प्रीति की बहन भी चुदी गई

प्रेषक : दीप

हैल्लो दोस्तों में दीप भोपाल का रहने वाला हूँ। में आपके लिए लाया हूँ एक और नई कहानी, मैंने अपनी पहली कहानी मे प्रीति के बारे मे बताया था कि मौका मिलते ही हम दोनो सेक्स करते थे। उसके घर पर, यह बात दिसम्बर की है। प्रीति ने अपने जन्मदिन पर मुझे अपने घर बुलाया और हम सभी ने उसकी फेमली और मैंने मिलकर जन्मदिन मनाया और रात का डिनर भी उनके घर ही किया। अब मुझे वहाँ पर रात बहुत हो चुकी थी। अब में जाने को तैयार हो गया था, लेकिन इस खास मौके पर ना प्रीति ने मुझे ना मैंने उसे कोई अनमोल गिफ्ट नही दिया था।

इसलिए हम दोनो मौका तलाश कर रहे थे, लेकिन हमे मौका नहीं मिला था, तभी प्रीति के पापा ने कहा कि आज तुम यही पर रुक जाओ ना हम सब रात को यहाँ पर बहुत मजे करेंगे और आंटी भी कहने लगी थी, तो मे भी रुक गया अब मुझे लगा रात मे तो मौका मिलेगा ही। अब रात के करीब 11 बज रहे थे और हम सभी एक साथ बैठ कर गेम खेलने लगे थे। प्रीति मम्मी के पास जा कर बैठ गई और वो मेरे ठीक सामने थी, उसने उस दिन सूट पहन रखा था। उसमे वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी। मेरे पास उसकी दीदी और पापा थे उसके पापा तो गेम के साथ साथ ड्रिंक का भी मजा ले रहे थे।

तभी मेरे मन मे एक प्लान आया कि क्यों ना सबको कुछ नशा करा दूँ ताकि सब सो जाए और हम दोनो सेक्स कर सके, मैंने अपना मोबाइल लिया और उसमे मैसेज टाइप किया कि मेरा मन हो रहा कि कुछ स्पेशल हो हमारे बीच लेकिन तुम्हारी फेमेली तो कुछ नहीं करने देगी तो तुम चाय बनाने के बहाने जाओ और तुम्हारे घर मे जो नींद कि गोलिया है, उन्हें सबकी चाय मे एक एक गोली डाल दो और मैंने मैसेज लिखकर प्रीती को मैसेज भेज दिया और मैंने आंटी से कहा कि आंटी ठंड है। थोड़ा हॉट पी लिया जाए मुझे चाय या कॉफी बहुत पसंद है आंटी मान गई थी।

फिर वो चाय बनाने जाने लगी थी तभी प्रीति ने कहा कि में बना लाती हूँ और वो चली गई और हम सब गेम खेलते रहे, थोड़ी देर मे प्रीति वहाँ पर चाय लाई और अपने हाथो से सबको दी। उसकी दीदी ने चाय ली और कहा कि वो अब सोएगी नींद आ रही है और वो तो अपने रूम पर चली गई थी और फिर हम सभी ने चाय पी और थोड़ी देर मे आंटी को भी नींद आने लगी थी और वो अंकल और बेटे को लेकर सोने चल दी और मुझको प्रीति के पड़ोस वाला रूम दिया गया था। जो कि ऊपर था प्रीति ने नीचे लाइट बंद की और हम ऊपर जाने लगे। मैंने उसके ऊपर जाते ही पकड़ कर ज़ोरदार किस दिया और बूब्स दबाने लगा था और वो भी ज़ोर से किस कर रही थी। तभी प्रीति ने कहा कि तुम अपना रूम खुला रखना मे थोड़ी देर मे आती हूँ। दीदी को चेक कर लूँ कि वो सोई है कि नहीं।

में अपने रूम मे जाकर सिर्फ़ अंडरवियर मे कंबल के अंदर लेट गया सोचा कि थोड़ी देर मे तो मजे लूँगा ही तो ड्रेस क्यों चेंज करूं और फिर थोड़ी देर मे प्रीति आ गई, उसने भी लोवर और टी-शर्ट पहन रखी थी। उसके बूब्स हिल रहे थे, उससे पता चल रहा था कि उसने ब्रा नहीं पहनी है। शायद वो चुदने के लिये तैयार थी। अब मैंने भी देर ना करते हुए उसको अपने बिस्तर में खींचा और ज़ोर ज़ोर से किस करते हुए उसकी गर्दन को चूमने लगा और टी-शर्ट के अंदर हाथ डालकर बूब्स को दबा रहा था और प्रीति भी अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ कर सहला रही थी और अब मैंने जल्दी से उसकी टी-शर्ट निकाल दी और लोवर को भी निकाल दिया और उसकी टांगे फैला कर अपना लंड उसकी चूत पर थोड़ी देर सहलाया और चूत के अंदर लंड डाल दिया था।

अब उसने थोड़ी आवाज़ की और मुझसे लिपट गई ठंड बहुत थी, लेकिन हमारी बॉडी भी बहुत गर्म थी, मैंने उसके होठो को चूसना शुरू किया और अपने हाथो से उसकी पीठ सहला रहा था और बीच बीच मे उसके चूतडों को भी नोच रहा था। जिससे वो तड़प उठी वो भी मेरे सर पर हाथ फेरती कभी मेरे लंड को अपने एक हाथ से बाहर से सहलाती और मेरे होंठो पर भी काटती लेकिन उसकी चूत से पानी बहुत निकल रहा था। अब वो बहुत कामुक हो चुकी थी और लंड भी उसकी चूत में फूच्छक् फूच्छक् कि आवाजें कर रहा था। अब हम दोनो बहुत जोश मे थे, फिर मैंने उसको धीरे से कहा कि जन्म दिन मुबारक हो और कहा कि आज में तुमको नये अंदाज मे चोदता हूँ और मैंने उसको डॉगी स्टाइल के लिए तैयार किया और पीछे से लंड डाल कर ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा था। मैंने अपने हाथ से उसके बूब्स सहला रहा था उसने मेरी एक ऊँगली अपने मुहं मे ले ली और चूसती रही और इस बीच वो दो बार झड़ भी चुकी थी और मैंने भी आज उसकी चूत की गहराईयो मे अपना सारा वीर्य छोड़ दिया था।

वो मजे से मजे ले रही थी। उसने चुदने के बाद मेरा सर अपनी गोद मे रखकर बात कर रही थी, कि अचानक उसकी दीदी कमरे में घुस आई और गेट बंद कर दिया। अंदर से हम दोनो एकदम नंगे थे। उसकी दीदी के सामने मेरा झुका हुआ लंड था और प्रीति की बहती हुई चूत। तभी हम दोनो ने जल्दी से कम्बल उठाकर लपेट लिया और कुछ नहीं बोले उसकी दीदी ने कहा कि ये सब क्या है।

तुम दोनो तो बहुत गंदे हो। हम दोनो बहुत डरे और उसने हमे बहुत भला बुरा कहा और मम्मी पापा को सब कुछ बताने की धमकी देने लगी। अब तो हम दोनो और भी ज्यादा डर गये थे। कुछ थोड़ी देर बाद उसकी दीदी थोड़ा नर्म पड़ी और कहने लगी कि मे समझती हूँ, कि सेक्स के लिये ज़्यादातर लोग बहक जाते है और तभी मैंने दीदी से पूछा कि दीदी आपको नींद नहीं आई दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा कि अगर में सो जाती तो तुम दोनो कि ये सीन चुदाई कैसी देख पाती और ना ही तुम दोनो कि चोरी पकड़ी जाती। मैंने दीदी से कहा कि हमने तो चाय मे नींद कि गोली मिला दी थी और फिर भी आप जाग रहे हो। दीदी ने कहा बच्चो तुम अभी बहुत छोटे हो और मैंने तुम्हे प्रीति को मैसेज भेजते देख लिया था और वो मैंने चाय फेंक दी थी।

में सोने का नाटक कर रही थी। प्रीति तो एकदम खामोश हो गई थी। जैसे साप सूंघ गया हो प्रीति ने धीरे से कहा कि दीदी प्लीज पापा मम्मी को मत बताना प्लीज़, दीदी ने पहले तो उसको कुछ जवाब नहीं दिया, फिर कहा कि एक शर्त पर प्रीति ने कहा कि क्या, दीदी ने उसके पास जा कर उसके कान मे कुछ कहा प्रीति का चेहरा देखने लायक था और प्रीति ने भी दीदी को कान में ही जवाब दिया और दीदी रूम से चली गई। मैंने प्रीति से पूछा कि तुमने क्या कहा तो बोली सीक्रेट है, नहीं बताउंगी पांच मिनट मे उसकी दीदी फिर से रूम मे आ गई और कमरे का दरवाजा बंद करके प्रीति से बोली चलो आगे बात करते है और प्रीति ने मेरा कम्बल उठा दिया और मेरे लंड को हाथ मे लेकर सहलाने लगी थी, मुझे तो शरम आ रही थी।

लेकिन उसकी दीदी भी मजे ले रही थी, दीदी के गाल लाल हो गये थे मे भी समझ गया कि दीदी भी सेक्स करना चाहती है। मेरा लंड भी खड़ा हो गया था और मे भी जोश मे आ गया था। में उठकर दीदी के पास जाकर बोला कि दीदी लंड दूर से लेना है या मे आपकी मदद करूं और वो हंस पड़ी, अब मैंने उनको पकड़ कर बेड पर ले आया और उनका लोवर और कुरती निकाल दी। दीदी मेरे सामने खुली हुई एक किताब कि तरह पड़ी थी। उनकी पेंटी गीली थी स्किन का कलर साफ था, गौरी खाल चमक रही थी, उनके बूब्स थोड़े छोटे थे लेकिन शेप बहुत प्यारी थी, अब मैंने दीदी के होठो पर अपनी ऊँगली से सहलाना शुरू कर दिया था।

लेकिन दीदी तो पहले से ही गर्म थी और वो ज़ोर से सिसकियां भरने लगी थी। अब प्रीति भी कहने लगी में दीदी कि चूत चूसना चाहती हूँ और तभी वो दीदी कि पेंटी उतार कर चूत पर टूट पड़ी उसने जब उनकी पेंटी उतारी तो मैंने देखा कि बहुत गर्म चूत थी। बाहर तो पिंक कलर की थी उस पर अंदर का छोटा गोल दाना और वो भी बहुत रसीली चूत बिल्कुल क्लीन शेव फूली हुई चूत थी। अब प्रीति ने तो दीदी कि चूत को ऐसे चाटना शुरू किया कि जैसे कोई आईस का गोला चूस रहा हो। मैंने तो दीदी के होठो पर अपने होंठ रखकर उनको तड़पाने लगा था। अब उनकी भूख और बड गई तो उन्होने ही मुझको पकड़ कर किस करना शुरू कर दिया था और मे उनकी ब्रा का हुक खोलने में लगा और मैंने उनकी ब्रा अलग कि तो बूब्स कि शेप देखकर तो मेरा मन हुआ कि अभी चोदकर सारा वीर्य बूब्स पर डाल दूँ।

अब मे दीदी के बूब्स के निप्पल को चूसने लगा था, कि तभी दीदी झटका मारते हुए झड़ गई और प्रीति का सारा मुहं पानी से भीग गया था। प्रीति उठकर दीदी के साथ किस करने लगी थी, दोनो बहने एक दूसरे के बूब्स भी दबा रही थी और किस भी कर रही थी तभी मैंने कहा हम लोग आज ग्रुप सेक्स करेगे और वो दोनों तैयार हो गई और हम सेक्स करने लगे। फिर हम लोग ऐसे ही शुरू हो गये थे कि में कभी प्रीति कभी दीदी के बूब्स दबाता और मजे लेता, दीदी की चूत का पानी बहुत ही ज्यादा था और थोड़ी देर के बाद हम एक एक करके झड़ते गये और हम सभी एक दूसरे का पानी पी गये थे। तभी दीदी ने मुझसे कहा कि मुझे तुम्हारा लंड चूसना है और तभी मैंने अपना लंड उनके मुहं मे डाल दिया था। मे प्रीति कि चूत चूसते हुए उसके बूब्स दबाने लगा था और प्रीति दीदी के बूब्स दबा रही थी।

अब मेरा लंड खड़ा हुआ तो मैंने दीदी को कहा कि चलो अब में आपको फिर से चोदता हूँ। दीदी पीठ के बल लेट गई फिर मैंने उनकी टाँगे फैलाकर अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ने लगा। उनकी चूत बहुत गर्म थी। प्रीति ने भी उनके मुहं मे अपनी चूत दबा दी। दीदी जीभ डाल कर चूत को चोद रही थी, तभी मैंने दीदी की चूत मे ऊँगली डालने को जैसे तैयार हुआ, तभी दीदी ने कहा कि तुम तो सीधी चूत फाड़ दो, मुझे बहुत सालो से लंड नहीं मिला है। अब तुम लंड डाल दो इस चूत मे, अब ज़्यादा मत तड़पाओ और अब मैंने उनकी चूत के छेद पर लंड टिकाया और पूरी ताक़त के साथ एक धक्का मारा। मेरा लंड दीदी की चूत को फड़ता हुआ अंदर चला गया पूरा का पूरा, लेकिन दीदी दर्द के कारण चीखने लगी थी।

तभी प्रीति ने अपनी चूत उसके होंठो पर अड़ा दी और उसके बूब्स को ज़ोर से मसलने लगी थी, कि तभी दीदी के तो आँसू निकल आए थे और मे भी लंड अंदर डालकर पागल हो रहा था और मेरा आज लंड भी आग की भट्टी मे जलने लगा था। उसकी चूत बहुत गर्म थी, मैंने भी प्रीति के होठो को चूसना शुरू कर दिया था तभी प्रीति कहने लगी कि तुम आज दीदी को चोदो, देखो ये बेचारी दीदी कितनी तड़पती होगी बिना सेक्स के। तभी मैंने भी धीरे धीरे धक्के मारने शुरू कर दिए थे।

तभी कुछ मिनट बाद ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा था और दीदी भी चूतड़ उठाकर मेरा पूरा साथ दे रही थी। दीदी बीच बीच मे प्रीति की चूत पर हल्के से काट रही थी। प्रीति भी दीदी के मुहं पर कई बार झड़ गई थी, लेकिन दीदी तो सारा पानी पी गई उसकी चूत का। में भी मजा ले रहा था और दीदी को उसके होंठ नोच कर तड़पा कर चोद रहा था। दीदी चुदाई के दौरान दो तीन बार झड़ भी गई थी, मेरा लंड दीदी के पानी से पूरी तरह भीग गया था, एक दो बार लंड चूत से बाहर भी निकल गया था चुदाई के दौरान, में भी बहुत देर चोदने के बाद दीदी की चूत मे ही झड़ गया था।

फिर दीदी के ऊपर किस करते हुए लेट गया था। प्रीति भी मेरे पेट पर आकर नंगी लेट गई ठंड के महीने भी थे और हम तीनो नंगे थे। लेकिन हमे ठंड नहीं लग रही थी। अब मैंने धीरे से दीदी से पूछा कि दीदी जब आपको चुदवाना ही था तो ज्यादा क्यों बहाने किये, तभी दीदी ने नॉटी स्माईल मे कहा पागल स्टाईल है यार। मैंने कहा दीदी आप कमरे से बाहर क्यों गये थे। दीदी ने बताया कि मे प्रेग्नेंट ना हो जाऊ इसलिए गोली खाने चली गई थी, क्योंकि मे तुम्हारा वीर्य चूत मे ही लेना चाहती थी और उस रात मैंने बारी बारी से दीदी और प्रीति को दो दो बार और चोदा, फिर मे जब भी उनके घर जाता तो ग्रूप सेक्स या एक एक करके दोनो को चोदता था। प्रीति को दीदी के सामने और दीदी को प्रीति के सामने। मैंने उन दोनों को कई बार चोदा वो दोनों आज भी मेरा हमेशा साथ देती है।

धन्यवाद …

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