बहन को जाल में फंसाकर चोदा

प्रेषक : सुरेन्द्र …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सुरेन्द्र है और में 27 साल का हूँ और मेरी शादी हो चुकी है, लेकिन आज में आप सभी को अपनी बहन हरप्रीत के साथ बने मेरे उस सेक्स सम्बंध के बारे में बताऊंगा, जिसको में बहुत सालों से बताना चाहता था, लेकिन ना जाने क्यों डरता था? वैसे इस सेक्स सम्बंध को पूरे चार साल हो चुके है और अब मेरी उस बहन की भी शादी हो चुकी है और अब उसकी उमर 25 साल है, लेकिन हमारे इस रिश्ते का अभी तक किसी को भी पता नहीं है। यह बात बस हम दोनों भाई बहन के बीच ही रही, लेकिन आज में उस सच्ची घटना को आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों के लिए बड़ी उम्मीद से लेकर आया हूँ। दोस्तों मेरी बहन बचपन से ही बहुत हॉट सेक्सी थी। वो बहुत गोरी और उसके चेहरे की बनावट बहुत अच्छी थी और उसका तब फिगर 34-28-34 था, जो किसी भी लड़के को अपना दीवाना बनाने के लिए एकदम ठीक था। उसको देखकर हर कोई उसको लाइन मारता और उसको अपना बनाना चाहता था और इस वजह से में भी अपनी बहन का बहुत बड़ा दीवाना बन चुका था, में उसको पाने छूने के हर कभी कोई ना कोई नये नये तरीके सोचता था। दोस्तों उस समय मेरे घर पर मेरी मम्मी, पापा और मेरी एक और छोटी बहन जसप्रीत भी रहती थी, जिसकी तब उमर 16 साल थी।

एक दिन मेरे मम्मी पापा को किसी काम की वजह से चार पांच दिन के लिए पंजाब जाना पड़ा और उनके चले जाने के बाद मेरे घर पर मेरी दोनों बहन और में ही था। फिर उनके जाने के बाद मैंने एक जगह बैठकर मन ही मन सोचा कि इससे अच्छा मौका मुझे और नहीं मिल सकता। जब तक मम्मी पापा वापस ना आ जाए में अपना सोचा हुआ काम कैसे भी करके पूरा कर लूँ और इसलिए में पूरा दिन बस यही बात सोचता रहा कि में कैसे अपनी बहन की चुदाई कर सकता हूँ? उसको कैसे में अपने जाल में फंसा सकता हूँ। में उससे इस काम के लिए कैसे बात करूं? तब मेरे मन में ऐसे बहुत सारे सवाल घूम रहे थे। फिर तभी उसी शाम को मेरे दिमाग़ में एक बहुत अच्छा विचार आ गया और मैंने तुरंत अपने लेपटॉप को चालू करके फोटॉशप पर एडेटिंग करके अपनी बहन की एक नंगी सेक्सी फोटो बनाई जो दिखने में बिल्कुल असली फोटो लग रही थी और उसको देखकर मेरा भी मन ललचाने लगा था और फिर मैंने उसको अपनी मैल आई डी पर उस फोटो को सेंड भी कर दिया और साथ में मैंने किसी लड़के की तरफ से अपनी बहन के बारे में उल्टा सीधा कुछ भी लिखकर भेज दिया और रात को जब मेरी दूसरी बहन सो चुकी थी और हरप्रीत घर का सभी काम खत्म करके मेरे रूम में सोने के लिए आ गई।

में उसको देखकर मन ही मन बहुत खुश हुआ, क्योंकि में उसका बहुत देर से इंतजार कर रहा था, क्योंकि में उसको अधूरा छोड़कर बीच में बुलाता तो उसको शायद मेरे ऊपर शक हो जाता। अब वो मुझसे बोली कि भैया मुझे अपनी मैल चेक करनी है मैंने उससे बोला कि हाँ बस एक मिनट में अपनी मैल चेक कर लूँ और मेरा जवाब सुनकर वो मेरे पास में बैठ गयी, तभी उनके सामने मैंने अपना मेल बॉक्स खोल दिया और उसमें से मैंने वो मैल खोली और जैसे ही वो मैल खुली तो हरप्रीत अपनी ऐसी तस्वीर को देखकर एकदम चकित होकर मेरी तरफ देखने लगी। उसको कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि उसके साथ यह सब क्या हो रहा है और उसके माथे पर चिंता के साथ साथ पसीने की बहुत सारी बूंदे साफ साफ नजर आ रही थी। उसके चेहरे का रंग एकदम उड़ चुका था और अब में भी उसकी तरफ देखने लगा। अब मैंने उससे पूछा कि यह सब क्या है तू क्या ऐसे काम भी करती है? वो पूरी तरह से डरी हुई थी और उसकी आँखो से पानी बाहर आ रहा था। वो मुझसे बोली कि भाई नहीं यह में नहीं हूँ। फिर मैंने उससे बोला कि देख तू मुझे सच सच बता दे। में पापा मम्मी को कुछ भी नहीं बताऊंगा और वो रोते रोते बोली कि भाई में सच बोल रही हूँ कि यह फोटो मेरी नहीं है। में एकदम सच कह रही हूँ। फिर मैंने उससे बोला कि देख अब तू मुझसे बिल्कुल सच बोल दे, तो हो सकता है में तेरी कुछ मदद कर दूँ, तब वो कहने लगी कि भाई सच में यह लड़की कोई और है यह मेरा फोटो नहीं है और प्लीज तू इस फोटो के बारे में मम्मी पापा को मत बताना। अब मैंने उससे कहा कि इसका मतलब यह तेरी ही फोटो है और तू मुझसे वो सारी बातें और तेरे गंदे काम छुपा रही है। फिर वो बोली कि नहीं सच में, यह मेरी फोटो नहीं है और तू मेरी बात का यकीन कर भाई। जब मैंने कोई ऐसा काम ही नहीं किया तो में क्यों किसी से छुपाउंगी, मेरा यह काम नहीं है। अब में उससे बोला कि में कैसे तेरी बात पर यकीन करूं? लेकिन वो अब कुछ नहीं बोली और बस लगातार रोती चली गयी। फिर तभी मैंने उससे बोला कि देख हरप्रीत तू अब ज्यादा रो मत और में अभी चेक करके देखता हूँ कि यह तेरी फोटो है या नहीं। अभी सब पता चल जाएगा।

फिर वो मुझसे पूछने लगी कि लेकिन वो कैसे पता चलेगा? अब में उससे बोला कि रुक तू मुझे कुछ देर सोचने दे और वो मुझसे बोली कि हाँ ठीक है कुछ देर बाद में उससे बोला कि मेरे पास इस फोटो के बारे में पता लगाने का एक बहुत अच्छा आइडिया है। अब वो मुझसे बोली कि लेकिन क्या भाई? तो में उससे थोड़ा सा हिचकिचाते हुए बोला कि तुझे मेरे सामने अपने सारे कपड़े उतारने होंगे, वो मेरी बात को सुनकर बड़ी हैरानी से मेरी तरफ देखने लगी और वो मुझसे बोली कि भाई तू क्या पागल हो गया है और यह बात मुझसे कहने से पहले तू यह तो सोच ले कि तू मुझसे क्या कह रहा है? फिर मैंने उससे कहा कि इसके इलावा हम दोनों के पास और कोई रास्ता भी नहीं है, क्योंकि तू जब मेरे सामने अपने सारे कपड़े उतारेगी तब में तेरे बदन पर यह निशान चेक करूंगा जो इस फोटो वाली लड़की के बदन पर है और बस यही एक तरीका है जिससे तू मुझे विश्वास दिला सकती है कि यह फोटो तेरी नहीं किसी और लड़की की है। अब वो मेरी बात को सुनकर एकदम चुप रही वो कुछ देर तक ना जाने क्या सोचती रही। फिर उसके बाद वो रोने लगी और मैंने उसको चुप करवाया और समझाने लगा। फिर में उससे बोला कि चल अब कपड़े उतार दे। अभी सब पता चल जाएगा और फिर वो मेरे कहने पर खड़ी हुई और उसने धीरे धीरे हिम्मत करके अपना सूट उतार दिया और फिर उसने मेरे सामने अपनी सलवार को भी उतार दिया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने देखा कि उसने उस समय अपने कपड़ो के नीचे सफेद कलर की ब्रा और काली कलर की पेंटी पहन रखी थी। दोस्तों में उस दिन पहली बार अपनी बहन को ब्रा पेंटी में देख रहा था। में अपनी चकित आखें फाड़ फाड़कर एक टक नजर से उसको देख रहा था। में बिल्कुल पागल हो चुका था और मुझसे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हो रहा था। फिर मैंने हरप्रीत से बोला कि अब तू अपनी इस ब्रा पेंटी को भी उतार दे। उसने शरम से अपना सर नीचे झुका रखा था और फिर धीरे से उसने अपने बाकी के कपड़े भी एक एक करके उतार दिए। जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने पूरी नंगी थी और उसके गोरे गोरे बड़े आकार के बूब्स को देखकर मेरा मन उनको पकड़कर मसलने, दबाने का कर रहा था और उसकी साफ चमकीली चूत सच पूछो तो बहुत सेक्सी लग रही थी। मेरा दिल तो किया कि में उसको कसकर अपनी बाहों में भर लूँ, लेकिन मैंने थोड़ा सा और कंट्रोल करना ठीक समझा। अब में उठकर खड़ा हुआ और मैंने कमरे को अंदर से बंद कर दिया। तब हरप्रीत मुझसे पूछने लगी कि भाई तुमने दरवाजा क्यों बंद किया? फिर में उससे बोला कि अगर अंदर जस्सी आ गयी तो लफड़ा हो जाएगा और यह बात घर में सभी को पता चल जाएगा और वो तुझे मेरे साथ इस हालत में देखकर क्या सोचेगी? अब मैंने अपनी बहन को अपने पास बुलाया। वो धीरे धीरे चलकर मेरे पास आ गई और मैंने उसे कंप्यूटर के पास खड़ा किया और में उसके गोरे नंगे गरम बदन से उस नंगे फोटो को मिलाने लगा और फिर मैंने उसके बूब्स पकड़कर चेक किए, लेकिन अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था, इसलिए मैंने तुरंत अपनी बहन के होंठो पर एक किस कर दिया। अब वो मेरे इस काम से डर गई और उसको कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि में उसके साथ यह सब क्या कर रहा हूँ और अब वो मुझसे बोली कि भाई आप मेरे साथ यह सब क्या कर रहे हो? अब में चुप रहा और लगातार किस करने लगा। वो मुझे अब अपने से दूर करने की कोशिश करने लगी और वो मुझसे बोल रही थी कि भैया प्लीज मुझे छोड़ दे में तेरी बहन हूँ और यह सब ठीक नहीं है, लेकिन में उसके गोरे सेक्सी बदन को देखकर पूरा पागल हो चुका था, जिसकी वजह से मुझे कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था। अब मैंने उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया। वो अब भी रो रही थी और में कभी उसके बूब्स को चूस रहा था और उसकी निप्पल को ज़ोर से मसल रहा था। में उस समय बहुत जोश में था और वो रोकर मुझसे कह रही थी कि प्लीज अब मुझे छोड़ दे आह्ह्हह्ह यह सब गलत काम है उफ्फ्फफ्फ्फ़ आईईईईई मुझे बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज इससे मेरी बहुत बदनामी होगी।

फिर मैंने उसको अब अपनी गोद में उठाकर बेड पर लेटा दिया और तुरंत मैंने अपने भी सारे कपड़े उतार दिए और अब मैंने उसकी गरम चूत में अपनी उंगली को घुसा दिया और वो दर्द से चिल्ला उठी आहह्ह्ह्ह उफ्फ्फफ्फ्फ़ प्लीज छोड़ दो मुझे बहुत दर्द हो रहा है में मर जाउंगी ऊईईईइ माँ प्लीज अब बाहर निकालो। फिर मैंने उसकी कोई भी बात को सुने बिना चूत को अपनी ऊँगली से चोदना शुरू कर दिया। में लगातार अपनी ऊँगली को चूत के पूरे अंदर तक ले जाता और उसके बाद में वापस बाहर निकाल देता। मुझे ऐसा करने में बहुत मज़ा आ रहा था और पहले तो वो दर्द से चिल्ला रही थी, लेकिन अब उसको भी थोड़ा थोड़ा मज़ा आने लगा था और अब वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी थी, क्योंकि उसको दर्द कम मज़ा ज्यादा आ रहा था, इसलिए वो भी मेरे साथ साथ मेरी ऊँगली से चूत चुदाई का पूरा मज़ा ले रही थी। अब इसलिए मैंने टाइम और खराब किए बिना उसकी चूत के मुहं पर अपना लंड रख दिया और मैंने एक जोरदार धक्का देकर लंड को गीली चूत की गहराई में डाल दिया फिर उसके बाद में धीरे धीरे अपने लंड को आगे पीछे करके धकेलने लगा और मुझे ऐसा करने में बड़ा मज़ा जोश आ रहा था, लेकिन वो अब बुरी तरह से चीखने चिल्लाने लगी और फिर मैंने तीन चार झटके मारे जिसकी वजह से अब मेरा लंड पूरा का पूरा मेरी बहन की चूत में अंदर तक घुस गया और वो दर्द से चिल्ला रही थी और छटपटा रही थी, क्योंकि अब मेरा पूरा 6 इंच लंबा मोटा लंड मेरी बहन की कुंवारी चूत में उसकी बच्चेदानी को छू रहा था। अब मैंने कुछ देर रुकने के बाद धीरे धीरे झटके मारने शुरू कर दिए और वो भी मेरे साथ साथ इन झटको के पूरे मज़े लेने लगी थी और फिर वो मुझसे कहने लगी कि हाँ भाई और ज़ोर से उफफ्फ्फ्फ़ अपनी बहन को ज़ोर ज़ोर से चोद आईईईई हाँ जाने दे पूरा अंदर तक। में बहुत दिनों से अपनी चूत को शांत करना चाहती थी, वाह भाई तुम्हारे साथ चुदाई का मज़ा आ गया। अब से में तेरी रंडी हूँ, प्लीज मुझे हमेशा ऐसे ही जमकर चोदना और सारे मज़े देना। दोस्तों में उसके मुहं से यह बात सुनकर और भी ज्यादा पागल हो गया, जिसकी वजह से मैंने जोश में आकर अपने धक्कों की स्पीड को ज्यादा तेज़ कर दिया। फिर वो मुझसे बोली कि भाई में कुतिया हूँ और तुम मुझे जमकर चोदो भाई। अब तू भाई की जगह बहनचोद बन गया है उफफ्फ्फ्फ़ हाँ आज तू अपनी बहन की चूत को फाड़ दे, ज़ोर ज़ोर से चोद उईईईईई हाँ पूरा अंदर तक जाने दे आह्ह्हह्ह फाड़ दे आज मेरी चूत को, इसका भोसड़ा बना दे। अब में उसकी बातें सुन सुनकर पूरे जोश में आ गया और मैंने अपने धक्कों को ज्यादा तेज कर दिया। फिर करीब दस मिनट लगातार धक्के देने के बाद मैंने अपने लंड का पूरा अमृत अपनी बहन की चूत में निकाल दिया और में अपनी बहन के ऊपर ही थककर लेट गया। उसके गोरे गोरे बूब्स की निप्पल को अपनी दो उँगलियों के बीच में फंसाकर उनका रस निचोड़ने लगा। फिर में उससे बोला कि वाह मेरी बहन तू सच में बहुत हॉट सेक्सी है और तेरी चूत तो बहुत मजेदार है। मुझे उसको चोदने में बहुत मज़ा आया। तभी वो शरारती हंसी हंसती हुई बोली कि भाई तू भी तो कुछ कम नहीं है और मुझे तेरे साथ चुदाई करने में बड़ा मज़ा आया और उस अहसास को में किसी भी शब्दों में बोलकर नहीं बता सकती कि में अब क्या और कैसा महसूस कर रही हूँ और आज मुझे कितनी ख़ुशी मिली है? आज से तू दिन में मेरा भाई है और रात में सैयां। मुझे तुझसे अपनी चूत को हर दिन चुदाई करवाकर ऐसे ही मज़े करूंगी और तू मुझे हमेशा ऐसे ही पूरे जोश के साथ चोदना। दोस्तों उस दिन उस चुदाई के बाद हम दोनों ने उस रात को भी सेक्स किया और इस बार पहले मैंने उसकी चूत में कुछ देर लंड को डालकर धक्के देने के बाद उनको अपने सामने घोड़ी बनाकर धीरे धीरे अपने लंड को उसकी गांड में पूरा डाल दिया और उसके बाद मैंने उसकी गांड को भी अपने लंड का गुलाम बना दिया। मैंने उसकी बहुत जमकर गांड मारी और उसने हर बार मेरा पूरा पूरा साथ दिया। फिर जब तक हमारे घर वाले वापस नहीं आए हमने ऐसे ही मज़े किए। दोस्तों यह हमारी चुदाई का सिलसिला अभी तक भी जारी है और इस बीच मैंने उसको बहुत बार चोदा, लेकिन हाँ अब वो एक बच्चे की माँ भी है और वो बच्चा भी मेरी चुदाई का फल है, लेकिन सभी लोग यह सोचते है कि वो मेरे जीजा का है और यह बात मुझे मेरी बहन ने खुद बताई। वो शुरू से ही मेरी चुदाई से बहुत खुश थी और उसको मेरे लंड की अब एक आदत सी हो गई थी। हमें जब भी कोई अच्छा मौका मिलता तो हम उसका पूरा पूरा फायदा उठाकर अपने अपने जिस्म की आग को ठंडा करते है ।।

धन्यवाद …

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