बहन को चोदकर बहनचोद बन गया

बहन को चोदकर बहनचोद बन गया

 

प्रेषक : अजय …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अजय है और में 21 साल का हूँ। दोस्तों आज में मेरे और मेरी अंकल की लड़की के बारे में कुछ सच्ची बातें और वो घटना बताने के लिए आया हूँ जिसमें मैंने अपनी बहन जो मेरे चाचा की लड़की है जिसका नाम ज्योति है और वो अपनी पढ़ाई की वजह से हमारे साथ ही रहती थी, जिसके साथ मेरी यह चुदाई पूरी हुई और यह मेरी एक सच्ची कहानी है। दोस्तों वो मुझसे उम्र में तीन साल छोटी है, लेकिन उसका फिगर बड़ा कमाल का है। में जब 12th में पड़ता था तब में सेक्स के बारे में थोड़ा थोड़ा जानता था, लेकिन उन दिनों मेरा लंड बहुत ज्यादा उठता था और उसकी लंबाई करीब 6.5 इंच तक बढ़ जाती थी और आसपास में एक मेरी बहन ही थी जो मेरे लंड को थोड़ी राहत दे सकती थी, क्योंकि वो बहुत ही सेक्सी थी और उसके बूब्स बहुत ही मस्त थे और बहुत ही मुलायम थे। कई बार में उनको अंजाने में छू लेता था, लेकिन वो तो इन सबके बारे में कुछ जानती ही नहीं थी, इसलिए कोई समस्या नहीं थी और में अक्सर उसको पीछे से पकड़कर अपनी गोद में उठा लेता और इसी बहाने से मुझे उसकी गांड और बूब्स को दबाने का मौका मिलता, लेकिन में तो अब उसकी चूत को देखना चाहता था और उसको छूना चाहता था, लेकिन में बिल्कुल भी समझ नहीं पा रहा था कि में इसके लिए क्या करूं? तब मैंने एक तरकीब निकली और मैंने हमारे बाथरूम में दरवाजे में एक छेद किया जिससे कि में उसको नहाते हुए नंगी देख लूँ।

फिर एक दिन मुझे वो मौका मिल गया और शाम का वक्त था। उस समय में अपने घर में बिल्कुल अकेला था और फिर मेरी बहन मेरे पास आ गई, लेकिन में अपने काम में बहुत व्यस्त था, इसलिए मुझे कुछ देर बाद उसके आने के बारे में पता चला, तो में उसको देखकर बहुत खुश हुआ और मैंने उससे पूछा कि तुम कब से मेरे पास खड़ी हो? तब वो कहने लगी कि भैया में भी कुछ देर पहले ही आई हूँ और फिर मैंने उससे मज़ाक करना शुरू किया। मैंने कहा कि तुम आज नहाई क्यों नहीं? देखो तुम्हारा चेहरा आज कैसा लग रहा है, जैसी कि तुम बहुत सालों से नहीं नहाई हो। फिर उसने मुझसे बोला कि भैया में तो आज सुबह ही जल्दी उठकर नहा चुकी हूँ, तब मैंने उससे हंसकर कहा कि हाँ तुम ठीक कहती हो, लेकिन तुम्हारे पास से पसीने की बदबू आ रही है और तुम दोबारा भी नहा लोगी तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उससे तुम अच्छी दिखने लगोगी जाओ अब तुम अभी नहा लो। फिर उसने कहा कि हाँ ठीक है में अभी नहाकर आती हूँ और फिर वो मुझसे यह बात कहकर थोड़ी देर बाद नहाने चली गई। उसे मुझ पर शक ना हो इसलिए में तेज आवाज़ से टीवी देखने लगा और जैसे ही वो बाथरूम में गई मैंने अपनी आखें उस छेद पर चिपका दी जो दरवाजे पर था और मैंने देखा कि वो अब अपने कपड़े उतार रही है।

फिर उसने सबसे पहले अपनी फ्रोक को उतार दिया और उसके बाद में उसने अपनी ब्रा को भी उतार दिया। में देखकर एकदम चकित रह गया वाह क्या मस्त गोलमटोल गोरे बूब्स थे उसके और वो आकार में थोड़े छोटे थे। उनको देखकर मेरा तो लंड बिल्कुल टाइट हो गया। फिर उसने अपनी पेंटी को भी उतार  दी और में तो अपने आपको कंट्रोल नहीं कर पा रहा था। दोस्तों मैंने देखा कि उसकी चूत पर एकदम छोटे छोटे बाल थे और चूत एकदम फूली हुई थी। वो अब फव्वारे के नीचे खड़ी हो गई और उसने पानी को शुरू किया और पानी उसके सर से होकर उसके बूब्स पर जाकर नीचे उसकी मस्त गांड पर आ रहा था और वो अपने दोनों हाथों से अपने बूब्स को दबा रही थी। कुछ देर बाद उसने साबुन लिया और अपने पूरे बदन पर लगाना शुरू किया। वो धीरे धीरे अपने पूरे बदन पर अपना हाथ घुमा रही थी। दोस्तों में यह सब नजारा दरवाजे के उस छेद से देख रहा था, जिसकी वजह से मेरी तो हालत बहुत खराब हो रही थी और वो सिर्फ़ मुझसे दो फीट की दूरी पर थी, लेकिन में उसको छू भी नहीं सकता था अब में अपनी तरफ से कोई भी ऐसा वैसा कदम भी नहीं उठा सकता था, क्योंकि वो अगर मेरे मम्मी और पापा को यह बात दे तो मेरी खेर नहीं और थोड़ी देर के बाद उसने फिर से पानी चालू किया और वो साबुन को बहाने लगी। उसके बाद जो हुआ उसको देखकर में बिल्कुल दंग रह गया, क्योंकि अब वो फवारे के नीचे खड़ी खड़ी अपनी दो उंगलीयों से अपनी चूत को मसल रही थी, जिसको देखकर में तो बिल्कुल चकित हो गया और मुझे लगा कि जैसे यह एक सपना है, लेकिन नहीं यह सब सच था। वो अब हस्तमैथुन कर रही थी। फिर मैंने देखा कि उसको यह काम करने में बहुत मज़ा आ रहा था और मेरा एक हाथ मेरे लंड को सहला रहा था और में उसके चेहरे के हावभाव को देखकर तो बड़ा दंग रह गया और वो सिसकियाँ भी ले रही थी। फिर करीब दस मिनट तक वो अपनी चूत को मसलती रही और उसके बाद में वो एकदम से रुक गई और फिर शांत हो गई, तो में तुरंत समझ गया कि मेरी वो भोलीभाली बहन ज्योति अब छोटी नहीं रही। अब उसकी चूत में भी खुजली हो रही है और जिसका मतलब साफ था कि उसको भी अब चुदाई की जरूरत थी, में तो खुश बहुत था।

अब उसके बाद में वहां से तुरंत हटकर अपना काम करने लगा, लेकिन दोस्तों यह बात तो है कि जब लड़की के बूब्स बड़े हो जाते है तो उन्हे हमेशा कोई ना कोई दबाने वाला भी चाहिए और जब घर में ही इसकी सुविधा हो तो कोई बाहर ही क्यों जाए और कोई फरक नहीं पड़ता कि वो तुम्हारी बहन है या कोई और आख़िर वो भी तो एक लड़की है और उसकी भी बहुत इच्छा होती है और अगर यह सब करने के लिए वो बाहर किसी से कहती है तो अपनी ही इज्जत खराब होती है। फिर यह तो अच्छी बात है कि दोनों सेक्स के लिए एक दूसरे की मदद करे। फिर में उसके ख्यालों में अपना लंड हिलता हिलता सो गया। ख्यालों में कभी वो मेरे ऊपर होती थी और कभी में उसके ऊपर होता था। वो बार बार बोल रही थी कि अजय भैया आपके साथ बहुत मज़ा आता है और उन्ही सपनों में सुबह हो गई। दोस्तों आज तो मैंने सोच लिया था कि कुछ ना कुछ ऐसा किया जाए जिससे में उसकी उस काम में जो वो कल बाथरूम में कर रही थी उसमें मदद कर सकूं? दोस्तों हमारे घर पर दो मंजिला है और ऊपर उसका रूम था और उसके पास में मेरा भी रूम था। मैंने मन ही मन में सोचा कि जो छोटी लड़की बाथरूम में यह सब करती है वो अकेले में तो क्या क्या करती होगी? अब मैंने उसके रूम के अंदर देखने के लिए एक कुर्सी ले ली और में उसके रूम के दरवाजे के पास की खिड़की के नीचे कुर्सी पर खड़ा हो गया, जिससे उसका पूरा रूम अंदर से साफ दिखने लगा था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब मैंने देखा कि वो सो रही है तो में वापस नीचे उतरने लगा, लेकिन उसी वक्त उसने अपना एक हाथ अपनी स्कर्ट में डाला दिया और में झट से समझ गया कि मुझे अब कुछ देखने को मिलने वाला है और फिर मैंने देखा कि वो हस्तमैथुन कर रही है। उसी वक्त मैंने अचानक से उसके दरवाजे को बजा दिया। तो उसने अंदर से आवाज़ लगाकर पूछा कौन है? तो मैंने ज़ोर से कहा कि दरवाजा खोलो और तब उसने दरवाजा खोला और मैंने उससे गुस्से से पूछा कि तुम क्या कर रही थी, मैंने वो सब देख लिया। फिर वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर एकदम से डर गई और मैंने कहा कि में पापा को बोलने वाला हूँ कि तुम रूम में यह सब करती हो। अब वो मेरी बात को सुनकर चुप खड़ी रही और फिर एकदम से बोली कि भैया प्लीज आप यह बात किसी को मत बताना। फिर मैंने कहा कि में उसकी कोई भी बात नहीं सुनने वाला और वो रोने लगी। फिर उसने कहा कि भैया प्लीज आप मत बताना, मैंने उससे कहा कि चलो थोड़ी देर के लिए तुम मान लो कि में किसी को ना बताऊँ, लेकिन उसके लिए मुझे क्या फायदा मिलेगा? तब ज्योति बोली कि आप जो कहोगे में वो सब करूँगी और उससे आपको भी बड़ा फायदा हो सकता है और मुझसे यह बात कहकर वो मुस्कुराने लगी। दोस्तों में उसके मुहं से बस यही सब तो सुनना चाहता था और में उसकी उस हंसी का मतलब भी बहुत अच्छी तरह से समझ चुका था, जिसको वो मुझे बिना कुछ कहे कहना चाहती थी। अब मैंने तुरंत उसको अपनी गोद में बैठा लिया और में उसके मुलायम कूल्हों पर अपने कड़क लंड को छू रहा था और मैंने उससे कहा मैंने वो सब देखा जो तुम कर रही थी, लेकिन क्या तुम मुझे नहीं बताओगी कि तुम अभी क्या कर रही थी? वो मेरी इस बात को सुनकर शरमाने लगी और मैंने उससे कहा कि तुम मुझे बताती हो या में पापा को जाकर बता दूँ? अब वो बोली कि हाँ में बताती हूँ, में हस्तमैथुन कर रही थी। अब में उसके बूब्स को अपने एक हाथ से दबाने लगा और उसको किस भी करने लगा। फिर कुछ देर बाद वो भी गरम होकर मेरे होंठो को चूसने लगी और अब मेरा दूसरा हाथ उसकी चूत में था और वो अब तक बहुत गरम हो गई थी। फिर मैंने छूकर महसूस किया कि उसकी चूत से अब पानी बाहर निकल रहा था। फिर मैंने बिल्कुल भी देर नहीं करते हुए उसके कपड़े उतार दिए और वो मेरे सामने पूरी नंगी थी। उसके बाद मैंने अपनी जेब से कंडोम निकाला और अपने लंड पर लगा लिया।

फिर वो मुझसे पूछने लगी कि आप यह क्या कर रहे हो? में बोला कि ऊँगली की जगह इसको तुम्हारी चूत में डालकर तुम्हे मज़े देना चाहता हूँ और में यह बात उससे कहते ही उसके ऊपर चड़ गया और उसके पूरे नंगे बदन को ऊपर से लेकर नीचे तक चूमने लगा। फिर कुछ देर बाद मैंने अपना लंड उसकी हल्की गुलाबी चूत के मुहं पर रख दिया और में अपने टोपे को उसकी चूत पर घिसने लगा। फिर थोड़ा अंदर बाहर करने लगा और फिर सही मौका देखकर मैंने एक हल्का सा धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से वो बहुत ज़ोर से चिल्ला उठी आईईईईइ भैया उफ्फ्फफ्फ्फ़ मुझे बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज इसको बाहर निकाल लो। दोस्तों मैंने देखा कि उसकी चूत की सील मेरे लंड के उस धक्के टूट गई थी और वो उस दर्द से कराह रही थी। मैंने उसको किस करना शुरू किया जिसकी वजह से उसको थोड़ी राहत हुई और थोड़ी देर तक में बिल्कुल नहीं हिला और जब वो शांत हुई तो मैंने धीरे धीरे अपनी कमर को हिलाया जिसकी वजह से वो सिसकियाँ लेने लगी और वो भी नीचे से अपनी कमर को हिलाने लगी।

दोस्तों अब तक मेरा लंड सिर्फ़ दो इंच ही उसकी चूत के अंदर गया था, लेकिन उसकी चूत अभी मेरे पूरे लंड को लेने के लिए ठीक तरह से तैयार नहीं थी और मैंने फिर भी थोड़ी और कोशिश की तो धीरे धीरे मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया और मैंने बहुत देर तक उसकी जमकर चुदाई की और में उसके बूब्स और उसकी गांड को भी दबा रहा था। वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी और उसे बहुत मज़ा आ रहा था और कुछ देर बाद में झड़ गया। फिर चुदाई पूरी करवाने के बाद वो मेरे ऊपर पूरी नंगी लेट हुई थी और वो मुझसे कह रही थी कि उसको इतना मज़ा पहले कभी नहीं आया, भैया प्लीज आप हर रोज़ मुझे ऐसा मज़ा देना, आपका लंड बहुत अच्छा है और यह शब्द बोलकर वो मेरे लंड के साथ खेलने लगी। अब कभी वो लंड को ऊपर उठाती और कभी अपने दोनों हाथों में लेकर हिलाती, जिसकी वजह से मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और में भी उसकी चूत में अपनी उंगली को डालकर उसके बूब्स को दबाने लगा और उसको होंठो को चूमने लगा।

फिर थोड़ी देर के बाद एक बार फिर से मैंने उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया और उसे स्वर्ग का सुख दिया जो उसे बहुत सालों के बाद मिलने वाला था। दोस्तों मेरी अच्छी किस्मत से 18 साल की उम्र में ही मुझे एक बहुत ही सेक्सी और वर्जिन लड़की को चोदने का मौका मिला था। हर रोज़ में और ज्योति इस तरह एक दूसरे की सेक्स की प्यास बुझाया करते है और मैंने उससे बोला है कि किसी को भी इसके बारे में मत बताना, क्योंकि अगर मेरे घर वालों को पता चला तो हम दोनों की तो वो हालत खराब कर देंगे। फिर मम्मी पापा के घर पर ना होने के बाद हम दोनों बहुत ही करीब हो जाते थे और ज्योति को मेरा लंड भा गया था, तो वो भी हर रात को मुझे अपने पास बुलाया करती थी और जब कभी हम दोनों साथ में टीवी देखते तो वो सही मौका देखकर धीरे से मेरा लंड पकड़कर मसलने लगती और मम्मी के आते ही वो दूर हो जाती और में भी इशारा करके उसको ऊपर अपने रूम में जाने के लिए कहता और वो थोड़ी देर में भी उसके पीछे चला जाता और उसको बहुत जमकर चोदता। फिर थोड़े ही दिनों में उसके बूब्स एकदम सेक्सी होने लगे थे और उनका आकार अब बहुत तेज़ी से बढ़ने लगा था और उसी के साथ साथ उसकी गांड ने भी कोई कमी नहीं छोड़ी थी। उसके पूरे बदन पर चड़ती जवानी का असर साफ साफ नजर आने लगा था। वो अब पहले से भी ज्यादा कामुक दिखने लगी थी और यह सब था मेरी उस चुदाई का असर और मुझे भी अब अपनी सेक्स की प्यास को बुझाने के लिए कहीं और नहीं जाना पड़ता, जब तक उसकी शादी नहीं हो जाती, मुझे उसके साथ जमकर मज़े करने है ।।

धन्यवाद …

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