पति की गर्लफ्रेंड मेरी सौतन – भाग 2

प्रेषक : मानसी ..

हैल्लो दोस्तों.. में मानसी फिर एक बार आप लोगों के सामने हाजिर हूँ अपनी एक नयी दास्तान लेकर और अब में आप लोगों को बोर ना करते हुए अपनी पिछली कहानी का अगला भाग सुना रही हूँ और में उम्मीद करती हूँ कि आप लोगों को यह बहुत पसंद आएगी और जैसा कि आप लोगों को पता ही है मैंने अपने पति की गर्लफ्रेंड गीता को उनके साथ मिला दिया और शादी भी करवा दी.. अब हम तीनों एक साथ एक ही बेडरूम में रहते है और हमारे बीच में कोई भी परदा नहीं है और जब हमारा दिल करता है हम लोग सेक्स करते है और अब तो जब सुनील ऑफिस चला जाता है तो हम लोग दिन भर लेस्बियन सेक्स करते रहते है।

पहले तो में लेस्बियन को पसंद नहीं करती थी.. लेकिन गीता ने कई बार कहा और मुझे लेस्बियन में एक्सपर्ट बना दिया और हम लोग हर दिन लेस्बियन करते रहते है और रात को हम लोग सुनील के साथ ग्रुप सेक्स करते है और में इसी में बहुत खुश भी हूँ.. लेकिन उन ख़ुशी के साथ साथ मुझे थोड़ा और तड़का भी मिल गया जो कि में यह स्टोरी में बता रही हूँ। दोस्तों यह कुछ दिन पहले की बात है.. में कुछ शॉपिंग के लिए मुंबई सेंट्रल माल में गई थी। वहाँ पर मुझे अपने कॉलेज टाईम का एक फ्रेंड मिल गया। उसका नाम देव है जो कि मुंबई में रहता है और कॉलेज के बाद हम लोगों का कोई संपर्क नहीं था.. तभी अचानक वो मेरे सामने आ गया.. पहले तो में पूरी तरह चकित हो गई और बाद में मुझे बहुत ख़ुशी मिली कि कोई पुराना दोस्त मिल गया। फिर हम लोग कॉफी शॉप पर गये और बातें करने लगे। तो उसने मुझे बताया कि वो कल्याण में एक फ्लेट लेकर रहता है.. फिर हम लोगों ने अपना अपना मोबाईल नंबर एक दूसरे को दे दिया और फिर शॉपिंग करके निकल गये।

फिर दो दिन बाद देव ने मुझे फोन किया और बोला कि क्या अगर तुम फ्री हो तो कल्याण आ सकती हो? तो में बोली कि क्यों कोई खास काम है क्या? तो वो बोला कि आज मैंने ऑफीस से छुट्टी ले रखी है और तुम आ जाओगी तो हम लोग बैठकर बातें करेंगे। तो में बोली कि ठीक है में बताती हूँ और फोन रख दिया फिर में सोचने लगी कि में अकेली कैसे जाऊँगी? सुनील और गीता को क्या बताऊँगी? फिर मैंने एक बहाना बनाया और में उनसे बोली कि मुझे मेरे एक दोस्त से मिलना है तो में जा रही हूँ और आते वक़्त मुझे थोड़ी देर हो ज़ायगी। तो सुनील बोला कि ठीक है जाओ.. लेकिन जल्दी आ जाना। फिर मैंने एक काली जींस और नीला टॉप पहना और तैयार होकर कल्याण के लिए निकल पड़ी और कल्याण पहुंचकर मैंने देव को फोन किया। तो वो कार लेकर मुझे लेने पहुंच गया और हम लोग उसके घर की तरफ निकल गये। रास्ते में वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा देता था और में भी मुस्कुराती थी.. फिर हम घर पहुंच गये और उस घर में वो बिल्कुल अकेला रहता था। वो एक बेडरूम वाला फ्लेट था और हम लोग बैठकर बातें करने लगे और बातें करते वक़्त वो मेरी तरफ घूर घूर कर देख रहा था तो में समझ गई कि उसका इरादा क्या है? फिर में सोचने लगी कि अगर सुनील अपनी ख़ुशी के लिए दो दो लडकियों से चुदाई कर सकता है तो में क्यों नहीं कर सकती? और यही बात सोचकर में भी देव को मौका देने लगी। तभी देव ने मुझसे पूछा कि क्या तुम बियर पियोगी? तो मैंने बोला कि नहीं यार में नहीं पीती तो वो बहुत कहने लगा। फिर भी मैंने मना कर दिया और बोली कि में कोल्ड ड्रिंक्स पीउंगी.. तो वो मेरे लिए कोल्ड ड्रिंक लेकर आया और वो बियर पीने लगा और में कोल्ड ड्रिंक पीने लगी। जब मेरी कोल्ड ड्रिंक खत्म हुई तो मुझे कुछ अजीब सा लग रहा था जैसे कि मेरा सर भारी हो रहा था तो मैंने देव से पूछा कि मुझे ऐसा क्यों लग रहा है? तो वो सॉरी बोलकर मुझे बोला कि कोल्ड ड्रिंक में मैंने वोड्का मिला दी थी और यह बात सुनकर में उससे बहुत नाराज़ हो गई तो वो मुझसे माफी माँगने लगा और मेरे पैर भी पकड़ लिए और बोला कि मुझे माफ़ कर दो मानसी और पैर छूते हुए धीरे धीरे ऊपर आने लगा जैसे ही उसका हाथ मेरे शरीर पर लगा तो वैसे ही मेरे अंदर एक करंट लगने लगा और मुझे नशा होने लगा। फिर वो धीरे धीरे मेरी जाँघ को किस करने लगा तो में मदहोश होकर उसको चूमने लगी और किस करने लगी। तो वो ख़ुशी से मुझे अपनी बाहों में लेकर मेरे बूब्स को दबाने लगा और मेरे बाल खोलकर मेरी गर्दन को किस करने लगा।

फिर ऐसा करते वक़्त मेरी हालत खराब हो गई और में उसकी चेन खोलकर उसके लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी और फिर वो मुझे गोद में उठाकर अपने बेड पर ले गया और उसने मेरी ड्रेस उतारकर मुझे नंगी कर दिया और बोला कि मानसी तुम्हारा यह हुस्न मुझे उस दिन से पागल कर रहा है जब मैंने तुम्हे वेलकम पार्टी में देखा था.. लेकिन मुझे उम्मीद नहीं थी कि वो हुस्न जिसके लिए में आहें भर रहा था वो आज मुझे मिल जाएगा। तो में बोली कि देव आज से तुम जब भी मुझे बुलाओगे में आ जाउंगी और अपने आप को तुम्हारे हवाले करूँगी.. आज से मेरे पति के साथ तुम भी मेरे जिस्म की मलिक हो.. हाँ और एक बात.. में तुम्हारी बीवी तो नहीं बन सकती.. लेकिन रखेल ज़रूर बनूँगी और रंडी की तरह तुम से चुदवाऊँगी.. तुम्हे जो चाहिए मुझसे ले लो मेरी जवानी का भरपूर मज़ा लो और मुझे भी अपने जिस्म की भूख मिटाने दो। फिर जब मैंने देव को ऐसा बोला तो वो बहुत खुश होकर मेरे बूब्स को दबाने लगा और चूसने लगा और हम लोग 69 पोज़िशन में एक दूसरे को चूसने लगे। जब वो मेरी चूत को चूस रहा था तो मेरी चूत का पानी उसके मुहं में जा रहा था और वो अपनी जीभ को मेरी चूत के अंदर डालकर चूस रहा था और में भी उसके लंड को मुहं में लेकर चूस रही थी।

उसका लंड करीब 8 इंच का होगा और 3 इंच मोटा होगा जो कि सुनील के लंड से बहुत तगड़ा था। फिर वो बोला कि मानसी में अब झड़ने वाला हूँ तुम मेरा सारा रस पीओगी ना और ऐसा बोलते ही मेरे मुहं में अपना सफेद पानी छोड़ दिया और मेरे मुहं को बंद कर दिया तो मैंने उसका सारा पानी अंदर ले लिया और कुछ टाईम के बाद में फिर से उसके लंड को चूसने लगी तो वो पूरा कड़क हो गया तो मैंने उसको नीच लेटाया और में उसके ऊपर आ गई और लंड को अपनी चूत में डाल लिया.. मुझे थोड़ा सा दर्द महसूस हुआ.. लेकिन उस मज़े के सामने यह दर्द मेरे लिए कुछ भी नहीं था। फिर उसके ऊपर बैठकर में उसको चोदने लगी उस टाईम मेरी चूत से रस निकल कर उसके पेट के ऊपर गिर रहा था तो वो उंगली में उसको लेकर चूस रहा था और मेरे बूब्स को दबा रहा था। फिर जब वो झड़ने वाला था तो मुझे नीचे करके मेरे ऊपर आ गया और मुझे धनाधन चोदने लगा और में मदहोशी से बोल रही थी कि चोद लो मुझे देव.. जी भरकर चोद लो और ज़ोर से चोदो ऊओह मेरी चूत को खा जाओ.. देव आज से में तेरी रंडी हूँ.. तुम मुझे जब दिल करे चोद सकते हो देव.. आआहह। तो वो बोला कि में झड़ने वाला हूँ मानसी कहाँ गिराऊँ? तो में बोली कि मेरी चूत में गिरा दो.. सुनील तो मुझे माँ नहीं बना सका हो सकता है में तुम्हारे रस से माँ बन जाऊँ.. मेरी चूत में ही डाल दो और मुझे माँ बना दो देव। फिर हम दोनों एक साथ झड़ गए। ऐसे ही नंगे हम लोग करीब एक घंटा सो गये और फिर हम लोगों ने खाना ख़ाया और में वहाँ से निकल गई.. मुझे एक अजीब सी ख़ुशी मिली थी। आज से मुझे दो दो लंड का स्वाद मिलेगा और फिर में घर पहंच गई। घर पर गीता अकेली सोई हुई थी और मुझे बहुत थकान लग रही थी तो में भी गीता के पास सो गई और कुछ टाईम के बाद मुझे महसुस हुआ कि कोई मेरी चूत के अंदर हाथ डालकर उसको सहला रहा है। तभी मैंने तुरंत अपनी आखें खोलकर देखा तो गीता अपनी मेक्सी को ऊपर करके अपनी चूत में उंगली कर रही है और दूसरा हाथ मेरी चूत में डाल रही है.. तो में गीता को बोली कि क्या में तुम्हारी कुछ मदद करूं? तो बोली कि दीदी जो करना है कीजिए.. लेकिन मेरी आग को शांत कीजिये।

फिर में गीता की चूत में उंगली डालकर चोदने लगी और उसके बूब्स को चूसने लगी तो गीता मेरी चूत को भी चाटने लगी और बोली कि दीदी आपकी चूत से कुछ अजीब सी स्मेल आ रही है क्या बात है? तो में पूरी तरह चकित हो गई और सोचने लगी कि इसमे देव का रस गया था और मैंने उसे साफ भी नहीं किया था.. तो गीता बोली की इसमे से मर्दों के रस की स्मेल आ रही है तो वो बार बार मुझे पूछने लगी। फिर मुझे मजबूरी में बताना पड़ा कि मेरे दोस्त देव ने मुझे आज चोदा है और यह उसका रस है तो गीता बोली कि दीदी आप क्या करती हो सुनील के होते हुए आप दूसरों से कैसे चुदाई कर सकती हो अगर सुनील को पता चलेगा तो क्या होगा?

तो मैंने गीता को पूरी बात बताई और कहा कि तुम्हे पता है गीता, देव का लंड कितना मोटा और तगड़ा है? में तो पूरी खुश हो गई और मेरी पूरी बात सुनने के बाद गीता बोली कि क्या में भी आपके दोस्त से चुद सकती हूँ? तो मैंने कहा कि ठीक है में कोशिश करती हूँ और यह सुनकर वो बहुत खुश हो गई और मुझे भी थोड़ी राहत मिल गई और मैंने उसे एक बात बोली कि देख गीता दुनिया को पता है कि में सुनील की बीवी हूँ और तुम उसकी बहन हो.. लेकिन घर में हम सब पति पत्नी है.. लेकिन दुनिया के लिए तुम उसकी बहन हो तो देव से यह मत बोलना कि तुम भी सुनील की बीवी हो। तो गीता ने कहा कि हाँ में जानती हूँ दीदी और फिर मैंने प्लान बनाया कि कैसे हम तीनो मिलकर चुदाई कर सकते है? दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है। उसके दो दिन बाद मैंने देव को फोन किया।

में : हैल्लो

देव : हाँ बोलो मानसी।

में : हाय कैसे हो तुम?

देव : एकदम मस्त हूँ यार.. लेकिन मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही है।

में : अच्छा सच में याद आ रही है या ऐसे ही बोल रहे हो?

देव : सच में यार।

में : तो तुम एक काम करो कल ऑफीस से छुट्टी ले लो में तुम्हे जन्नत की सेर करवाती हूँ।

देव : रियली.. ठीक है कल में छुट्टी ले लेता हूँ और तुम्हारा इंतजार करता हूँ।

में : ठीक है बाय।

मैंने यह सब इसलिए उससे कहा क्योंकि दो दिन बाद सुनील को एक सप्ताह के लिए टूर पर गोआ जाना था तो हम लोगो ने यह प्लान बना लिया और जैसे सुनील गोआ चला गया.. हम दोनों सुबह करीब 11 बजे कल्याण के लिए घर से निकल गये और वहाँ पर पहुंचकर मैंने देव को फोन किया। तो वो अपनी कार लेकर हम दोनों को लेने के लिए आ गया और जैसे उसने गीता को देखा तो उसका चहरा उतर गया और वो मेरी तरफ उदास होकर देखने लगा। तो मैंने उसको एक स्माईल दी तो वो फिर भी समझ नहीं पाया और कुछ टाईम बाद हम लोग उसके रूम पर आ गए और जैसे हम रूम में पहुंचे देव ने मुझे पूछा कि यह कौन है? तो मैंने उसे बोल दिया कि यह मेरी ननद है.. तो वो बोलने लगा कि उसको क्यों लेकर आई हो? फिर मैंने हंसकर उसको बोला कि मेरे राजा टेंशन मत लो.. हम तो बस आपकी दीवानी है और आज हम दोनों आपको जन्नत की सेर करवांगे। तभी यह बात सुनकर देव तो ख़ुशी से पागल हो गया और गीता के सामने ही मेरे बूब्स को दबाने लगा और किस करने लगा।

तो मैंने भी उसके लंड को पेंट से बाहर निकाल कर सहलाने लगी और जैसे ही गीता ने देव का लंड देखा तो वो हंसकर बोली कि वाह देव भैया क्या लंड है आपका? आज तो बहुत मज़ा आएगा और यह सुनकर देव ने कहा कि हाँ मेरी गीता डार्लिंग चलो अब मजे करते है। फिर हम लोग फ्रिज से सोडा और बर्फ निकाल कर वोड्का पीने लगे और जैसे जैसे हमारी शराब खत्म हो रही थी वैसे वैसे हम नशे में चूर हो रहे थे। फिर देव ने गीता को उठाकर अपनी जाँघ पर बैठा लिया और दूसरी जाँघ पर मुझे और बारी बारी से हमारे बूब्स को दबाने लगा और किस करने लगा। फिर गीता को खड़ा करके उसकी ड्रेस को उतार दिया और मुझे बोला कि तुम मुझे नंगा करो। तो मैंने उसको नंगा कर दिया और खुद नंगी हो गई। हम तीनो पूरे नंगे होकर उसके बेड रूम में चले गये। उसने पहले से 4-5 ब्लूफिल्म की सीडी लाकर रखी थी तो उसको शुरू कर दिया और बोला कि टीवी में जैसे जैसे हो रहा है हम लोग भी ठीक वैसा ही करेंगे.. तो में बोली कि ठीक है।

फिर जैसे जैसे टीवी में चुदाई हो रही थी वैसे ही हम लोग कर रहे थे। उस फिल्म में एक ऐसा सीन था कि हिरोईन हीरो के मुहं पर पेशाब कर देती.. तो देव ने बोला कि बताओ मेरे मुहं पर तुम दोनों में से कौन करेगा? तो में बोली कि तुम जिससे चाहो करवा लो तो वो बोला कि तुम दोनों एक साथ मेरे मुहं पर पेशाब कर लो.. फिर गीता उसके सर के ऊपर बैठी और में छाती पर बैठकर उसके मुहं पर मूतने लगी और वो हम दोनों के पेशाब को पीने लगा और हमे बहुत मज़ा आ रहा था और मूतने के बाद हमारी चूत को वो बारी बारी से चाटने लगा और वो बोला कि मानसी तुमने तो सच में आज मुझे जन्नत की सेर करवा दी.. फिर हम दोनों उसके लंड को चूसने लगी और वो गीता की चूत को चाटने लगा और मेरी गांड में उंगली डालने लगा.. फिर मेरी चूत को चाटा और गीता की गांड में उंगली को डाल दिया। फिर वो फ्रिज से मलाई लेकर हम दोनों की चूत पर लगाकर चाटने लगा.. हम दोनों पूरे जोश में मज़ा ले रही थी और में बोल रही थी खा जाओ मेरे राजा मेरी चूत को खा जाओ हम दोनों तो तुम्हारी रंडी है। चोद लो हम दोनों को कुतिया बनाकर.. फिर गीता ने भी भरी जवानी का बहुत मज़ा लिया और बोली कि दीदी आप तो बहुत मतलबी हो.. अगर में आपसे नहीं पूछती तो आप अकेले ही सारा मज़ा लूटती। तो देव बोला कि कोई बात नहीं मेरी रंडियों में तुम दोनों को भरपूर मज़ा दूंगा। तुम दोनों मेरी कुतिया हो और आज तुम दोनों की में गांड मारूँगा.. साली रंडियों। तो में बोली कि बहनचोद साले जितनी गाली देना है दे और हम दोनों कि चुदाई कर.. हम तो तुम्हारी नौकरानी भी बनने को तैयार है.. तू जो चाहता है वो कर हमारे साथ.. चोद ले हमें.. हम दोनों तेरी रखेल है.. आजा मेरे भडवे चोद दे हमको। फिर देव ने गीता की गांड पर मलाई लगाकर अपना लंड उसकी गांड में डाल दिया तो वो एकदम से चिल्ला पड़ी और उसको शांत करने के लिए में गीता की चूत में अपनी जीभ डालकर चाटने लगी। फिर देव जोरदार झटके मारने लगा और कुछ टाईम बाद गीता का दर्द कम हो गया और वो पूरी गरम होकर मज़े लेने लगी और बोलने लगी.. चोद ले बहनचोद.. चोद मुझे.. चोद इस छिनाल को.. तू जो बोलेगा में वो करूँगी.. मुझे जी भरकर चोद.. आज मेरी आग को ठंडा कर दे।

फिर करीब 15 मिनट के बाद वो झड़ने लगा तो वो बोला कि में वीर्य कहाँ पर गिराऊँ? तो में बोली कि मादरचोद मैंने कहा था ना तुम मेरी चूत ही चोदना। तो वो तुरंत मेरी चूत में अपना लंड डालकर मुझे चोदने लगा और उसने सारा वीर्य मेरी चूत में ही छोड़ दिया.. तो में देव से बोली कि तू एक काम कर.. तू तीन चार दिन के लिए अपने ऑफिस से छुट्टी ले ले और हम तीनो बहुत मस्ती करेंगे और हम चार दिन तुम्हारे साथ तुम्हारी रंडी बनकर रहेंगी और तुझे अपना पति बनाकर चुदाई करवाएंगी। फिर उसने ऐसा ही किया और हम तीनो ने चार दिन तक कोई कपड़ा नहीं पहना। हम नंगे ही रहे.. उस चार दिन में सिर्फ़ ख़ाने के और सोने के अलावा हम सिर्फ़ चुदाई ही कर रहे थे ।।

धन्यवाद …

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