भाभी की चूत का भोसड़ा बनाया

प्रेषक : लवली ..

हाय दोस्तों.. में आप सभी की तरह कामुकता डॉट कॉम पर हर एक सच्ची कहानी पड़ता हूँ और अपनी भाभी की चूत चोदता हूँ.. मेरा नाम लवली है और में दिल्ली में रहता हूँ। अब में आपको बोर नहीं करते हुए सीधा कहानी पर आता हूँ.. जिसे पढ़कर लंड और चूत का पानी निकल जायेगा। मेरी बैंक की नौकरी मस्त चल रही है और मेरी जिंदगी अकेले ही कट रही है। सुबह जिम जाना, फिर बैंक और फिर अपने फ्लेट पर। अभी थोड़े दिन पहले ही में दूसरे फ्लेट में शिफ्ट हुआ और मेरे नये मकान मालिक एक आंटी और उनकी बेटी है। मेरी सरकारी नौकरी को देख़ते हुए उन्होंने मुझे किरायेदार रखा.. वो दोनों दूसरे फ्लोर पर और में तीसरे फ्लोर पर रहता हूँ। आंटी की उम्र 45 के आस पास है और उनकी बेटी की उम्र 28 के आस पास है। आंटी एक खूबसूरत औरत है और आंटी से कई गुना खूबसूरत उनकी बेटी है जिनको में मजाक में भाभी बोलता था। वो भी नौकरी करती है और उसकी भी मेरी तरह रविवार को छुट्टी रहती है।

एक दिन जब में किराया देने गया तो आंटी ने गेट खोला और में किराया देकर वापस आने लगा। तो आंटी बोली कि बेटा पहली बार आये हो चाय पीकर जाओ.. तो में रुक गया और आंटी चाय बनाने लगी। तभी उसी टाईम भाभी भी आ गयी और मैंने हाय हैल्लो किया और उन्होंने भी मुस्कराते हुए हाय हैल्लो किया और वो मेरे सामने बैठ गयी और में उनके मोटे मोटे मस्त बूब्स में खो गया। तो भाभी ने इस बात पर गौर कर लिया और मुस्करा उठी। फिर मेरा लंड अपने तेवर दिखा रहा था.. तभी आंटी ने चाय लाकर दी और हम लोग चाय के साथ साथ बातें भी करने लगे। फिर आंटी ने बताया कि भाभी जिसका नाम सिमी था उसका तलाक हो चुका है और वो अपनी माँ के साथ रहती है। तो मैंने कहा कि अब में चलता हूँ.. लेकिन मेरा मोटा लंड अब भी ख़ड़ा था जिसे भाभी ने ध्यान से देखा और मुस्करा दी.. उसकी मुस्कान ने बता दिया कि मुझे जल्दी ही उनकी चूत मिलने वाली है। तो में घर पर आया और मैंने भाभी के नाम की मुठ मारकर अपने लंड को शांत किया।

फिर एक दो दिन बाद में बैंक में काम कर रहा था कि भाभी बैंक में आयी और मुस्कराते हुए बोली कि मुझे अपना आधार नम्बर अपने खाते में जोड़ना है। तो मैंने कहा कि आप आपके आधार की फोटो कॉपी मुझे दे देना। तो वो बोली कि में कल घर पर दे दूंगी और फिर भाभी अपनी मोटी गांड मटकाटे हुए चली गयी। फिर शाम को में घर आया तो रास्ते में भाभी मिल गयी.. वो सब्जी लेकर घर जा रही थी तो वो बोली कि मम्मी मंदिर गयी है। फिर में घर पर आकर कपड़े चेंज कर रहा था कि डोर बैल बजी और मैंने टावल लपेटा और गेट खोला तो मेरी आँखे फटी रह गयी.. सामने भाभी खड़ी थी और मैंने पूरा गेट खोला और भाभी को अंदर बुलाया। फिर भाभी बोली कि मम्मी को आने में थोड़ी देर होगी इसलिए मैंने सोचा कि आपके हाल चाल पूछ लूँ। तो में समझ गया कि भाभी को मेरा लंड चाहिए और भाभी सोफे पर बैठ गयी और फिर मेरा लंड खड़ा हो चुका था और में भी गेट बंद करके भाभी के पास आकर बैठ गया। भाभी मेरे खड़े लंड को देख चुकी थी.. तो भाभी बोली कि क्या कभी तुमने चुदाई की है? में बहुत चकित हो गया क्योंकि भाभी इतनी खुली बातें कर रही थी। तो मैंने कहा कि हाँ भाभी.. तुम जैसी भाभी को बहुत सी बार चोद चुका हूँ। फिर भाभी बोली कि तो मुझे भी अपना लंड दिखाओ.. जरा में भी देखूं कि तुम्हारे लंड में कितनी ताकत है। तो इतनी बात सुनते ही में भाभी पर टूट पड़ा और हम बहुत देर तक किस करते रहे। तो भाभी ने मेरा अंडरवियर खींच दिया और मेरा मोटा लंड फुंकारता हुआ बाहर आ गया.. इतने लंबे और मोटे लंड को देखकर भाभी का मुँह खुला का खुला रह गया।

फिर भाभी बोली कि हे भगवान इतना बड़ा लंड? इससे तो मेरी चूत का भोसड़ा बन जायेगा। तो मैंने कहा कि भाभी लंड कितना भी बड़ा हो चूत में बड़े आराम से घुस जाता है। फिर भाभी ने मेरा लंड अपने मुलायम हाथों में लिया और आगे पीछे करने लगी और मैंने अपनी बनियान निकाल ली। तो भाभी ने बोला कि कितना मस्त लंड है और भाभी ने झट से मेरे लंड को मुँह में लिया और एक रंडी की तरह जोर जोर से चूसने लगी। में मस्ती से आह आह्ह्ह्ह भाभी चूसो भाभी आह्ह्ह करने लगा। फिर मैंने भाभी को नंगी करना शुरू किया.. भाभी अब सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी और भाभी के बड़े बड़े बूब्स ब्रा फाड़ने को बैताब थे और फिर मैंने भाभी के बूब्स को आज़ाद क़र दिया और मसलने लगा.. भाभी के मुँह से सिसिकियाँ निकलने लगी और मैंने भाभी को गोद में उठाकर बेड पर लेटा दिया और मुँह से भाभी की पेंटी उतारने लगा।

भाभी की पेंटी चूत रस से भीग गयी थी और आखिर मुझे भाभी की चूत के दर्शन हो ही गए.. एकदम गोरी, फूली सी चूत और उसमे निकलता चूत का रस उसमे चार चाँद लगा रहा था और अगले ही पल हम 69 पोजिशन में आ गए और में भाभी की गदराई हुई गुलाबी चूत चूसने लगा और में भाभी की चूत का नमकीन रस पीकर मदहोश हो रहा था। भाभी मेरे लंड को कभी चूसती कभी लाल सुपाड़े को चाटती और भाभी के मुँह से सिसकियाँ निकल रही थी.. भाभी की चूत से रस निकल कर मेरे मुहं में आ रहा था। अब भाभी झड़ने वाली थी.. भाभी बोली कि जान और तेज और तेज में झड़ने वाली हूँ.. भाभी मेरा लंड चाटते हुए आह उफ्फ्फ आह्ह्ह में मर गयी आह्ह में गई आह की आवाजे निकाल रही थी। फिर इसके साथ ही भाभी जोरदार तरीके से मेरे मुँह में झड़ गयी और उनका सारा चूत रस मैंने पी लिया।

फिर भाभी उठी और मुझे जोरदार किस किया और बोली कि लवली तुमने इतना मज़ा दिया कि में बता नहीं सकती। तो मैंने कहा कि भाभी अभी तो शुरुवात है.. पूरी फ़िल्म तो अभी बाकी है। जान जब मेरा लंड तुम्हारी कसी हुई चूत का भोसड़ा बनायेगा तब देखना। फिर भाभी बोली कि हाँ मेरी जान लेकिन मैंने इतना बड़ा और मस्त लंड आज तक नहीं देखा.. मेरे पति का तो इससे आधा भी नहीं था। तो मैंने कहा कि भाभी आपका तो हो गया.. अब मेरे लंड का क्या होगा? तो भाभी ने कहा कि मेरे चोदु राजा में हूँ ना तुम चिंता क्यों करते हो। फिर मैंने खड़े होकर भाभी के मुँह में अपना लंड डाल दिया और हल्के हल्के धक्के मारने लगा और मेरा लम्बा लंड भाभी के मुँह में बड़ी मुश्किल से आ रहा था। तो भाभी बोली कि जान मुझे चूसने दो और भाभी बड़ी तेजी से मेरे लंड को चूसने लगी और में आहें भरने लगा और कहने लगा आह्ह आह्ह मेरी रंडी भाभी और तेज.. भाभी बहुत मज़ा आ रहा है। करीब पांच मिनट चूसने के बाद मेरा भी काम होने वाला था और मैंने बोला कि मेरी रंडी जान मेरा भी काम होने वाला है। तो भाभी बोली कि जान मेरे मुँह में झड़ना में तुम्हारे लंड के रस को पीना चाहती हूँ और भाभी ने मेरे लंड को तेजी से चूसना शुरू किया और चाटने लगी और एक हाथ से लंड हो हिलाने लगी। थोड़ी ही देर में मेरे लंड ने भाभी के मुँह में ढेर सारा वीर्य छोड़ दिया.. मेरे लंड से इतना वीर्य निकला जिससे भाभी का मुँह पूरा भर गया और कुछ लंड रस भाभी के बूब्स पर फ़ैल गया।

फिर भाभी ने सारा वीर्य पी लिया और फिर भाभी बोली कि बहुत मस्त है मेरे चोदु राजा के लंड का रस.. मुझे तो मज़ा ही आ गया और भाभी ने बाकी वीर्य से अपने बूब्स की मालिश करते हुए मेरे लंड को चाटकर साफ किया। तभी भाभी का मोबाईल बज उठा और वो उनकी मम्मी का कॉल था और वो घर पर पहुंच गयी थी। तो भाभी बोली कि में छत पर हूँ.. मम्मी में अभी आ रही हूँ। फिर भाभी ने मेरे लंड को चूमा और बोली कि जान अब में जा रही हूँ.. लेकिन जल्दी ही यह मूसल लौड़ा मेरी चूत का भोसड़ा बनाएगा। फिर भाभी और मैंने कपडे पहन लिए.. मैंने भाभी को जोरदार किस किया और बोला कि भाभी अब जल्दी से मौका निकालो और इस लंड को अपनी मस्त चूत में घुसा लो। तो भाभी बोली कि हाँ जान मेरी चूत तो कब से बैताब है। फिर मैंने भाभी से मोबाईल नम्बर लिया और भाभी को एक बार फिर किस किया और भाभी अपने घर चली गयी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

में रात को खाना खाकर बैठा था तभी का मैसेज आया.. उन्होंने कहा कि जान मौका मिल गया है। तो मैंने पूछा कि कैसे? भाभी ने बताया कि हमारे किसी रिश्तेदार की शादी है और मम्मी ने मुझे चलने का पूछा तो मैंने कहा कि मुझे ऑफिस से छुट्टियाँ नहीं मिलेगी। तो मम्मी ने कहा कि कोई बात नहीं में अकेली ही चली जाउंगी.. भाभी ने कहा कि फिर हम दो दिन साथ में रहेंगे और फिर हम सो गए। सुबह में जिम से आ रहा था तो वो सीढ़ीयो पर मिल गयी और बोली कि मम्मी दोपहर में निकलेगी और फिर हम शाम को खाना भी साथ में खायेंगे और तुम मेरी चूत को लंड का भोजन खिलाना। तो मैंने कहा कि ठीक है हम शाम को मिलते है और में पूरा दिन शाम होने का इंतजार करता रहा और फिर शाम को पांच बजे भाभी का कॉल आया कि मम्मी चली गयी है और में थोड़ी ही देर में घर पर आ रही हूँ। तो में भी जल्दी से काम खत्म करके घर आया और थोड़ी ही देर में भाभी का कॉल आया। भाभी बोली कि लवली घर पर आ जाओ में बड़ी बेसब्री से तुम्हारा इंतजार कर रही हूँ। तो में झट से नीचे गया और भाभी ने गेट खोल रखा था.. मैंने अंदर आकर गेट बंद किया और भाभी की और देखा तो देखता ही रह गया.. भाभी ने लाल रंग की मेक्सी पहन रखी और क्या मस्त सेक्सी लग रही थी.. फिर भाभी मेरे पास आकर मुझसे चिपक गयी और मेरा लंड भाभी का स्पर्श पाकर पूरा का पूरा खड़ा हो गया। फिर हम सोफे पर बैठ गए और मैंने कहा कि भाभी खाना मैंने बाहर से मंगवा लिया है। फिर हम एक दूसरे को किस करने लगे और धीरे धीरे हमारे शरीर से कपड़े कम होने लगे। मेरे शरीर पर सिर्फ अब अंडरवियर और भाभी सिर्फ ब्रा और पेंटी में बची थी। मैंने भाभी की ब्रा को खोल दिया.. जिससे भाभी के बड़े-बड़े बूब्स मेरे हाथों में आ गए और मैंने भाभी को अपनी गोद में बैठा लिया और मस्त और मुलायम बूब्स पीने लगा।

भाभी के मुँह से मस्त सिसकियाँ निकल रही थी और भाभी आहें भरती हुई बोली कि जान चूस लो आह आह सारा दूध अपनी रंडी भाभी का आअहाअ आह्ह्ह्ह और भाभी ने मेरा अंडरवियर खींच दिया और मेरा लंड आजाद होकर अब भाभी के हाथों में कैद हो चुका था। फिर भाभी ने कहा कि एक एक पैग मारते है.. तो भाभी वोडका की बोतल ले आई और दो पैग बनाकर ले आई। भाभी के बदन पर सिर्फ पेंटी थी और उनकी मटकती गांड मुझे मदहोश कर रही थी.. मैंने भाभी से पैग लिया और उन्हें अपनी गोद में खींच लिया और मैंने भाभी को पूरा नंगा कर दिया। मैंने भाभी के बूब्स पर पैग खाली करते हुए पीने लगा भाभी कामुकता से पागल हो गयी और मैंने बूब्स चूसते हुए पूरा पैग खाली कर दिया। वोडका भाभी के बूब्स से सरकते हुए भाभी की चूत तक जा रही थी और भाभी के मुहं से सिर्फ आअह्ह आह्ह निकल रही थी।

फिर भाभी खड़ी हुई और दूसरा पैग उठाकर मेरे लंड पर डालकर लंड चूसते हुए पीने लगी और पैग खाली करके भाभी बोली कि जान प्लीज़ अब मुझे चोद दो.. मेरी चूत का भोसड़ा बना दो आअह्ह आह्ह। तो मैंने भाभी को उठाया और अंदर बेड पर लेटा दिया.. मैंने भाभी को बेड के किनारे पर लेटाकर उनके पैरो को फैला दिया और अब मेरे सामने भाभी की गदराई हुई गुलाबी चूत थी और मैंने दो तीन लम्बे लम्बे चुंबन चूत के लिए भाभी की चूत में चूत रस लगातार बह रहा था और भाभी कामुकता से कांप रही थी। फिर भाभी काँपती आवाज में बोली कि जान चोद मुझे फाड़ दो मेरी चूत को अपने मोटे लंड से.. प्लीज़। तो में अपना लंड भाभी की चूत पर रगड़ने लगा और भाभी नीचे से लंड घुसाने की कोशिश करने लगी। मैंने लंड का सुपाड़ा भाभी की चूत पर टिका दिया। तो भाभी बोली कि थोड़ा धीरे धीरे डालना आपका लंड बहुत मोटा, लम्बा है। भाभी की चूत बहुत टाईट थी.. मैंने धीरे धीरे घुसाना शुरू किया और मैंने फिर एक जोरदार धक्का मारा तो मेरा आधा लंड भाभी की चूत में घुस चुका था और भाभी की आँखो में दर्द से आंसू आ गए। फिर में रुक गया और भाभी के बूब्स चूसने लगा.. भाभी को थोड़ा दर्द कम हो गया तो मैंने बूब्स चूसते हुए एक जोर का धक्का और मारा। मेरा पूरा का पूरा लंड चूत में घुस चुका था। भाभी जोर से चिल्लाई.. हाय मर गई.. मेरी चूत फट गयी। तो में रुक गया और भाभी को किस करने लगा थोड़ी देर में भाभी नीचे से गांड उठाने लगी और भाभी बोली कि मादरचोद इतना मोटा मूसल एकदम ठूंस दिया साले.. अब भोसड़ा बना दे मेरी चूत का.. बहुत मज़ा आ रहा है.. तेरा मोटा लंड बच्चेदानी तक घुसा हुआ है आह्हह्ह्ह अआह्ह्ह.. चोद साले चोद अपनी रंडी को.. आज से यह चूत तेरी है। फिर मैंने अपने लंड से जोर जोर से धक्के देकर भाभी की चूत को चोदना शुरू किया.. भाभी की चूत पानी छोड़ रही थी और कमरे में चुदाई की फच फच आवाज आ रही थी और भाभी बड़ी मस्ती से चुद रही थी.. में भाभी को जोर जोर से चोद रहा था। फिर थोड़ी ही देर में भाभी का पूरा शरीर अकड़ गया.. भाभी बोली कि और तेज जानू.. चोदो मुझे चोदो मुझे आह्ह आआह्ह्ह्ह हाए में मर गयी और इसके साथ ही भाभी जोरदार धक्को के साथ झड़ गयी और मुझे किस करने लगी.. फिर बोली कि जानू इतना मज़ा कभी नहीं आया बहुत चूत रस निकला है।

सच में मेरा लंड भाभी के चूत रस से सरोबार हो गया.. लेकिन में अभी तक नहीं झड़ा था और मैंने लंड चूत से निकाल कर मुँह में डाल दिया और भाभी बड़े मज़े से चूसने लगी। भाभी ने चूस चूसकर लंड को बहुत गीला कर दिया। फिर मैंने भाभी को घोड़ी बनाकर लंड डाल दिया और भाभी फिर से गरम हो गयी और में पीछे से चोदते हुए भाभी के लटकते हुए बूब्स मसल रहा था.. फिर में भाभी को लेटाकर चुदाई करने लगा और भाभी भी नीचे से गांड उठा उठाकर चुद रही थी.. भाभी ने फिर से एक बार चूत रस छोड़ दिया। अब मेरा भी काम पूरा होने वाला था और में जोर जोर से भाभी को चोदने लगा। भाभी की चूत फ़ैलकर भोसड़ा बन चुकी थी। तो मैंने कहा कि भाभी मेरा काम होने वाला है कहाँ पर निकालूँ? तो भाभी बोली कि अंदर ही डाल दो.. में तुम्हारा गरम गरम वीर्य महसूस करना चाहती हूँ और में जोर से चुदाई करते हुए भाभी की चूत में झड़ गया। भाभी की चूत मेरे वीर्य से भर गयी और में भाभी के ऊपर लेट गया। फिर थोड़ी ही देर बाद मैंने लंड बाहर निकाल लिया जिस पर ढेर सारा भाभी की चूत का रस और वीर्य लगा हुआ था.. भाभी ने उसे चाट चाटकर साफ कर दिया। फिर भाभी बोली कि लवली जान बहुत मज़ा आया। वो अपनी चूत दिखाते हुए बोली कि सच में मेरी चूत अब भोसड़ा बन गयी है.. तेरे लंड ने चूत को अंदर तक खोल दिया है। फिर हमने खाना खाया और हम फिर से चुदाई में लग गए.. दो दिन तक हम दोनों में से कोई ऑफिस नहीं गया और इस तरह मैंने भाभी की चूत का भोसड़ा बनाया ।।

धन्यवाद …

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