रवि ने अपनी सौतेली माँ से लिया बदला – 3

प्रेषक : आशु

हैल्लो दोस्तों मै आशु एक बार फिर से आपके सामने हाज़िर हूँ। में “रवि ने अपनी सौतेली माँ से लिया बदला” कहानी का अगला भाग लेकर आया हूँ। इसके पहले के भाग आप सभी को बहुत पसंद आये। इसलिए में आप सभी का धन्यवाद करना चाहता हूँ, अब मै सीधा कहानी पर आता हूँ।

जब सुबह हुई तो रोमा का दर्द थोड़ा कम हो गया था। लेकिन फिर भी वो थोड़ा सा लंगड़ा कर चल रही थी। अब उसे लंगड़ाता हुआ देख कर तभी सोनू ने पूछा कि क्या हुआ मौसी आप ऐसे क्यों चल रही हो, इतने में रोमा से पहले सुधा ने उसे बताया कि वो कल बाथरूम मे गिर गयी थी इस लिए लंगड़ा कर चल रही है।

अब दो तीन दिनों में ही रोमा पूरी तरह ठीक हो गयी थी। फिर क्या था रोज़ रात को रवि सुधा और रोमा को जमकर चोदता था। अब सुधा को डर था कि कहीं दोनो बहने प्रेग्नेंट ना हो ज़ाये इसी डर से वो दोनो गर्भ निरोधक गोलियां खाती थी और रवि के साथ पूरी चुदाई का आनंद उठाती थी। अब उनके घर की स्थिति अब ठीक हो गयी थी और अब वो लोग हंसी ख़ुशी रहने लगे थे। रवि सबके लिए रोज़ कोई ना कोई गिफ्ट लाता था, अब में भी जब उसके घर जाता था तो हम सब मिल कर हंसी मज़ाक करते थे।

ऐसे ही एक साल बीत गया था। अब मेरा भी उनके घर पर आना जाना थोड़ा कम हो गया था क्योंकि उस वक़्त में अपने भैया और भाभी के साथ ही रहता था। सुधा की दोनो बेटियाँ बहुत ही खूबसूरत थी और अब बड़ी भी हो गई थी और मेरी नज़रे हमेशा उन दोनो पर ही टिकी रहती थी।

मै हमेशा सोचता था कि में उन्हे एक दिन ज़रूर चोदूंगा और उनकी कुवांरी चूत का उद्घाटन मेरे लंड से ही करूँगा। लेकिन अब मेरा सपना सपना ही रह गया था। रवि, सुधा और रोमा का रूम ऊपर था और सोनू और मोना का बेडरूम नीचे था। एक दिन रवि, सुधा और रोमा मस्त चुदाई कर रहे थे तो उस दिन वो लोग ग़लती से दरवाज़ा बंद करना भूल गये थे, तो इस कारण उनकी चुदाई कि आवाज़ नीचे हॉल तक आ रही थी।

उस दिन कमरे में पीने का पानी खत्म हो जाने के कारण मोना किचन मे पानी लेने गयी। जैसे ही वो हॉल में आई तो उसे कुछ अजीब तरह की आवाज़ें सुनाई दी तो वो पहले डर गयी थी। लेकिन उसने अब ध्यान से सुना तो वो आवाज़ ऊपर रवि के कमरे से आ रही थी। अब मोना जल्दी से ऊपर आ गई थी और रवि के कमरे मे झांक कर देखा तो उसके होश उड़ गये थे। उसने देखा कि जिसको वो बड़ा भाई मानती है वही उसकी माँ और मौसी को जमकर चोद रहा था।

अब ये सब कुछ देखकर उसे थोड़ा अजीब सा लगा था और अब वो वहाँ से भाग कर अपने कमरे में आकर सोनू को सारी बातें बताने लगी थी। अब सोनू ने सारी बाते सुनकर कहा कि उसे पहले से ही सब कुछ मालूम है। अब उसने बताया कि जिस दिन मौसी लंगड़ा कर चल रही थी तो वो कोई बाथरूम में नहीं गिरी थी, बल्कि रवि भैया ने उन्हे बहुत देर तक चोदा था और उस चुदाई से उनकी हालत बहुत खराब थी इसीलिए वो ऐसे चल रही थी। अब उसने बताया कि उसने एक बार रात को उन लोगों को चुदाई करते हुए भी देख लिया था, लेकिन वो बहुत डर गई थी और डर की वजह से उसने मोना को कुछ नहीं बताया था कि कहीं वो किसी को बता ना दे।

तभी मोना ने कहा कि मुझे अब समझ मे आया कि भैया जो हम से इतना नफ़रत करते थे अचानक कैसे इतना प्यार करने लगे थे। अब उसने सोनू से कहा कि चल हम आज चलकर देखते है कि कैसे भैया माँ और मौसी को चोदते है।

अब वो दोनो रवि के कमरे मे जाकर देखने लगी थी। अब देखते देखते उन दोनों की चूत भी अब गीली हो गई थी और अपने आप ही उनके हाथ अपनी अपनी चूत को सहलाने लगे थे। क्योंकि अब वो दोनों भी बड़ी हो चुकी थी। अब उनको भी लंड की तडप दिल में थी। अब उनकी उम्र लगभग बीस साल की हो गई थी। अब वो दोनो अपने कमरे मे आ गई और एक दूसरे को चूमने लगी थी। अपनी अपनी चूचियों को मसलने लगी थी। उन्होंने अपने पूरे कपड़े उतार कर एक दूसरे की चूत मे उंगली डालकर चुदाई करने लगी थी और जब उनका पानी निकल गया तो वो चित हो कर सो गयी थी। अब जब कभी भी उन्हे ऐसा मौका मिलता तो वो उन दोनों को चुदाई करते हुए देखते और फिर अपने कमरे मे आकर उंगली, मोमबत्ती और कुछ भी चूत में डाल कर एक दूसरे की चूत की खुजली मिटाती थी। अब ये तो रोज़ का कम हो गया था।

अब वो दोनो रवि को एक वासना की नज़र से देखने लगी थी। एक दिन उन दोनो ने ज़िद की कि वो फिल्म देखने जाना चाहती है। तभी अब सुधा ने उनको मना कर दिया था। अब वो दोनो रवि के पास गई और कहने लगी कि भैया आप मम्मी से बोलो ना हमे फिल्म देखने जाने दे तो रवि ने सुधा से कहा कि अगर ये दोनो जाना चाहती है तो में इन दोनों को अपने साथ लेकर जाता हूँ। अब सुधा मान गयी थी अब वो तीनो फिल्म देखने चले गये।

रवि ने साईड की तीन सीट बुक करवा दी थी। अब फिल्म चालू हो गई थी। फिल्म अच्छी नहीं होने के कारण सिनेमा हॉल मे कम लोग बैठे हुए थे। ये लोग जहाँ पर बैठे थे उनके आस पास कोई भी नहीं बैठा था, अब फिल्म मे बहुत सारे बोल्ड सीन थे तो वो सीन देखकर दोनो ही रवि से चिपक गई थी। ये सब देखकर रवि को भी अब गर्मी चड़ने लगी थी। अब उसने उन दोनो की जांघो पर हाथ फेरना शुरू कर दिया था और अब उन दोनो को भी मस्ती चड़ने लगी थी।

अब धीरे धीरे उन दोनो ने अपनी टाँगे फैला दी थी तभी रवि ने आहिस्ता से ड्रेस के ऊपर से ही उनकी चूत को सहलाना शुरू किया था। अब रवि ने सोनू के हाथ को अपने लंड के ऊपर रख दिया था। अब वो उसे पेंट के ऊपर से ही सहलाने लगी थी, अब रवि ने मोना के ड्रेस के अंदर अपना एक हाथ घुसा कर बूब्स को दबाने लगा था और वो सिसकारियाँ भरने लगी थी और अब फिर उन्हें आधा घंटा हो गया था और फिल्म आधी हुई और ब्रेक हुआ था। अब वो तीनों आराम से बैठ गये थे। अब रवि बाहर जाकर उनके लिए खाने पीने के लिए कुछ ले आया था।

लेकिन अब उन दोनो को तो लंड का चस्का लगा हुआ था, अब सोनू ने सारे स्नेक्स को अपने बेग मे भर दिया। दस मिनट बाद फिल्म फिर से चालू हुई तो अब इनका काम भी चालू हो गया था। रवि ने अपनी पेंट की ज़िप खोल कर अपने लंड को बाहर निकाला और उन दोनों को चूसने को कहा तो वो दोनो उस पर कुत्ते की तरह टूट पड़ी। अब उन दोनो ने मिलकर रवि के लंड को जमकर चूसा था। बीस मिनट बाद रवि झड़ने वाला था तो उसने कहा कि तुम दोनो मे से कोई एक लंड को अपने मुहं मे पूरा डाल ले और उसका सारा वीर्य पी ले।

अब ये सुनकर सोनू ने जल्दी से रवि के लंड को अपने मुहं मे भर लिया था, लेकिन बड़ा लंड होने के कारण पूरा अंदर तक नहीं ले पाई थी। अब फ़िर वही उसने सारा वीर्य अपने मुहं मे भर लिया था और फिर जब रवि का पानी निकलना बंद हो गया तो उसने मोना के मुहं मे अपना मुहं लगा कर आधा वीर्य उसके मुहं के अंदर छोड़ दिया था। अब ऐसे ही उन दोनो ने रवि का सारा वीर्य पी लिया था। अब दोनो ने मिलकर रवि के लंड को अच्छी तरह से चाट कर साफ कर दिया था।

लेकिन अभी भी उन दोनो कि प्यास नहीं बुझी थी, तो सोनू ने कहा कि भैया हम दोनो आपके लंड से अपनी चूत को चुदवाना चाहती है। अब ये सुनकर रवि बोला कि उनकी मम्मी को अगर पता चल गया तो वो बहुत नाराज़ होगी। लेकिन वो दोनो ज़िद करने लगी थी, अब “रवि ने एक प्लान बनाया था। अब उसने कहा कि जब वो सुधा और रोमा को रात मे चोद रहा होगा तभी तुम दोनो दरवाज़ा खोलकर अंदर आ जाना और सारी बातें बाहर वालो को बताने की धमकी देना तो हो सकता है कि डर से सुधा तुम दोनो को भी मेरे साथ चुदवाने के लिए मजबूर हो जाएगी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब वो तीनो वहाँ से उठ कर घर के लिए निकल पड़े थे रास्ते मे वो तीनो खाना खाकर घर गये थे। अब रवि घर पहुँचते ही अपने कमरे मे चला गया था। सुधा ने उन दोनो से पूछा कि कैसी रही फिल्म अब दोनों सोनू ने “कहा कि भैया बहुत अच्छे है हमे फिल्म दिखाई और रेस्टोरेंट मे खाना भी खिलाया। अब ये सुनकर सुधा बहुत खुश हुई, क्योंकि आज रात को आने वाले तूफान के बारे मे वो अंजान थी। अब सोनू और मोना अपने कमरे मे चली गई थी। सुधा और रोमा ने भी अपने अपने कमरे मे चली गई थी, लेकिन सोनू और मोना को नींद कहाँ आनी थी तो वो दोनों तो उनकी मम्मी और मौसी कि चुदाई का इंतज़ार करने लगी थी। अब हर रात की तरह उस दिन भी सुधा ने सोनू और मोना के कमरे मे झाँक कर देखा कि वो लोग अब सो रहे है या नहीं, तो उसने देखा कि वो दोनो सो गए है तो वो रवि के साथ रोमा कमरे में चली गयी।

लेकिन सोनू और मोना सोए नहीं थे अब वो सिर्फ सोने का नाटक कर रहे थे। थोड़ी देर बाद वो दोनो भी ऊपर रवि के कमरे के बाहर जाकर खड़े हो गये और इंतज़ार करने लगे कि उनकी चुदाई कब शुरू होगी जैसे रोज़ होता है और अब वो लोग लग गये अपनी चुदाई के काम में अब सुधा रवि का लंड चूस रही थी, रोमा सुधा कि चूत चाट रही थी और रवि रोमा कि चूत चाट रहा था। अब कुछ देर बाद रवि ने रोमा की टाँगे खोली और उसकी चूत मे लंड डाल कर उसे चोदने लगा था।

रोमा अभी भी सुधा कि चूत चाट रही थी और अब करीब दस मिनट बाद सोनू और मोना कमरे मे घुस गयी थी। इन दोनो को ऐसे देखकर सुधा और रोमा डर गयी क्योंकि वो तीनो बिल्कुल नंगे ही चुदाई कर रहे थे। सोनू ने कहा कि “मम्मी यहाँ ये सब क्या चल रहा है। आप दोनो ने हमे कहीं मुहं दिखाने लायक नही छोड़ा है, मम्मी रवि भैया आपके बेटे जैसे है और उनसे ही आप दोनो चुदवा रही हो, अब ये सुनकर सुधा और रोमा उन दोनो के पैर पर गिर गयी और माफी माँगने लगी।

अब सुधा ने कहा कि प्लीज “बेटी तुम इस बारे मे किसी को मत बताना। आप लोग जो कहेंगे हम करेंगे। इस पर रवि, सोनू और मोना अंदर ही अंदर हंस रहे थे। तभी सोनू ने कहा कि आप लोग जो कर रहे है हमे भी भैया के साथ वो सब कुछ  करना है। अब ये सुनकर सुधा को बहुत गुस्सा आया, उसने सोनू के गाल पर एक ज़ोरदार तमाचा मारा और कहने लगी कि रवि तेरा भाई है और तुम उससे ही चुदवाना चाहती हो ये सब बहुत ग़लत है।

इस पर मोना बोली कि जो आप लोग कर रहे है वो भी ग़लत नही है क्या? तो हम लोग अगर भैया से चुदवाना चाहते है तो अब इसमे ग़लत क्या है। अगर तुमने हमे भैया से चुदने नहीं दिया तो हम बाहर के किसी लड़कों के साथ भाग जाएँगे, तब आप क्या करोगी? अब सुधा और रोमा दोनो ने बहुत समझाने की कोशिश की उनको दिखाने के लिए रवि भी उन दोनो को समझाने का नाटक करने लगा था। लेकिन सोनू और मोना समझने के लिए तैयार ही नहीं हुई तो अब मजबूरन सुधा को उनकी बात माननी पड़ी।

लेकिन सुधा ने कहा कि वो दोनो उसके सामने ही चुदवाएँगी, और तभी सोनू ने कहा कि आप दोनो यहाँ से चले जाए हम अपने आप ही भैया से चुदवा लेंगी। फिर सुधा ने रवि से कहा कि ये दोनो अभी बहुत ही छोटी है तुम ज़रा धीरे से इनको चोदना, तभी रवि बोला कि सोनू अगर तुम्हारी मम्मी यहाँ रहेगी तो हमे चुदाई मे मदद कर सकती है। सोनू ने रवि कि बात मान ली पहले सोनू चुदवाना चाहती थी तो रोमा ने मोना को अपने साथ लेकर बाहर चली गयी थी।

अब उन दोनो के जाने के बाद सोनू ने खुद ही अपने सारे कपड़े उतार दिए थे। उसने अंदर कुछ नहीं पहना था तो बो बिल्कुल नंगी हो गयी और अपनी दोनो टाँगे पूरी तरह खोलते हुए बेड पर लेट गयी थी। अब रवि ने उसकी चूत को देखा तो वो पागल सा हो गया था, अभी उसकी चूत में पूरी तरह बाल भी नहीं उगे थे। बहुत फूली हुई चूत थी वो अब झट से उसके ऊपर टूट पड़ा था। अब उसने चूत को हाथ लगाया तो देखा कि वो बहुत ही गरम थी। चूत के होंठो को खोल कर अंदर देखा बिल्कुल गुलाबी सी चूत थी लेकिन मोमबत्ती से रोज़ चुदाई से थोड़ी खुल गयी थी।

अब रवि उसके ऊपर चड़ गया और उसकी चूचियों को दबाने और चूसने लगा था और वो बहुत मस्त आहें भर रही थी। सुधा साइड मे बैठकर उसके सर को सहला रही थी और डर भी रही थी कि अब क्या होगा उसकी इस नन्ही सी जान का जहाँ वो खुद भी रवि कि चुदाई से चिल्ला पड़ती है वहाँ पर ये छोटी सी चूत का क्या हाल होगा। लेकिन अब डरने से क्या फायदा जब कि जो कुछ होना है आज होकर ही रहेगा। अब वो अपनी उस भूल के बारे मे सोच कर अंदर ही अंदर रोने लगी थी। क्योंकि ये जो कुछ भी आज हो रहा है ये अब सुधा कि ही ग़लती का नतीजा है।

आज अगर वो अपने पति का घर नहीं छोडती तो आज उसका एक सुखी परिवार होता। अब ये सोचते सोचते उसने सोनू को देखा तो वो बड़े मज़े से मदहोश होकर रवि का लंड चूस रही थी और रवि ने सोनू के मुहं को चोद चोद कर लाल कर दिया था। अब फिर सोनू ज़ोर से चीखी और झड़ गयी थी। तभी रवि ने सोनू के मुहं को और तेज़ी से चोदना शुरू कर दिया था क्योंकि उसका भी लंड अब वीर्य छोड़ने को था। अब चार पांच धक्के के बाद रवि ने ढेर सारा वीर्य सोनू के मुहं के अंदर छोड़ते हुए अब वो झड़ गया था।

अब सोनू ने सारा वीर्य गटक लिया था उसने एक बूँद भी नहीं छोड़ा। अब उसने रवि के लंड को चाट चाट के साफ कर दिया था, अब रवि का लंड अभी थोड़ा सिकुड गया था। लेकिन सोनू तो अभी भी लंड कि प्यासी थी। लेकिन इतनी देर तक लंड चूसने और चाटने और एक बार झड़ने के बाद अब वो बहुत थक गयी थी और अभी भी लंड को चूस कर खड़ा करने के हालत मे नहीं थी अब उसने अपनी मम्मी से कहा कि वो लंड चूस कर रवि के लंड को तैयार कर दो फिर वो चूदवाएगी। सुधा ने मजबूरी मे आकर रवि के लंड को मुहं मे लेकर चूसने लगी।

तभी रवि ने कहा कि आज के लिए बस इतना ही बहुत है अब मै भी थक गया हूँ। लेकिन अब सोनू नहीं मानी तो उसे भी उसकी बात माननी पड़ी और फिर सुधा ने लंड को चूसना शुरू किया था। लेकिन ज़्यादा देर तक चूसने के कारण रवि का लंड खड़ा नहीं हो पा रहा था, अब सुधा ने फिर बहुत ज़ोर लगाया तो तब जाकर करीब 35-40 मिनट के बाद उसका लंड खड़ा हुआ और अब चोदने से पहले सुधा ने एक पूरी तेल कि बॉटल सोनू कि चूत मे डाल दी थी और फिर रवि के लंड को भी तेल से अच्छी तरह मालिश कर के थोड़ा नरम किया ताकि चुदाई के वक़्त सोनू को ज़्यादा दर्द ना हो और फिर सुधा ने रवि को आराम से घुसाने को कहा था। अब रवि ने सोनू कि दोनों टांगो को जितना हो सके फैला दिया था, अब सुधा ने सोनू की चूत के छेद को पूरी खोल कर लंड घुसाने को कहा रवि ने अपने लंड को हाथ मे पकड़ कर सोनू कि चूत के छेद पर दबाया लेकीन तेल की चिकनाई होते हुए भी लंड बहुत ही मुश्किल से सिर्फ़ आधा लंड ही घुस पाया लेकिन इतने मे ही सोनू की सांसे फूलने लगी तो रवि ने डरते हुए लंड को बाहर निकाल दिया था।

अब सोनू दर्द से तड़पने लगी थी अब सुधा और रवि दोनो मिलकर उसकी शरीर के हर हिस्से को सहलाने लगे थे और कुछ देर बाद सोनू शांत हुई तो अपने आप उसने अपनी टाँगे खोल दी थी और लंड लेने को तैयार थी और रवि फिर से उसके चूत मे लंड को घुसाने लगा था। लेकिन इस बार उसका लंड थोड़ा और अंदर घुस गया था। अब सोनू फिर से चिल्लाने लगी ओममाआ मर गई अब रवि ऐसे ही लंड को उसकी चूत में डाले हुए उसे चूमता रहा सुधा भी सोनू के बूब्स को चूस रही थी।

रवि उस आधे घुसे लंड को अंदर बाहर करने लगा था और जब सोनू को थोड़ा मज़ा आया तो उसने एक ज़ोर का झटका मारकर पूरे लंड को सोनू की चूत में डाल दिया और ऐसे ही उसके ऊपर ही पड़ा रहा, और अब सोनू की आँखों से आँसू निकलने लगे वो बहुत ज़ोर जोर से रोने लगी थी। अब कुछ देर बाद रवि ने उसे फिर से चोदना शुरू किया वो रो रही थी लेकिन रवि उसे चोदे जा रहा था। सुधा भी सोनू को सहलाने में लगी हुई थी, लेकिन मोमबत्ती चूत में डालना और किसी मर्द के लंड से चुदवाने मे ज़मीन आसमान का फर्क है।

अब रवि भी बहुत थक गया था, क्योंकि सोनू कि चूत इतनी टाईट थी कि अब उसके लंड मे भी दर्द होने लगा था। उसने चुदाई की स्पीड बढ़ा दी और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा और सोनू दर्द से चिल्ला रही थी। ऑश मरीईईईई बचाओओऊ मै रिइई टूऊ चचतत्त फट गई मेरी सोनू कि तड़प देख कर सुधा के आँखों मे भी पानी आ गया था। रवि भी बीच बीच मे थक के रुक जाता था क्योंकि इस बार उसका सारा वीर्य निकल नहीं रहा था।

अब इसी बीच पता नहीं सोनू कितनी बार झड़ी थी, उसकी चूत से पानी और खून बहते रहे, लेकिन रवि सोनू की चूत मे अपना लंड डालता गया डालता गया और फिर 20-25 मिनट के बाद वो भी झड़ने वाला था। तो अब सुधा ने उसे कहा कि “तुम सोनू की चूत से अपना लंड निकाल कर मेरी चूत में डाल दो और वहीं झड़ जाना क्योंकि सोनू अभी बहुत छोटी है अगर कहीं ये प्रेग्नेंट हो गयी तो हम लोग किसी को भी मुहं दिखाने लायक नहीं रहेंगे और हमारी सारी बातें बाहर के लोगों को पता चल जाएगी।

इसलिए तुम मेरी ही चूत मे अपना सारा वीर्य छोड़ देना, ये कह कर सुधा बेड पर लेट गयी और अपनी टॅंगो को फैला कर अपने एक हाथ से अपनी चूत का छेद खोल दिया था। अब रवि ने जल्दी से सोनू की चूत से अपना लंड बाहर निकाल कर सुधा की चूत मे घुसा दिया था और अब उसे चोदने लगा। कुछ दस बीस धक्के देने के बाद रवि ने ढेर सारा वीर्य सुधा की चूत मे छोड़ते हुए झड़ गया और उसके ऊपर ही लेट गया। अब वो बहुत देर तक झड़ता रहा और उसके लंड से निकला हुआ पूरा वीर्य सुधा की चूत में चला गया।

अब सुधा ने उसे बेड पर सीधा लेटा दिया था और उसके लंड को चाट चाट कर साफ कर दिया। अब इस बात से सोनू बहुत नाराज़ हुई। उसने सुधा को कहा कि वो फिर से चुदवाना चाहती है और लंड का सारा वीर्य अपनी चूत मे लेना चाहती है। लेकिन सुधा ने उसे समझा दिया तो वो अब समझ गयी थी। अब सुधा ने दरवाज़ा खोला तो रोमा और मोना अंदर आ गए थे। अब मोना कहने लगी कि अब मेरी बारी है तो रवि ने उसे कहा कि आज वो और किसी को नहीं चोद सकता है। वो फिर किसी भी दिन मोना को चोद देगा, अब ये सुनकर मोना बहुत उदास हो गयी थी तभी सुधा ने उसे समझाया कि आज भैया की हालत कुछ ठीक नहीं है तू किसी दूसरे दिन चुदवा लेना। अब सबके बहुत समझने के बाद मोना मान गयी थी। उस रात मोना और रोमा दोनो ने अपनी ऊँगली से एक दूसरे की प्यास बुझाई। सुबह दस बजे जब में रवि के घर पहुँचा तो सुधा ने मुझे बताया कि कल रात से अचानक रवि कि तबीयत खराब हो गयी है और उसे बहुत तेज़ बुखार भी है।

अब मै तुरंत रवि के कमरे मे गया तो सुधा भी मेरे साथ आ गई थी रवि एक रज़ाई ओढ़ कर सो रहा था। अब मैंने उसके फेमिली डॉक्टर को फोन किया तो वो इंडिया से बाहर थे। उन्होने मुझे रवि को ले जाकर उनके एक दोस्त के क्लिनिक मे दिखाने के लिए कहा था और उन्होने उस डॉक्टर को फोन करके हमारी मीटिंग फिक्स करवा दी थी। अब मैंने रवि की कार निकाली और उसे डॉक्टर के पास लेकर गया और सुधा भी हमारे साथ आई थी।

अब हमारे वहाँ पहुचने पर डॉक्टर ने उसका चेकअप किया रवि का बहुत सारा ब्लड भी टेस्ट किया था, टेस्ट कि रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर ने सिर्फ़ मुझे अंदर बुला कर बताया कि रवि बहुत ही कमज़ोर है उसका हिमोग्लोबिन बहुत कम हो गया है। अब मैंने डॉक्टर साहब को इसका कारण पूछा तो उन्होने कहा कि क्या ये बहुत ज़्यादा सेक्स करते है तभी मैंने बाहर आकर कहा कि डॉक्टर साहब ने बताया है कि खाने पीने का ध्यान रखे बिना इतना सेक्स करना सेहत के लिए ठीक नहीं है और इसी कारण रवि के शरीर से हीमोग्लोबिन कि मात्र कम हो गई है। अब ये सुनकर मुझे टेंशन हो गया थी।

फिर मैंने डॉक्टर साहब से इसके इलाज़ के बारे मे पूछा तभी उन्होने कुछ विटामिन, आइरन, एट्सेटरा कुछ दवाई लिख कर दी और कहा कि रवि के खाने पीने का खास ख्याल रखना वरना ये मेडिसिन्स कुछ काम का नहीं है। अब रोज़ दूध मे प्रोटीन पाउडर मिलाकर पीने को कहा था और एक खास बात जब तक ये पूरी तरह ठीक नही हो जाते इनको किसके साथ भी सेक्स नहीं करना है।

आप दस दिन बाद रवि को फिर से लेकर आना हम इनका फिर से हीमोग्लोबिन चेक करेंगे, अब हम रवि को लेकर घर आ गए थे। अब उसको कमरे मे सुलाकर सुधा को सारी बाते बताई और कहा कि अब हमे इसके खाने का ठीक से ध्यान रखना पड़ेगा सारी बाते सुनने के बाद सुधा मान गयी और रवि को सेक्स करने से भी रोक दिया। अब ये बात जब मोना को पता चली तो वो बहुत उदास हो गयी क्योंकि उस घर मे एक वही थी जिसने अभी तक अपनी चूत मे लंड का मज़ा नहीं लिया था। अब रवि ने मुझे बताया कि उसने मोना को छोड़ कर इस घर मे सभी की चूत फाड़ चुका है। तब मैंने रवि से कहा कि यार मैंने तो सोचा था कि मोना से काम हो जाने के बाद सोनू और मोना की चूत में ही चोदूंगा अब जाने दे तू मेरा दोस्त है, ये सब तेरे ही नसीब मे था। फिर रवि ने मुझे कहा कि तेरे लिए एक गिफ्ट है, मैंने सिर्फ़ सोनू को चोदा है मोना की चूत अभी भी कुंवारी है। अब तू अगर चाहे तो उसकी सील तोड़ सकता है और इसमे मै तेरी मदद करूँगा। अब तो मै कई दिनों तक किसी को चोद नहीं सकता हूँ और ये सुनकर मोना पहले से ही उदास है। अब तू उसकी उदासी दूर कर दे, में तो जाने कब तक ठीक होऊंगा। जब तक में ठीक नहीं हो जाता तू इस घर मे मेरी जगह ले ले और सभी की मस्त से चुदाई कर और अब तू भी खुश, सब भी खुश, अब मैंने रवि से कहा कि यार मोना तो ठीक है लेकिन तेरे बाकी सारे घर वालो कि चुदाई करते करते मै भी तेरे जैसा हो जाऊंगा और यार तू तो जानता ही है कि मुझे मोना को भी संभालना है, में सिर्फ मोना को ही चोदूंगा।

अब दस दिन बाद मे रवि को डॉक्टर साहब के क्लिनिक मे लेकर गया था, तो उन्होने रवि का ब्लड टेस्ट किया तो पता चला कि अब सब कुछ ठीक हो गया था। रवि अब पूरी तरह ठीक और तंदुरुस्त हो गया था। अब डॉक्टर साहब ने बोला कि “आप अब बिल्कुल ठीक है। इस पर रवि ने सेक्स के बारे मे पूछा तो डॉक्टर साहब ने कहा कि अब आप आराम से किसी के साथ भी सेक्स कर सकते है। लेकिन आप खाने का ध्यान रखना और आपको रोज़ दूध पीना पड़ेगा।

अगर आप अपनी सेहत का ख्याल नहीं रखेगे तो फिर कैसे ज़वानी का मज़ा लूट सकते है। अब मे कुछ मेडिसिन्स लिख देता हूँ इसे आप 15 दिन और खाएँगे” रवि ने और मैंने डॉक्टर साहब की सारी बातें सुनी और फिर हम दोनो वहाँ से घर गये। जब घर वालो ने ये बात सुनी तो सभी के चहेरे खिल गये थे, क्योंकि दस दिनो से जो उन सभी की चूत की खुजली थी अब वो मिटने वाली थी। अब रवि ने मुझे कहा कि अब तेरा सेटिंग मोना के साथ कैसे करना है इसलिए मुझे एक प्लान बनाना पड़ेगा।

अब मै एक काम करता हूँ, इस संडे को सोनू और मोना को लेकर मेरे फार्म हाउस मै पिकनिक के बहाने जाएँगे। इस के लिए मे सुधा से बात करूँगा, तू बस जाने के लिए तैयार हो जाना और बाकी सब मे संभाल लूँगा। उस दिन रातभर रवि ने सुधा, रोमा और सोनू को जम कर चोदा और अपनी भी दस दिनों की आग बुझाई थी। लेकिन जब मोना की बारी आई तो उसने मोना को अकेले मे बुलाकर कहा कि मैंने तेरे लिए एक सरप्राइज रखा है। तुझे मेरा दोस्त आशु कैसा लगता है तभी मोना ने कहा कि वो मुझे बहुत अच्छे लगते है।

अब रवि ने कहा कि इस संडे तुम, सोनू, में और मेरा दोस्त चारों मिलकर पिकनिक मे जाएँगे और वहाँ में तुझे अपने दोस्त से चुद्वाऊंगा। वो भी मेरी तरह एक बहुत बड़ा चुदक्कड है, वो तुझे मुझसे भी ज़्यादा मज़ा देगा, लेकिन अब तू ये बात किसी को मत बताना, यहाँ तक की सोनू को भी नहीं, ये सुनते ही मोना मान गयी और वो संडे का इंतज़ार करने लगी थी। अब वो दिन भी आ गया था जिसका मुझे और मेरे दोस्त आशु, मोना और सोनू बहुत इंतजार था और हम सभी पिकनिक पर चले गये। मैंने वहाँ पर अपने एक दोस्त के फार्म हॉउस रुकने का प्लान बनाया था। अब हम वहाँ पर पहुंचे और अब मै मोना के बहुत करीब बैठ था और अब में उसे छेड़ने लगा था। मै कभी उसके छोटे छोटे बूब्स चूसता कभी उसकी चूत पर हाथ लगाता। मैंने मौका देखकर अपने सारे कपड़े खोल दिये और मै एक दम नंगा हो गया था और अब मोना मेरे लंड को देखकर बोली इतना बड़ा लंड?  मैंने कहा अब तक मैंने किसी के साथ सेक्स नहीं किया है।

अब मैंने कहा मोना तुमने ये ड्रेस क्यो पहनी हुई है। प्लीज़ खोलो इसे तो वो बोली नहीं मै ये काम नही करूँगी और सब कुछ कर लूँगी। अब मैंने उनके शरीर पर हाथ फैरकर उसकी चूत को जगा दिया था और अपना लंड उसके हाथ मे थमा कर बोला लो ये आपके लिए ही है। जैसे चाहो वेसे करो मुझे भी कोई जल्दी नही है। अब मोना थोड़ी देर तक हिलती रही और फिर उठकर लंड को मुहं मे ले लिया।

फिर लगभग बीस मिनट तक वो लंड को चूसती रही और आख़िर मैंने कहा मोना अब निकलने वाला है, प्लीज़ आपकी चूत में तो अभी लंड डालना बाकी है। तभी मोना ने जल्दी से अपनी ड्रेस उतार दी और मैंने उसकी पेंटी भी खींच कर खोल दी थी। अब में लंड उसकी चूत मे डालने ही वाला था तभी मोना ने चूत को चूसने को कहा। अब मैंने जैसे ही उसकी मस्त चूत के पास मुहं रखा उसमे थोडा पानी जैसा तरल और एक अजीब सी मदहोशी छा रही थी और तभी मैंने मोना को कहा तो उसने जल्दी मुझे अपनी चूत के पास से दूर कर दिया।

अब उसकी चूत बहुत गर्म, मस्त लग रही थी। अब हम 69 स्टाइल मे आ गये थे और मोना ने मेरे लंड को चूसना बंद नहीं किया था। अब दस मिनट बाद मेरे लंड से तेज पिचकारी निकली मोना का पूरा मुहं भर गया था, अब वो लंड बाहर निकाल कर खांसने लगी थी और बोली मेरा गला भर गया है लेकिन ये बहुत टेस्टी है और फिर पूरा वीर्य निगल जाने के बाद मोना ने फिर से मेरे लंड को चूसना शुरू किया और चूस चूस कर लंड को दोबारा खड़ा किया था और अपनी चूत मे लंड डालने का इशारा किया। अब मैंने कहा मोना बिना कोंडम के मुझे डर लगता है क्योंकि आज कल एड्स का ख़तरा बहुत ज्यादा है और ये हमारे लिये सैफ नही है।

अब आप बिना डरे चोदो कुछ नही होगा प्लीज़ में आपको बहुत मज़ा दूँगी। मैंने तुरंत लाइट ऑन कर दी और नंगे बदन मे मोना कि मासूमियत देख रहा था। मोना बोली लाइट ऑफ कर दो और तभी मैंने तुरंत लाइट ऑफ की और मोना को बोला कि इस चूत को और टाईट करो और मोना ने ठीक ऐसा ही किया।

फिर मैंने मोना से पूछा कि आपको कौन सी स्टाइल मे मज़ा आता है वो बोली जैसे आप चाहो वैसे चोद लो लेकिन जल्दी करो अब नही रहा जाता चोदो मुझे डाल दो तुम्हारा पूरा लंड मेरी चूत में प्लीज जल्दी करो।

अब मैंने मोना को लिटा दिया और चूत मे लंड डालने लगा था उसकी चूत बहुत टाईट और कसी हुई थी, क्योकि वो आज तक नही चुदी थी अब मैंने एक झटका लगाया लंड अंदर नही जा रहा था और मुझे बहुत दर्द हुआ और उसको भी वो दर्द से चीखी और तभी मैंने लंड बाहर निकाल कर अपनी दो उँगलियाँ चूत में डाल दी।

अब उसे मजा आने लगा था और वो दर्द भूल गयी थी अब मैंने मौका देखकर लंड डाल दिया था और अब पूरा का पूरा लंड उसकी चूत मे चला गया। उसके चीख से उसके पास बैठी सोनू ने एक हाथ उसके मुहं पर रख दिया और दूसरे हाथ से उसके बूब्स को सहलाने लगी और मै थोड़ी देर रुक गया। मोना ओह मर गई ओहऊऊओह करने लगी थी। अब कुछ देर बाद जब उसका दर्द कम हुआ था।

अब मैंने ज़ोर ज़ोर से झटके लगाने शुरू कर दिये थे और मोना का चीखना जारी था। अब उसे बहुत अच्छा लगने लगा था और कहने लगी चोदो इसे फाड़ दो मेरी चूत को अब में धीरे धीरे लंड अंदर बाहर करने लगा था। तभी वो बोली यार मुझे बहुत समय के बाद लंड मिला है और मुझे बहुत मज़ा आ रहा है। प्लीज़ ज़ोर से चोदो में लगातार दस मिनट तक चोदते चोदते जैसे थक सा गया था। क्योंकि ये मेरी पहली चुदाई थी, मैंने अब लंड बाहर निकालना चाहा लेकिन मोना बोली अभी लंड ना निकालना, अभी तो मुझे जोर जोर से चोद डालो यार और फाड़ डालो इसे। मैंने मोना की बात मानकर फिर से चुदाई शुरू कर दी और अब थोड़ी देर बाद मोना भी झड़ने लगी थी और फिर में भी झड़ गया था और मैंने पूरा वीर्य चूत में ही निकाल दिया। अब मोना बहुत खुश थी और सीधी होकर मुझसे लिपट गई और बोली मेरे राजा बहुत मज़ा आया आप बहुत अच्छे हो।

वो मुझे अब चूमने लगी थी। मैंने भी उसके लिप्स अपने मुहं में ले लिए और दोनो सो गये। रात को मोना गहरी नींद मे सो रही थी में बीच बीच मे जाग जाता। सुबह 5.30 बजे थोड़ा उजाला हुआ तो मैंने मोना को गौर से देखा, नींद मे उसका चेहरा बहुत ही मासूम लग रहा था। जैसे कि बहुत सालों के बाद सूकून की नींद सो रही हो और अब मुझसे रहा नहीं गया। मैंने उसके सर, गाल और होंठ पर किस किए तभी वो जाग गई थी। तभी मैंने बोला कि तुम कितनी मासूम लग रही हो,

अब मेरी नजर उसके बूब्स पर पड़ी वो बहुत बड़े गोल थे। बूब्स को देखकर कुछ समय मे ही मेरा लंड खड़ा हो गया। अब मैंने उसको फिर से चोदने के लिये बहुत मनाया कुछ समय बाद वो मान गई और मैंने उसकी टांगे ऊँची करके लंड डाल दिया था। तभी वो बोली कि मेरे राजा अब में आपको मना तो नही कर सकती हूँ लेकिन चुदाई ज्यादा भी नही करनी चाहिए इससे शरीर मे बहुत कमज़ोरी आती है।

अब मैंने पूछा तो कब कब करते है, तभी वो बोली कि दो दिन में एक बार, तुम्हे तो याद होना चाहिए क्योंकि तुम्हारे दोस्त की अभी ही कुछ दिन पहले तबीयत खराब हुई थी। अब में उसकी सब कुछ सुनकर फिर से जमकर चुदाई करने लगा और मोना पूरा मजा ले रही थी। लेकिन वो बहुत थक गयी थी। उनके चहरे पर साफ दिखाई दे रहा था और मैंने करीब दस मिनट चुदाई की और अब उसकी चूत लाल हो गई थी। बहुत दिनों के बाद चुदाई की वजह से और में झड़ गया और बहुत थक गया था। तभी मोना बोली लगता है नई नई जवानी आई है इसलिए तुम्हारा मन एक बार चुदाई से नहीं भरा था अब सुबह के पांच बज चुके थे।

दूसरे कमरे पर सोनू और रवि भी चुदाई करके थक कर सो रहे थे। अब हम दोनों भी सोने लगे थे और मै सोते हुए कभी मोना के बारे मे सोचता रहा मैंने उसकी बहुत सारी स्टाईल से चुदाई करके हमने खूब मज़े लिए। मोना ने चुदाई में मेरा पूरा साथ दिया और हम इस चुदाई से एक दूसरे के बहुत पास आ गये थे। अब हमें चुदाई करे बिना नींद नही आती थी। मुझे उसकी चुदाई और चूत चाटने में बहुत मजा आने लगा था। मैंने कई बार उनके घर आकर उनकी चुदाई की और बहुत मजे किये थे।

वो पिकनिक मेरी जिंदगी की सबसे खूबसूरत लम्हो में से एक है जिन्हें में चाह कर भी नही भुला सकता हूँ। और फिर इस चुदाई के बाद हम सभी लोग वापस अपने घर आ गये थे ।।

धन्यवाद …

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