ताऊजी और मम्मी की चुदाई

प्रेषक : विक्की ..

हैल्लो फ्रेंड्स.. मेरा नाम विक्की है और आज में आप लोगो को एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। दोस्तों वैसे यह कहानी आज से 6 साल पहले की है.. लेकिन जब भी मुझे याद आती है तो लगता है कि जैसे आज की ही बात है। यह कहानी मेरी मम्मी की चुदाई की है जो की मेरे पापा के बड़े भाई मतलब मेरे ताऊ जी ने की थी। पहले में आप लोगो को दोनों का परिचय करा दूँ। दोस्तों मेरी मम्मी का नाम वर्षा है और मेरी मम्मी दिखने में बहुत सुंदर है। उनका रंग गोरा है और फिगर भी बहुत अच्छा है। मम्मी ज्यादातर टाईम साड़ी पहनती है और कभी कभी रात में मेक्सी पहनती है हम लोग उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गावं से है।

मेरे गावं के अगल बगल के मर्द मेरी मम्मी के हुस्न के दीवाने है.. वो लोग मम्मी से बातें करने के कई बहाने ढूंढते रहते है। अच्छा तो अब में आपको अपनी कहानी पर ले जाता हूँ। मेरे पापा दो भाई है मेरे ताऊ जी का नाम सुरेन्द्र सिहं है और वो मेरे पापा से लगभग 10 साल बड़े है। ताऊजी दिखने में काले से है.. लेकिन उनका शरीर बहुत अच्छा है वो लंबे चौड़े है। आज से 10 साल पहले मेरी बड़ी चाची की म्रत्यु हो गयी थी। ताऊ जी के दो बेटे है.. रमेश और कमल जो कि बेंगलोर में इंजिनियरिंग की पढ़ाई करते है। मेरे पापा को शुरू में नौकरी नहीं मिली थी तो वो गावं में ही ताऊजी के साथ खेती का काम करते थे। फिर कुछ साल पहले ताऊजी ने अपने एक अच्छे दोस्त से कहकर पापा की नौकरी मुंबई में लगवा दी।

ताऊ जी हमे बहुत मानते थे और हमारा बहुत ध्यान रखते थे और हमे किसी भी चीज़ की ज़रूरत पड़ने पर तुरंत वो काम कर देते थे। फिर एक दिन की बात है ताऊजी खेत पर गये हुए थे और में बाहर खेल रहा था। उस समय दिन के 12 बज रहे थे और मम्मी नहाने गयी थी गावं में जो हमारा बाथरूम था वो पूरा ढका हुआ नहीं उस मे से सब कुछ ऐसे ही दिखता था। गेट तो सिर्फ़ नाम के लिए ही था। तो मैंने देखा कि ताऊजी खेतो की तरफ से आ रहे थे और उन्होंने बाथरूम की तरफ देखा तो मम्मी नहा रही थी। तो ताऊजी अचानक से रुक गये और मम्मी को नहाते हुए देखने लगे.. मम्मी ने सिर्फ़ पेटीकोट पहन रखा था जिसका नाड़ा उन्होंने बूब्स पर से बाँधा हुआ था और वो अपने शरीर पर साबुन मल रही थी और फिर जांघ पर साबुन मलते हुए उन्होंने अपना पेटीकोट कमर तक उठा दिया और वो अपनी चूत में और गांड में साबुन लगाने लगी.. लेकिन मेरी मम्मी अंजान थी.. उन्हें यह नहीं पता था कि ताऊजी उनके नंगे शरीर को देख रहे है। ताऊजी की आँखो में एक अजीब सी चमक दिख रही थी।

फिर वो वहाँ से चले गये और उस दिन के बाद से ताऊजी का व्यहवार ही बिल्कुल बदल चुका था और वो मेरी मम्मी से बात करने के लिए अलग अलग बहाने करने लगे। घर में जब मम्मी चाय लेकर उनके पास जाती थी तो ताऊजी मम्मी के बूब्स और गांड को देखते थे और कभी कभी ताऊजी मम्मी के लिए नयी नयी साड़ी लेकर आते थे। तो मम्मी भी बहुत खुश हो जाती थी। फिर एक दिन ताऊजी और मम्मी कमरे में बैठकर चाय पी रहे थे। ताऊ जी ने मम्मी से कहा कि वर्षा तुम खुश तो हो ना। तो मम्मी ने कहा कि जी हाँ में बहुत खुश हूँ.. आप हम लोगो का बहुत ख़याल रखते हो। फिर ताऊजी ने मम्मी से पूछा कि क्या तुम्हे अपने पति की याद नहीं आती? तभी मम्मी चुप हो गयी। तो ताऊजी मम्मी को घूर घूरकर देखने लगे और फिर मौका देखकर ताऊजी मम्मी के और करीब आ गये और मम्मी के गालो को छूने लगे। तो मम्मी डरकर थोड़ा दूर हट गयी और उन्होंने पूछा कि आप यह क्या कर रहे है? में आपके छोटे भाई की बीवी हूँ। तो ताऊजी ने कहा कि वर्षा तुम बहुत सुंदर हो में तुम्हे बहुत पसंद करता हूँ। फिर मम्मी ने कहा कि आप यह कैसी बातें कर रहे है? तो ताऊजी चुप हो गये और फिर थोड़ी देर बाद उन्होंने कहा कि वर्षा में बहुत अकेला हूँ.. मेरे पास कोई नहीं है और तुम भी तो अकेली हो तुम्हारा पति मुंबई में रहता क्या तुम्हे उसकी कमी नहीं सताती? अगर तुम चाहो तो में उसकी कमी पूरी कर सकता हूँ। फिर मम्मी चुप हो गयी.. क्योंकि आज से पहले मम्मी से किसी गैर मर्द ने ऐसी बातें नहीं की थी। तो मम्मी ने कहा कि देखिए आप जो कह रहे है वो सच है.. लेकिन यह बात किसी को पता चल गयी तो बहुत बदनामी होगी। ताऊजी ने कहा कि किसे पता चलेगी कौन है घर में? और यह कहकर ताऊजी ने मम्मी को अपनी तरफ खींच लिया और मम्मी को किस करने लगे। मम्मी ने कहा कि गेट तो बंद कर दीजिए.. ताऊजी ने ऐसा ही किया और वो मम्मी के पास आ गये। फिर उन्होंने मम्मी को अपने आप से चिपका लिया और मम्मी को किस करने लगे और ताऊजी अपने हाथों को मम्मी के पेट और पीठ पर सहलाने लगे और कभी अपना हाथ पीछे ले जाकर मम्मी के चूतड़ पर सहलाते।

फिर कुछ देर तक ऐसा ही चलता रहा और जैसे ही ताऊजी ने मम्मी की साड़ी खोली वैसे ही उधर से दादी की आवाज़ आई और मम्मी ने जल्दी से अपनी साड़ी पहन ली और बाहर चली गयी और ताऊजी वहीं पर बैठ गये। दिन भर मम्मी काम में व्यस्त रही और ताऊजी फिर बाहर खेत पर चले गये। शाम को 6 बजे ताऊजी लौटकर घर आए और मम्मी ने उनके लिए चाय नाश्ते का इंतज़ाम किया.. लेकिन ताऊजी भूखी नज़र से मेरी मम्मी के बदन को देख रहे थे। फिर ऐसे ही समय बीत गया और रात का खाना खाने के बाद सब अपने अपने रूम में चले गये। करीब दो घंटे बीत गये थे और मुझे नींद नहीं आ रही थी और वो गर्मी का दिन था तो में अपने रूम का गेट खोलकर बाहर आया.. मुझे ताऊजी के रूम में लाईट जलती नज़र आई तो मुझे समझ आ गया कि मम्मी उनके साथ है। तो में दबे पाँव उनके रूम की खिड़की के पास चला गया।

ताऊजी लूँगी और बनियान में थे और मम्मी ने साड़ी पहन रखी थी। ताऊजी और मम्मी बातें कर रहे थे.. ताऊजी ने अचानक मेरी मम्मी को अपनी तरफ खींच लिया और मेरी मम्मी के होंठ पर किस किया और उन्होंने मम्मी से कहा कि वर्षा तुम बहुत सुंदर हो आज में तुझे चोदने की इच्छा को पूरा करूँगा और यह कहकर वो मेरी मम्मी के होंठ पर किस करने लगे.. मम्मी ने अपने हाथ ताऊजी के गले के पीछे की तरफ कर रखा था और ताऊजी का साथ दे रही थी। ताऊजी ने मेरी मम्मी का मंगलसूत्र उतार दिया और मम्मी के गले पर किस करने लगे.. मम्मी आआ उफ्फ्फ माँ अह्ह्ह सस्सस्सईई की धीमी सिसिकियाँ ले रही थी और मुझे ऐसा लग रहा था कि मम्मी उनसे दूर जाने की कोशिश कर रही है.. लेकिन ताऊजी ने अपने ताकतवर शरीर से मेरी मम्मी को जकड़ रखा था। कुछ देर में मम्मी ने कहा कि मुझसे नहीं होगा यह ग़लत है और खड़ी होकर जाने लगी।

तभी ताऊजी ने मम्मी की कमर को पकड़ा और अपनी तरफ खीच लिया और खींचते ही मम्मी की गांड ताऊजी के मुहं के पास आ गई और ताऊजी ने अपने हाथ मम्मी की कमर को गोल करके पकड़ लिया और साड़ी के ऊपर से ही मम्मी की गांड में अपनी नाक लगा दी और सूंघने लगे मम्मी बार बार उनसे दूर हटने की कोशिश करने लगी.. लेकिन ताऊजी ने उन्हें ऐसा नहीं करने दिया.. वो मम्मी के चूतड़ के अगल बगल सूंघने लगे और फिर ताऊजी ने अपने एक हाथ से मम्मी की साड़ी को थोड़ा ऊपर किया और मम्मी की जांघ तक करके मम्मी के जांघे सहलाने लगे। मम्मी के बार बार हिलने से उनकी पायल की छन छन छन की आवाज़ मेरे कानो में आ रही थी। फिर ताऊजी ने मम्मी की साड़ी को कमर तक उठा दिया.. मम्मी ने पेंटी नहीं पहन रखी थी और ताऊजी मम्मी की गोल गांड देखकर पागल हो गये और उन्होंने मम्मी के चूतड़ पर किस किया और कहा कि वर्षा क्या गांड है तेरी? मम्मी ने सामने की दीवार पर अपने दोनों हाथ रखे हुए थे। फिर ताऊजी ने मम्मी की गांड के छेद को अपनी उंगलियों से फैला दिया जिससे गांड का छेद और चौड़ा हो गया। ताऊजी अपनी नाक मम्मी की गांड के छेद पर ले गये और उनकी नंगी गांड को सूंघने लगे और थोड़ा सा थूक लगाकर अपनी एक उंगली उनकी गांड में डाल दी। तो मम्मी गरम हो गयी और आह्ह्ह उफ्फ्फ की आवाज़ करने लगी।

ताऊजी ने अपनी उंगली बाहर निकली और अब दो उंगली को अंदर कर दिया और आगे पीछे करने लगे। मम्मी सिसिकियाँ लेने लगी.. मम्मी पीछे ताऊजी को देख रही थी और ताऊजी उंगली करते हुए मम्मी को देख रहे थे। मम्मी को पसीना आने लगा था और उनका ब्लाउज पसीने से गीला हो गया था। तो मम्मी ने कहा कि बस कीजिए मुझे जाने दीजिए। तो ताऊजी ने मम्मी की तरफ देखते हुए अपनी जीभ मम्मी की गांड के छेद में डाल दिया और और अच्छे से चाटने लगे। मम्मी ने अपना चेहरा आगे कर लिया और अपना एक हाथ अपने चूतड़ पर रख लिया और सिसिकियाँ लेने लगी.. मम्मी को भी शायद अब मज़ा आ रहा था। फिर ताऊजी ने मम्मी को सीधा कर दिया और मम्मी की साड़ी को खोल दिया ताऊजी बेड पर ही बैठे थे और मम्मी उनके सामने खड़ी थी। ताऊजी ने अपना हाथ पीछे करके मम्मी को पकड़ रखा था और मम्मी के पेट पर किस कर रहे थे और सहला रहे थे। तो मम्मी अपने होंठो को दबाए सिसकियाँ ले रही थी और उन्होंने मम्मी के ब्लाउज के बटन खोल दिए और ब्लाउज निकालकर फेंक दिया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे हैं।

मम्मी ने सफेद कलर की ब्रा पहन रखी थी और ऐसा लग रहा था कि मम्मी के बूब्स बाहर आ जाएँगे.. मम्मी ने अपना हाथ पीछे करते हुए अपनी ब्रा खोल ली और वहीं पर बेड पर रख दी। ताऊजी ने अपने दोनों हाथ से मेरी मम्मी के बूब्स पकड़े और मसलने लगे मम्मी अह्ह्ह उफ्फ्फ माँ मरी करने लगी। ताऊजी ने अब मम्मी के निप्पल चूसना शुरू किया और दूसरे बूब्स को मसला.. वो मम्मी के बूब्स को चूमते चाटते हुए निप्पल को मुहं में लेकर चूस रहे थे। मम्मी ने ताऊजी के बाल पकड़ रखे थे ताऊजी ने मम्मी के सर को ऊपर कर दिया और एक हाथ से मम्मी के चूतड़ सहला रहे थे। फिर ताऊजी ने मम्मी के पेटीकोट का नाड़ा ज़ोर से खींचा और मम्मी का पेटीकोट नीचे गिर गया। मम्मी की चूत बालों से भरी हुई थी ताऊजी ने मेरी मम्मी को बेड पर लेटा दिया और मम्मी के पैर के पास आकर बैठ गये उन्होंने मम्मी की दोनों पायल खोल दी और मम्मी के तलवे पर किस करने लगे और मम्मी अपने हाथों को दबाए हुए सिसकियाँ ले रही थी। ताऊजी मम्मी के पैरों की उंगलियों को मुहं में लेकर अंदर बाहर कर रहे थे और मम्मी के तलवे को चाट रहे थे। फिर वो पैर को चूमते हुए आगे की तरफ बड़ने लगे और मम्मी की जांघ के पास आकर मम्मी को चूमने लगे और मम्मी ने अपने हाथ पीछे करके बेड को पकड़ रखा था। फिर ताऊजी ने मेरी मम्मी के दोनों पैरों को फैला दिया मम्मी ने झट से अपने हाथ अपनी चूत पर रख दिए और उसे छुपाने की कोशिश करने लगी। ताऊजी नीचे झुके और मम्मी के हाथों पर किस करते हुए मम्मी के हाथों को हटा दिया। मम्मी ने शरमाते हुए अपना हाथ पीछे कर लिया और ताऊजी ने मम्मी से बैठने को कहा मम्मी ने वैसा ही किया और मम्मी बैठ गयी। ताऊजी पेट के बल लेट गये और मम्मी के दोनों पैरों को फैला दिया और मम्मी की चूत को चाटने लगे और ताऊजी की जीभ के स्पर्श होते ही मम्मी थोड़ा ऊपर उठ गयी.. लेकिन ताऊजी ने मम्मी की जांघो को कसकर पकड़ रखा था.. उन्होंने फिर से अपनी जीभ को मम्मी की चूत पर रखा और चाटने लगे। मम्मी अह्ह्ह औहह उफफफफ्फ़ माँ करने लगी तो ताऊजी ने कहा कि सच वर्षा कोमल (मेरी बड़ी चाची का नाम) के जाने बाद मैंने सेक्स नहीं किया.. अगर मुझे पता होता तेरा जिस्म इतना रसीला है तो में तुझे कब का चोद देता। आज में तुझे चोदकर अपनी हर एक इच्छा पूरी करूँगा और फिर से वो मम्मी की चूत चाटने लगे। तो मम्मी ने धीरे धीरे सिसिकियाँ लेते हुए कहा कि उनके मुंबई जाने के बाद मेरी भी चूत बहुत दिनों से प्यासी हो गयी है.. आज आप मेरी और मेरी चूत की प्यास बुझा दीजिए और मम्मी पसीने से लथपथ हो गयी थी।

फिर ताऊजी ने मम्मी को लेटा दिया और मम्मी की कमर के नीचे एक तकिया रख दिया.. जिससे उनकी चूत और ऊपर हो गयी और ताऊजी घुटनो के बल बैठ गये और उन्होंने मम्मी की जांघ को अपने एक हाथ से पकड़ा और एक हाथ से अपना लंड पकड़ कर मम्मी की झांट भरी चूत पर रगड़ने लगे। तो मम्मी धीरे धीरे मदहोश होकर सिसिकियाँ लेने लगी और ताऊजी मम्मी की तरफ देख रहे थे। फिर उन्होंने एक झटका दिया तो मम्मी पीछे की तरफ हो गयी। ताऊजी के लंड का टोपा अंदर घुस गया तो उन्होंने एक और झटका दिया तो मम्मी थोड़ी सी चीखी.. ताऊजी का आधा लंड मेरी मम्मी की चूत में चला गया। फिर ताऊजी ने मम्मी से पूछा कि क्या तुम्हे ज्यादा दर्द हो रहा है? तो मम्मी ने कहा कि हाँ और फिर ताऊजी रुक गये.. वो मम्मी की जांघ सहलाने लगे.. फिर थोड़ी देर रुककर उन्होंने एक और झटका दिया तो मम्मी के मुहं से अह्ह्ह माँ की आवाज़ निकल पड़ी.. लेकिन अब ताऊजी का पूरा लंड मेरी मम्मी की चूत में जा चुका था। फिर ताऊजी धीरे धीरे अपना लंड मम्मी की चूत के अंदर बाहर करने लगे और ताऊजी भी धीरे धीरे सिसिकियाँ लेने लगे। ताऊजी के हर झटके पर मम्मी के बूब्स आगे पीछे हो रहे थे और मम्मी ने अपने हाथ पीछे करके बेड को पकड़ रखा था।

पूरे रूम में बेड के हिलने की आवाज़ आ रही थी। ताऊजी अब आगे की तरफ लेट गये और मम्मी के होंठ में अपने होंठ सटाकर मम्मी को चोदने लगे। मम्मी ने अपने हाथ पीछे करके ताऊजी की पीठ पकड़ रखी थी और चूतड़ उठा उठा कर ताऊजी से चुदाई के मज़े ले रही थी। ताऊजी मम्मी के निप्पल को मुहं में लेकर चूसने लगे और ज़ोर ज़ोर से मम्मी को चोदने लगे.. मम्मी आआ अह्ह्ह औहह माँ आहहईईईई कर रही थी। ताऊजी ने मम्मी से कहा कि वर्षा तेरी चूत बहुत गरम है.. आज से में इसे रोज़ चोदूंगा मम्मी ने कहा कि में बहुत दिनों से प्यासी हूँ.. आज मुझे ज़ोर से चोदो। यह सुनकर ताऊजी और गरम हो गये और स्पीड से मम्मी को चोदने लगे। उन्होंने एक ज़ोर का धक्का दिया और आहह करते हुए मम्मी के ऊपर लेट गये। ताऊजी और मेरी मम्मी दोनों ज़ोर की सांस ले रहे थे और पसीने से लथपथ हो गये थे.. ताऊजी मम्मी को धीरे धीरे किस कर रहे थे और मम्मी के बूब्स भी चूस रहे थे। कुछ देर बाद ताऊजी मम्मी के ऊपर से हट गये और मम्मी की चूत से ताऊजी का वीर्य बह रहा था। तो मम्मी ने उसे कपड़े से साफ किया और अपने कपड़े पहन कर अपने रूम में चली गयी। में भी अपने रूम में आकर सो गया।

फिर अगले दिन सुबह जब मेरी नींद खुली तब मैंने देखा कि मम्मी किचन में काम कर रही थी और ताऊजी बैठकर अख़बार पढ़ रहे थे। तो में कुछ देर बाद दोस्तों के साथ बाहर चला गया और जब लौटकर आया तो देखा कि दादी पूजा वाले रूम में है और मुझे मम्मी कहीं दिख नहीं रही थी। तो में मम्मी के रूम के पास से निकल कर रहा था कि मुझे मम्मी और ताऊजी की आवाज़ आई और में खिड़की के पास आकर खड़ा हो गया। फिर मैंने देखा कि ताऊजी मम्मी को किस कर रहे है और मम्मी के बूब्स को दबा रहे है। मम्मी ने ब्लाउज और पेटीकोट नहीं पहना था.. वो सिर्फ़ हरे कलर की साड़ी को अपने शरीर पर लपेटे हुए थी और साड़ी बिल्कुल पारदर्शी थी। मम्मी की निप्पल और झांट के बाल साफ साफ तरीके से दिख रहे थे। फिर ताऊजी ने मम्मी को नीचे बैठा दिया और अपने लंड को लूँगी से बाहर निकाला ताऊजी का लंड बिल्कुल काला और मोटा था। मम्मी ने उसे अपने हाथ में लिया और फिर अपने मुहं में लेकर चूसने लगी और कुछ देर में ताऊजी का लंड खड़ा हो गया। तो ताऊजी अपने घुटनो को मोड़ते हुए झुक गये और मम्मी ज़मीन पर बैठी थी.. उन्होंने मम्मी के सर को पकड़ा और और मम्मी के मुहं में अपना लंड घुसाकर अपनी कमर को आगे पीछे करने लगे और सिसिकियाँ लेने लगे। फिर कुछ देर तक उन्होंने ऐसा ही किया.. ताऊजी अब मम्मी के पीछे आ गये और उन्होंने मम्मी को झुकने को कहा.. मम्मी भी आगे की तरफ झुक गयी और ताऊजी घुटनो के बल बैठ गये और ताऊजी ने पीछे से मम्मी के पैर को किस करते हुए मम्मी की साड़ी को उनकी कमर तक उठा दिया और मम्मी की गांड सूंघने लगे और चूतड़ पर किस करने लगे। फिर उन्होंने मम्मी की गांड के छेद को फैला दिया और अपनी नाक उनकी गांड के छेद में डालकर गांड सूंघने लगे और चाटने लगे। मम्मी आअहह आआहह की सिसकियाँ लेने लगी और अपने चूतड़ को इधर उधर हिलाने लगी।

ताऊजी अब खड़े हो गये और उन्होंने मम्मी की गांड के छेद पर अपना लंड रखा और रगड़ने लगे और उन्होंने एक धक्का दिया तो मम्मी चीख पड़ी.. लेकिन लंड अंदर गया ही नहीं उन्होंने पास से क्रीम उठाई और थोड़ी सी क्रीम निकालकर मम्मी की गांड छेद में लगाई और थोड़ा अपने लंड पर.. उन्होंने फिर से एक जोर का धक्का दिया तो मम्मी के मुहं से आआहह की आवाज़ निकल पड़ी और ताऊजी का आधा लंड मम्मी की गांड में चला गया। ताऊजी का लंड बहुत बड़ा था इसलिए मम्मी को बहुत दर्द हो रहा था और उन्होंने अपने दोनों हाथ पीछे कर लिए और अपने चूतड़ पकड़ कर अपनी गांड के छेद को फैला लिया जिससे उनकी गांड का छेद और भी बड़ा हो गया। ताऊजी ने फिर से एक और धक्का दिया। इस बार उनका लंड मम्मी की गांड के छेद के अंदर पूरा चला गया और ताऊजी धीरे धीरे अपनी कमर आगे पीछे करने लगे और मम्मी आहह उह्ह्ह ओफफफफ्फ़ करने लगी। ताऊजी के हर धक्के पर मम्मी का चूतड़ हिल जाता था। फिर ताऊजी ने कहा कि वर्षा तेरी गांड बहुत मस्त है.. जब से मैंने तेरी मटकती गांड देखी है इसे मारना चाहता था.. आज में इसे जी भरकर मारूंगा और फिर उन्होंने अपनी स्पीड तेज़ कर दी और करीब 15 मिनट तक ताऊजी ने मेरी मम्मी की गांड मारी। फिर उन्होंने अपना वीर्य मम्मी की गांड के छेद में गिरा दिया और अपना लंड बाहर निकाल लिया। मम्मी ने भी अपनी साड़ी ठीक की और नहाने चली गयी। अब जब भी ताऊजी को मौका मिलता है वो मेरी मम्मी को चोदते है ।।

धन्यवाद …

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