नयी किरायेदार

प्रेषक : विजय

हैल्लो फ्रेंड्स में लखनऊ का रहने वाला हूँ। में कामुकता डॉट कॉम को पिछले 4 सालों से देखता आया हूँ और आज मुझे भी ऐसा लगा कि में अपनी एक सच्ची स्टोरी आप सभी से शेयर करूं तो में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ। दोस्तो मेरा नाम विजय है और मेरे घर में पिछले 3 महीनो से एक नये किरायेदार रहने के लिए आए हुए है। उनकी फेमिली में 3 लोग है भाभी, भैया और उनकी एक छोटी लड़की और वो लोग मेरे घर के सबसे ऊपर वाले हिस्से में रहते है। जहाँ पर 3 रूम और एक किचन है और एक टॉयलेट बाथरूम अटेच है। भाभी के पति सप्ताह में 5 दिन बाहर रहते है और रविवार को ही घर में पूरे दिन साथ में रहते थे। भाभी दिखने में अच्छी थी और उन्हें देखकर लगता था कि शादी को अभी केवल 3 या 4 साल हुए है। मेरा रूम भी छत पर ही था। भाभी रात तक काम करती थी और वो मेरे सामने कई बार दिखती थी.. क्योंकि किचन रूम के बाहर था और इतनी ज्यादा बार बार दिखने की वजह से मेरा भी मन उनको बार बार देखने को होता था और में छत पर कुछ सामान फेंकने के बहाने या फ़ोन पर बात करने के बहाने से उनके सामने बार बार जाता था।

फिर में रात भर उनके बारे में सोचने लगा। उनके ख़याल से ही मेरा 7 इंच लंबा लंड खड़ा हो जाता था। तभी मैंने एक प्लान बनाया क्यों ना भाभी से बात की जाए और उनसे फ्रेंडशिप बड़ाई जाए और फिर में उनसे पानी माँगने के बहाने जाता था और मैंने उनसे बातें करना शुरू कर दिया। धीरे धीरे हमारी दोस्ती बढ़ने लगी और में उनसे बहुत बातें करने लगा। उनको कोई सामान माँगना होता था तो वो मुझसे कहती थी। वो मुझे धीरे धीरे बहुत अच्छी लगने लगी। तभी एक दिन मैंने उनको कहा कि भाभी हम फिल्म देखने चलें तो उन्होंने मना कर दिया और ये सुनकर मुझे उनके ऊपर बहुत गुस्सा आया.. लेकिन में क्या कर सकता था? फिर एक दिन में कंप्यूटर पर थोड़ी तेज़ आवाज़ में गाने सुन रहा था तो भाभी अपने रूम से निकल कर मेरे रूम में आई और उन्होंने मुझसे कहा कि क्या तुम्हारे पास कंप्यूटर है? और तुमने मुझे कभी बताया ही नहीं वो क्यों? फिर मैंने उनसे बोला कि इसमे बताने वाली क्या बात है? तो उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछले 6 महीनो से कोई नयी फिल्म नहीं देखी है और उन्होंने बोला कि एक अच्छी सी फिल्म की डीविडी लेकर आओ और हम साथ में फिल्म देखेंगे। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

तभी मैंने कहा कि ठीक है और फिर मैंने उनसे पूछा कि क्या आपको हॉलीवुड फिल्म पसंद है? तभी उन्होंने कहा कि हाँ मैंने कहा कि इस कंप्यूटर में 100 से ज्यादा फिल्म है क्या आप देखेंगी? उन्होंने कहा कि हाँ लेकिन खाना खाने के बाद। तभी मैंने कहा कि ठीक है और वो जल्दी से खाना बनाने चली गई और मैंने भी खाने के बाद अपने रूम का दरवाज़ा बंद कर दिया और लाइट बुझा दी यह देखकर में दंग रह गया और मुझे लगा कि भाभी नहीं आने वाली तो मैंने क्या किया कि अपने कपड़े उतारे और केवल अपनी अंडरवियर में ही सो गया रात को करीब 11.30 बजे मेरे रूम के दरवाज़े पर आवाज़ हुई मैंने झटके से दरवाज़ा खोला तो क्या देखा कि भाभी मेरे सामने खड़ी थी और में उनके सामने अंडरवियर में ही था और मैंने उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और फिर मैंने उनसे बोला कि मुझे लगा कि आप नहीं आओगी.. तो उन्होंने कहा कि चलो अंदर चल कर बातें करे। तभी यह सुनकर मेरा लंड एकदम से फनफनाने लगा.. खेर मैंने उनके सामने शर्ट पहनी और उनके सामने बैठ गया उन्होंने कहा कि में यह सोच रही थी कि बेबी सो जाए तब आराम से फिल्म का मज़ा लेंगे। भाभी ने उस समय सूट पहन रखा था और दुपट्टा नहीं डाला हुआ था और मेरी नजरे बार बार उनकी चूची को देख रही थी और तभी भाभी ने मुझे फिल्म चलाने को कहा और मैंने फिल्म चलाई। 45 मिनट देखने के बाद भाभी बोली कि क्या कोई हिन्दी फिल्म नहीं है तुम्हारे पास? तभी मैंने कहा कि एक है तो उन्होंने कहा कि चलाओ तो मैंने बोला कि ठीक है और मैंने मर्डर फिल्म लगा दी.. फिल्म चलने लगी भाभी सोफे पर लेट कर फिल्म देख रही थी और में अपने बिस्तर पर।

फिर जब फिल्म चल रही थी तो में भाभी को बार बार देख रहा था और भाभी भी कभी कभी मुझे देखती तभी बहुत गरम सीन शुरू हुआ और भाभी मुझे देखती और मंद मंद मुस्कुराई और में भाभी को बार बार देखता और मुस्कुराता रहा। तभी मैंने उनसे कहा कि भाभी आप बिस्तर में आराम से लेट जाओ और में सोफे पर लेट जाता हूँ। तभी उन्होंने कहा कि ठीक है और में उठकर गया और फिर मेरा लंड मेरी शर्ट में टेंट बना हुआ था तो उसे भी भाभी ने देख लिया और लंड को देखकर अपनी गर्दन को हल्का सा घुमा लिया और मुहं उधर की तरफ घुमा कर हल्का सा मुस्कुराई। मुझे ये देखकर मज़ा आ गया। फिर में सोफे पर लेट गया और भाभी बिस्तर पर आराम से लेटी हुई थी मेरा लंड अब एकदम लंबी रोड बन चुका था.. मन तो कह रहा था कि अभी भाभी को लेटाकर पूरा का पूरा लंड उनकी चूत में डाल दूँ लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी।

तभी मैंने अपने लंड पर बार बार हाथ फैरना शुरू किया और में भाभी को भी देख रहा था और वो भी हल्का हल्का मुस्कुराती और जब उनसे मेरी नज़रें मिली तभी फिल्म ख़त्म हो गयी और फिर मैंने एक दूसरी हॉलीवुड फिल्म जो की हिन्दी में डब थी वो लगा दी। फिल्म चलते चलते 2 बज चुके थे और भाभी को जब मैंने मुड़कर देखता तो वो किसी भी तरह से नहीं हिल रही थी। फिर मैंने उठकर उनको पास से देखा क्या ग़ज़ब लग रही थी.. मैंने मोबाइल की लाईट जला कर देखा तो वो सो चुकी थी। मेरे लंड का बुरा हाल हो चुका था और फिर मैंने हिम्मत की और उनके पास में लेट गया। करीब 20 मिनट लेटने के बाद मैंने धीरे से उनको टच किया.. लेकिन वो कुछ नहीं बोली और मैंने फिर से उनको कसकर टच किया और उनकी पीठ पर हाथ फैरे तो उन्होंने कोई विरोध नहीं किया और मैंने धीरे धीरे उनकी चूत सहलाई। क्या बताऊँ दोस्तों दिल की धड़कन तेज़ी से बढ़ती जा रही थी और इतना मज़ा आ रहा था कि क्या बताऊँ और अब डर पूरी तरह से ख़त्म हो चुका था। मैंने उनके सूट के अंदर हाथ डालकर चूचियों को दबाना शुरू किया और उनके निप्पल को रगड़ना शुरू किया। लेकिन ये सब ठीक से नहीं हो पा रहा था। बार बार ब्रा बीच में फंस रही थी। फिर मैंने भाभी का सूट उतारा और जब सूट पीठ तक आया तो ऊपर नहीं हो पा रहा था। तभी मैंने भाभी को हल्का सा ऊपर उठाया और में क्या बताऊँ दोस्तों.. में उनके ऊपर कूद पड़ा और उनको पागलो की तरह किस करने लगा। तभी भाभी उठी और उन्होंने अपनी सलवार को भी उतार दिया। मैंने उनकी चूचियों को मुहं में लिया और ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा। मुझे इतना मज़ा कभी नहीं आया था और मैंने उनको बहुत देर तक चूसा, चाटा और दबाया। तभी मैंने अपनी शर्ट और अपना अंडरवियर को उतार दिया और मेरा लंड बार बार भाभी की नाभि पर और उनके पेट पर लग रहा था।

मैंने एक हाथ से उनकी पेंटी को उतारा और उनकी चूत को सहलाने लगा.. उनकी चूत पर बहुत छोटे छोटे बाल थे। लगता था कि जैसे 5 दिन पहले उन्होंने अपनी झांटे साफ की थी और फिर मैंने अपनी बीच की ऊँगली को उनकी चूत में डाल दिया। उनकी चूत से पानी निकल रहा था और में उनकी चूचियों को लगातार चूस रहा था। अब भाभी ने कहा कि बस अब मुझसे रहा नहीं जाता.. प्लीज डालो ना इसे मेरी चूत में। बहुत दिनों से यह लंड की प्यासी है प्लीज। तभी मुझे और भी जोश आ गया और में उनके दोनों पैरो को फैलाकर चूत के सामने बैठ गया और मैंने लंड को चूत पर सेट किया और जोश में आकर एक जोर का धक्का मारा और तभी मेरा पूरा का पूरा लंड उनकी गीली चूत में एक बार में ही चला गया और फिर उनके चहरे से साफ पता लग रहा था कि उनको कितना दर्द हुआ है। थोड़ी देर बाद वो सिसकियाँ लेने लगी और में धीरे धीरे लंड को चूत में आगे पीछे करने लगा और चुदाई में व्यस्त हो गया। फिर करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद में उनकी चूत में ही झड़ गया और पूरा का पूरा वीर्य चूत में डाल दिया और उनके ऊपर ही पड़ा रहा और उनकी चुचियों को चूसने लगा और वो मस्त होकर चुदाई के मजा लेने लगी और फिर कुछ देर बाद में उठा और लंड को चूत से बाहर निकाला पूरी बेडशीट वीर्य से गीली हो चुकी थी। फिर हमने उठकर कपड़े पहने और भाभी अपने रूम पर चली गई.. लेकिन उसके बाद हमारी चुदाई के सिलसिला जारी रहा और हमने बहुत बार चुदाई का मजा लिया ।।

धन्यवाद …

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