेहा एक दूसरे को बाँहों मे जकड़ कर लेट गये। मैने कहा मेरी जान तुझे और चोदना है। में वापस उसे चोदूं इसके पहले मेरा फोन बज़ा और कुछ अर्जेंट काम के लिए ऑफीस जाना पड़ा, जाते हुए मैने उसे कहा मेरी जान सुहागदिन तो मना लिया। लेकिन अब आज रात को सुहागरात मनाएँगे। तो वो बोली ज़हीर आज रात को मे अपनी दोस्त के घर जाउंगी मैने कहा नहीं तू मेरे घर आएगी और सुहागरात मेरे साथ मनाएगी। तुझे चोद के में अब तेरा पति बन गया हूँ। अब में तुझे जब चाहूँ तब चोद सकता हूँ। तू मुझसे अब मना नहीं कर सकती, अगर आज रात तुम चली गयी तो मुझे भूल जाना, वो बोली ज़हीर नाराज़ मत हो में तुम्हे बहुत चाहती हूँ। तुम जो कहोगे मे करूंगी रात को हम सुहागरात मनाएगे।

रात को हम डिनर लेने बाहर गये और जल्दी लौटे, में उसे कमर से पकड़ कर चूमते हुए घर ले गया। वो बोली ज़हीर तुम्हारा फ्लेट बहुत सुंदर है और इतने बड़े फ्लेट मे तुम सिर्फ़ अकेले, मैने कहा हमारी शादी होगी, फिर हम बच्चे पैदा करेंगे तो फिर ये फ्लेट खाली नहीं लगेगा। में उसे बेडरूम ले गया क्या आलीशान है तुम्हारा बेडरूम मेरी जान, मेरा नहीं आज से हमारा दोनो का है और बेडरूम मे जाते ही अपनी बाँहों में जकड़ लिया और उसको चूमने लगा चूमते चूमते उसके सारे कपड़े निकाल दिए। फिर उसकी चूचियाँ मसलने लगा, में बोला नेहा डार्लिंग मेरे कपड़े निकालो मेरी शर्ट के बटन खोल कर शर्ट निकालो और फिर पेंट की ज़िप खोलकर उसे भी निकालो फिर अंडरवियर भी निकालो।

तभी वो मुझे होंठो पर चूमने लगी और बोली मे आपके लंड को सहलाऊँ तो मैने कहा जानेमन वो तुम्हारा है और वो लंड को सहलाने लगी। फिर मैने उसे दोनो हाथो से उठाकर बिस्तर पर लेटा दिया और उसकी चूचियाँ मुहं मे लेकर चूसने लगा, मेरी जान क्या मस्त है ये मुझे बहुत मज़ा आ रहा है मेरी जान जितना चूसना है चूसो वो बोली, फिर मे करीब 10-12 मिनट दोनो चूचियाँ चूसने लगा। वो चिल्लाई ज़हीर दर्द होता है मे अपनी मस्ती मे था हम दोनो 69 पोज़िशन में आए वो मेरा लंड अपने मुहं मे लेकर चूसने लगी।

वो क्या मस्त चूस रही थी। में उसकी चूत चूस रहा था तो वो एक दम गर्म हो गयी थी। उसकी चूत गीली हो रही थी। मैने कहा मेरा लंड निकालो लेकिन उसे बड़ा मज़ा आ रहा था। लेकिन अब मुझे उसको चोदना था। मैने कहा मेरी जान तुझे चोदना है अगर मे झड़ गया तो वापस लंड जल्दी खड़ा नहीं होगा। बोली जान आपका रस पीना है। मैने कहा हाँ में तुझे पिलाऊंगा लेकिन पहले मुझे चोदने दे उसने लंड निकाला फिर मे उसके ऊपर चढ़ गया और एक ही झटके मे अपना लंड उसकी चूत मे डाल दिया अब मेरा रास्ता खुल गया था। नेहा को चूमते चूमते उसे झटके देकर चोदने लगा। नेहा ने मुझे अपने हाथ से जकड़ा लिया था। मेरा लंड उसकी चूत मे घूमकर चुदाई कर रहा था। तभी वो बोली जान जोर से चोदो बहुत मज़ा आ रहा है और जोर से चोदो। में उसे और तेज़ी से चोदने लगा। दोस्तों क्या मज़ा आ रहा था। करीब 20 मिनट तक नेहा को चोदता रहा फिर लंड झड़ने वाला था। मैने लंड को बाहर निकाला और कहा नेहा ये लो मेरा लंड अपने मुहं मे और हम वापस 69 पोज़िशन मे आए जैसे वो चूसने लगी मेरा लंड उसके मुहं मे झड़ गया वो मेरा सारा वीर्य चाट गई।

फिर मे भी उसकी चूत का पानी पी गया। क्या टेस्टी लगा बड़ा टेस्टी है। मैने कहा अब रोज़ तुझे पिलाऊंगा। उसे अपनी बाँहों मे लिया तो वो कहने लगी तुम चूत बहुत अच्छे से चोदते हो, तो मैने बोला हाँ मेंरी जान अब तो हर रोज़ मे तुझे चोदूँगा। अब तो तू मेरी बीवी जो है फिर रात को उसे दो बार और चोदा। अब हमने शादी कर ली और मेंने उसका नाम आयशा रखा है अब में हर रात को आयशा को खूब बिना डर से चोदता हूँ और वो भी चुद्वाती है बिना रुके हर रात ।।

धन्यवाद …

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