बेटी की जगह माँ चुद गयी – 2

प्रेषक : रोकी ..

“बेटी की जगह माँ चुद गयी – 1” से आगे की कहानी ..

तो दोस्तों फिर उनकी यह बात सुनकर मेरी आँखों में पानी आ गया और मैंने उनसे कहा कि ऐसा मत बोलिए मुझे कोई पैसे वैसे नहीं चाहिए और अब में मंजू बुआ के साथ साथ आपको भी चोदूंगा.. लेकिन बुआजी गयी कहाँ है? तो दादी ने बताया कि उनको देखने कोई लड़का आने वाला है उनके भाई के घर पर इसलिए वो अपने मामाजी के घर गयी है और दो दिन के बाद आ जाएँगी। तो यह सुनकर में थोड़ा उदास हो गया.. क्योंकि अगर बुआजी की शादी हो गयी तो में किसे चोदूंगा.. लेकिन फिर मुझे याद आया कि अरे उस के लिए दादी है ना.. मुझे जब तक कोई और नहीं मिलती में इनको चोद लिया करूँगा। फिर मैंने दादीजी को बेड पर लेटा दिया और उनके बूब्स को चूसने लगा और अंधेरे में कुछ दिखाई नहीं दे रहा था.. लेकिन मैंने चूत पर हाथ लगाया तो मैंने महसूस किया कि दादीजी की चूत बालों से बिल्कुल ढकी हुआ है। तो मैंने बालों को हटाते हुए चूत के अंदर उंगली डाल दी तो दादी के मुहं से अह्ह्ह अहह की आवाज़ें निकलने लगी और उन्होंने कहा कि यह क्या कर रहे हो? तो मैंने कहा कि आप देखती जाईए में क्या क्या करता हूँ। फिर में उनकी चूत के दाने को ज़ोर ज़ोर से रगड़ने लगा तो दादी के मुहं से तेज़ तेज़ आवाज़ निकलने लगी अहह ओह माँ और दस मिनट ऐसे करने के बाद वो ज़ोर से चिल्लाने लगी और मेरे हाथ को चूत से दूर कर दिया और बेड पर तड़पने लगी। तो में बहुत डर गया और पूछा कि क्या हुआ? इस पर दादी के मुहं से सिसकियाँ निकालते निकलते जबाब दिया कि मेरी चूत बहुत जल रही है और उसमे से कुछ निकल रहा है आईईईई अहह पता नहीं तुमने क्या किया है ओह्ह। फिर मैंने चूत को हाथ से छुआ तो पता चला कि दादी झड़ गयी है तो इस कारण चूत का मुहं अपने आप खुल और बंद हो रहा था और चूत से ढेर सारा गाढ़ा पानी निकल रहा है।

तो मैंने दादी से कहा कि कुछ नहीं हुआ तुम झड़ गयी हो इसलिए तुम्हारी चूत में से यह पानी निकल रहा है और उसके बाद दादी ने कहा कि लेकिन ऐसा तो पहले कभी नहीं हुआ था फिर आज क्यों? तो मैंने कहा कि लगता है आज से पहले कभी आप झड़ी नहीं है और शायद दादाजी जब आपको चोदते थे तो कभी आपकी चूत को ऐसे नहीं मसलते थे। फिर दादी ने कहा कि तू चूत मसलने की बात कर रहा है आज तक तेरे दादाजी ने मुझे कभी पूरा नंगा करके नहीं चोदा और यहाँ तक कि उन्होंने कभी मेरे बूब्स को छुआ तक नहीं और मैंने आज तक कभी उनका लंड देखा भी नहीं और उन्होंने भी मेरी चूत कभी देखी ही नहीं है। तो यह बात सुनकर आप लोगों को शायद अजीब लग रहा होगा.. लेकिन यह बात आज से 15-16 साल पहले की है उस वक़्त गावं में सभी मर्द धोती पहनते थे और जब भी वो किसी को चोदना चाहे तो धोती को ऊपर उठाकर ऐसे ही चोद देते थे। तो इस कारण दादी ने भी कभी चुदाई का असली मज़ा लिया ही नहीं था।

फिर जब दादी की चूत से सारा पानी निकल गया तो वो थोड़ी शांत हो गयी.. फिर मैंने कहा कि अब आप बैठ जाओ और मेरे लंड को मुहं में डालकर चूसो.. पहले तो उन्होंने लंड को चूसने से मना किया। फिर जब मैंने कहा कि एक बार चूसकर तो देखो अगर अच्छा नहीं लगा तो फिर कभी नहीं कहूँगा। तो उसके बाद डरकर दादी ने मेरे लंड को हाथ में लिया और उसे अपने मुहं में डालने लगी और पहली बार लंड को मुहं में लिया तो उल्टी करने लगी। फिर बार बार ऐसा करते करते उन्होंने मेरे लंड को चूसना शुरू किया। उनको पता ही नहीं था कि लंड कैसे चूसते है? तो मैंने कहा कि आप एक काम करो लंड को मुहं में रखो और आइस्क्रीम की तरह चूसो। फिर दादी ने वैसा ही किया उन्होंने सिर्फ़ लंड के गुलाबी हिस्से को मुहं में लिया और चूसने लगी और जब वो लंड को चूस रही थी तो मुहं से आवाज़ निकालती थी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। जब मेरा लंड चोदने के लिए पूरी तरह से तैयार हो गया तो मैंने उनको बेड पर लेटा दिया और पैरों के बीच जाकर बैठ गया। फिर मैंने अंधेरे में चूत के छेद को हाथ से ढूंढकर लंड को उसके मुहं पर रख दिया और उसके बाद में दादी के ऊपर सो गया और धीरे से लंड को चूत में डालने लगा। दादाजी ने जितने दिन भी दादी को चोदा था उतने में ही चूत की धज्जियां उड़ा दी थी और उस कारण दादी की चूत फेल गयी थी.. लेकिन पिछले 15-16 सालों से नहीं चुदवाने के कारण चूत का छेद थोड़ा सा सिकुड गया था और मैंने ज़ोर ज़ोर से धक्के मारकर लंड को चूत में पूरा डाल दिया और जब मेरा लंड चूत में जड़ तक पहुंच गया तो में तेज़ झटके मारने लगा। तो दादी बोली कि अहह बहुत अच्छा लग रहा है इतने दिनों के बाद लंड को चूत में लेकर ओहहह मज़ा ही आ गया.. अरे वाह बेटा तू तो बड़े अच्छे से चोदता है बिल्कुल मर्दों की तरह।

दादी की चूत बहुत गरम थी इसलिए में 25-30 मिनट में ही झड़ गया और मैंने सारा वीर्य उनकी चूत में ही निकाल दिया और उसके बाद दादी ने मुझे अपनी बाहों में लेकर मेरे माथे को चूमा और कहा कि तू नहीं जानता कि तूने आज मेरी कितने सालों की तमन्ना पूरी की है? क्यों अब तू मुझे रोज़ चोदेगा ना? तो मैंने कहा कि मुझे भी आपको चोदकर बहुत अच्छा लगा अब.. लेकिन मंजू बुआ की शादी हो गई तो भी कोई टेंशन नहीं में आपको रोज़ चोदूंगा और इतना कहकर में उनकी छाती पर लग गया। फिर दादी ने मुझसे कहा कि कल दोपहर को तू आ जाना में चुदवाने के लिए तैयार रहूंगी। तो मैंने कहा कि ठीक है में कल आ जाऊंगा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर में अगले दिन दोपहर को उनके घर गया तो दादी पहले से ही बुआ के कमरे में तैयार थी और अंदर जाते ही में उनके गले लग गया.. उस दिन उन्होंने साड़ी पहनी थी और वो अंदर कुछ नहीं पहनती थी। तो मैंने उनकी साड़ी को पूरा निकाल दिया और जैसे ही मैंने उनको नंगा देखा तो में देखता ही रह गया उनके शरीर का रंग काला था और उनकी चूत में इतने बाल थे कि काले शरीर के काले बालों ने बिल्कुल चूत को ढक दिया था और बाल नाभि के नीचे से ही निकले हुए थे और ऐसे बाल चूत में देखकर मुझे बहुत अजीब लगा। तो मैंने कहा कि दादी क्या आप अपनी चूत के बालों को साफ नहीं करती? तो उन्होंने कहा कि मुझे क्या पता कैसे करते है? मैंने कहा कि चलो आज में आपकी चूत के बालों के साफ करता हूँ एक बार मैंने देखा था.. मंजू बुआ और छाया बुआ कैसे एक दूसरे की चूत को साफ करती थी?

फिर मैंने मंजू बुआ का शेविंग सेट लिया और साथ में थोड़ा पानी भी.. पहले मैंने केंची से बालों को काटा.. फिर मैंने चूत में अच्छे से साबुन लगाया और ब्लेड से साफ करने लगा और शेविंग करते वक़्त दादी हँसने लगी.. क्योंकि उनको बहुत गुदगुदी हो रही थी। तो मैंने धीरे धीरे उनकी चूत को पूरा साफ कर दिया और पानी से अच्छे से धो दिया और उसके बाद हम दोनों बेड पर गये और मैंने दादी की चूत का मुहं खोला तो अंदर लाल लाल दिख रहा था.. पिछली रात को अंधेरे के कारण मैंने उनकी चूत को ठीक तरह से देखा नहीं देखा था। तो मैंने कहा कि आपकी चूत तो मंजू बुआ से भी बहुत अच्छी दिखती है। तो दादी शरमा गयी और मुझे अपनी बाहों में भर लिया और में उनके बूब्स को चूसने और दबाने लगा तो वो शह्ह सीईईईई करने लगी। फिर मैंने उनकी चूत का मुहं खोला और उंगली डालकर चोदने लगा.. तभी कुछ देर बाद वो चीख चीखकर झड़ने लगी और उनकी चूत से सफेद गाढ़ा पानी निकल रहा था और उसके बाद मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए दादी को लंड चूसने के लिए कहा।

तो उन्होंने कहा कि तेरा लंड तो बहुत बड़ा है और यह कहकर वो मेरे लंड को मुहं में डालकर चूसने लगी.. में उनकी गांड के छेद को सहलाने लगा और मेरा लंड जब तैयार हो गया तो मैंने उनको बेड के साईड पर लेटा दिया और मैंने उनके पैरों को अपने कंधे पर रखा और लंड को चूत के मुहं पर टिका दिया और मैंने दोनों बूब्स को पकड़कर एक ज़ोर का धक्का मारा तो पूरा लंड चूत में घुस गया और दादी चीख पड़ी अहह अह्ह्ह बहुत दर्द हो रहा है ईईईई थोड़ा धीरे ऊई माँ आआआअ में और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा और कुछ देर बाद मैंने कहा कि अब आप उल्टी हो जाओ में आपकी गांड में लंड डालकर चोदूंगा। इस पर दादी ने कहा कि नहीं गांड में भी क्या कोई चोदता है? इतना बड़ा मूसल अगर मेरी गांड में घुसेगा तो मेरी गांड फट जाएगी। तो मैंने कहा कि आप चिंता मत कीजिए में आराम से चोदूंगा और मैंने उनको घोड़ी बनाया और पीछे गांड के छेद में लंड घुसाने लगा तो वो फिसल जाता.. क्योंकि उन्होंने कभी गांड नहीं मरवाई थी तो वो बहुत टाईट था। तो मैंने थोड़ा तेल लिया और गांड में अच्छे से उसे लगाया और थोड़ा सा मेरे लंड पर भी लगाया और उसके बाद मैंने उनको गांड को खोलने के लिए कहा और लंड को छेद के मुहं पर रख दिया फिर ज़ोर से धक्का मारा तो तेल के कारण आधे से ज़्यादा लंड गांड के अंदर घुस गया। दादी चिल्लाने लगी ओहहह निकालो ऊऊऊऊ बहुत दर्द हो रहा आआआआआ है ईईईई और में उनकी बात सुने बिना एक और धक्का मारकर पूरा लंड गांड में डाल दिया और चोदने लगा। वो चिल्लाती रही ऊई माँ में ईईई मर गई मेरी तो गांड फट गई अहह। तो में उनकी बात को अनसुना करके चोदने लगा और बड़ा मज़ा आ रहा था कसी हुई गांड मारने में.. मैंने अपनी रफ़्तार बड़ा दी तो वो और तेज़ चिल्लाने लगी। फिर मैंने उनको सीधा किया और चूत में लंड डालकर चोदने लगा और इस बीच दादी झड़ गयी थी और अब में भी झड़ने वाला था तो में और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा.. में उनके ऊपर लेटकर चोद रहा था और साथ ही साथ बूब्स को चूस रहा था और दबा रहा था और कुछ देर बाद में भी झड़ गया और मैंने उनको कसकर पकड़ लिया और तेज़ झटके मार मारकर झड़ने लगा और मैंने सारा लंड का पानी चूत में निकाल दिया।

फिर उसके बाद दादी ने कहा कि कल तो मंजू आ जाएगी और तू उसे चोदने लगेगा और फिर मेरा क्या होगा? तो मैंने कहा कि आप चिंता मत कीजिए.. में सब कुछ सम्भाल लूँगा। फिर अगले दिन जब मंजू बुआ आई तो में उनको चोदने के लिए रात को गया और मैंने उनको जमकर चोदा। फिर उन्हे बताया कि कैसे मैंने उनकी गैरहाज़री में दादी को चोदा.. लेकिन पहले तो वो विश्वास नहीं कर रही थी। फिर जब मैंने दादी को कमरे में बुलाकर उनके सामने कहा तो वो मान गयी और हम दोनों ने उनको सब कुछ बताया तो वो मान गयी और उस दिन के बाद में माँ बेटी दोनों को मिलकर चोदने लगा और हम तीनों टीवी पर ब्लूफिल्म देखकर चुदाई करते थे। फिर में जब एक को चोदता था तो वो दूसरी की चूत को सहलाती थी और ऐसे ही हम तीनो रोज़ चुदाई करने लगे। फिर तीन महीने बाद मंजू बुआ की शादी हो गयी और में सिर्फ़ उनकी माँ को चोदने लगा.. लेकिन जब भी मंजू बुआ अपने घर आती थी तो में उन दोनों को चोदता था और यह सिलसिला करीब दो सालों तक चला।

फिर में कॉलेज की पढ़ाई के लिए शहर आ गया। शहर आने के बाद मैंने फिर कभी उन दोनों में से किसी को नहीं चोदा.. लेकिन यह मेरी लाईफ का एक ऐसा अनुभव है कि जिसे में कभी भी भुला नहीं सकता। आज मंजू बुआ के दो बच्चे हो गये है और में जब भी गाँव जाता हूँ तो अगर वो अपने घर आई होती है फिर में उनसे मिलने जाता हूँ। अब उनकी माँ बूढ़ी हो गयी है और उनके पिताजी की म्रत्यु हो गई है.. लेकिन फिर भी हम तीनों बैठकर सारी पुरानी यादें ताज़ा करते है ।।

धन्यवाद …

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