शादी में तीन दिन का प्यार

प्रेषक : करण …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम करन है और में कोटा राजस्थान का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 27 साल है। दोस्तों में पिछले कुछ सालों से कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और ऐसा करना मुझे बहुत अच्छा लगता है। मैंने अब तक बहुत सारी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लिए और मुझे बचपन से ही सेक्स के बारे में सुनना सेक्सी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता था, इसलिए में पिछले बहुत सालों से यह सब करता आ रहा हूँ। दोस्तों आप सभी ने कहानियाँ तो बहुत सारी पढ़ी होगी, लेकिन में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ, जो मेरे साथ सच में घटित हुई और उस घटना को में जब भी याद करता हूँ तो वो सब कुछ मेरी आखों के सामने आ जाता है और उसको सोचकर रोमांचित हो जाता हूँ। दोस्तों इस घटना को में बहुत समय से आप लोगों तक पहुँचाने के बारे में सोच रहा था, लेकिन ना जाने क्यों पहुंचा ना सका और आज में सब आप लोगों को पूरे विस्तार से सुनाना और उस घटना को बताना चाहता हूँ, में उम्मीद करता हूँ कि यह आप लोगों के दिल में कहीं ना कहीं अपनी एक छाप जरुर छोड़ देगी।

दोस्तों अब ज़रा कहानी पर आते है। यह बात आज से तीन साल पहले की है, जब में अपने किसी रिश्तेदार की शादी में बेंगलोर गया था, लेकिन वहां पर मेरे साथ मेरे पापा मम्मी नहीं जा पाए तो इसलिए उन्होंने मुझसे हमारे बाकी रिश्तेदारों के साथ जाने के लिए कहा, वो दिसम्बर का समय था और फिर हम सभी लोग बेंगलोर पहुंच गए। फिर वहां पर पहुंचकर हमने देखा तो उन्होंने एक रिज़ॉर्ट बुक करवाया हुआ था, इसलिए हम सभी सीधे वहीं पर पहुंच गए और बाकी के सारे मेहमान भी पहले से ही वहीं पर पहुंच चुके थे। दोस्तों हम जिस दिन पहुंचे उसके अगले दिन सगाई थी और उसके एक दिन बाद शादी और अब में अपनी आदत से वहां पर भी कहाँ बाज़ आने वाला था? मैंने वहां पर जाते ही इधर उधर अपना टाईम पास ढूढना शुरू कर दिया था। दोस्तों वैसे तो वहां पर बहुत सारी सुंदर सुंदर सेक्सी लड़कियां मुझे दिखी थी, लेकिन वो सभी ज़्यादातर मेरी रिश्तेदार थी और इसलिए में कोई भी बिना मतलब का पंगा नहीं लेना चाहता था तो इसलिए मैंने भी ज़्यादा कोशिश नहीं की, लेकिन में अब उन सभी को बस देखकर ही रह गया, मेरी आगे बढ़ने की बिल्कुल भी हिम्मत नहीं हुई। अब शादी का टाईम था तो रात को सभी ने दो पेग लगा लिए और फिर सोने की तैयारी करने लगे, वहां रूम बहुत कम गिनती के थे तो इसलिए बहुत सारे लोग हॉल में भी रुके हुए थे और में भी हॉल में ही उनके साथ साथ हो लिया, वहां पर कुछ लड़कियां भी थी, जो कि मेरे जिस रिश्तेदार के बेटे की शादी थी, उसके साथ बैठी हुई थी।

फिर में भी उनके साथ बैठ गया, हमारे बीच थोड़ा थोड़ा हंसी मज़ाक चल रहा था और उसके साथ साथ मेरा ध्यान अब कहीं और ही था और वहां एक लड़की भी दिल्ली से आई हुई थी, उसका नाम पूर्वा था और वो उम्र में करीब 23-24 साल की होगी, लेकिन वो दिखने में बहुत ही हॉट थी, उसने लाल कलर की बड़े गले वाली मेक्सी पहनी हुई थी। दोस्तों में सच कहूँ तो मेरा मन उसको देखकर कर रहा था कि में उसे वहीं पर पकड़कर खा जाऊं, वो उस लाल रंग में बहुत कमाल की लग रही थी और उसके फिगर के तो क्या कहने? उस मेक्सी में बूब्स भी बड़े सेक्सी लग रहे थे। उसके बूब्स का करीब 34 साईज़ होगा। अब कुछ देर बाद हमारी आँखें मिलना शुरू हो गयी थी और हम दोनों एक दूसरे को लगातार सबसे नजर बचाकर देख रहे थे, वो कभी कभी मेरी तरफ थोड़ा सा मुस्कुरा भी रही थी और अब मुझे भी उसकी आखों में देखकर पूरा पूरा यकीन हो गया था कि यहाँ तो मेरा काम बन ही जाएगा, जिसकी वजह से में अब मन ही मन उसके बारे में सोचकर बहुत खुश हो रहा था और बहुत देर बातें, हंसी मजाक करने के बाद सभी लोग एक एक करके सोने के लिए जाने लगे और वो सारी लड़कियां भी वहीं पर सोने लगी, जहाँ पर वो बैठी हुई थी। फिर मैंने भी पूर्वा के सर की तरफ अपना बेड सरका लिया और फिर में उस समय अपना सामान उस बेड पर रखकर में वहां से चला गया, ताकि लाईट बंद होने तक मुझे वहां कोई ना देखे। फिर कुछ देर बाद जब सभी लाईट्स बंद हो गई, तो में वहां पर वापस आ गया और अपने बेड पर जाकर सोने लगा। तब मैंने देखा कि वो अभी भी जाग रही थी और वो उस समय अपने पास लेटी हुई उसकी एक दोस्त से बातें कर रही थी, में भी बिल्कुल चुपचाप आकर अपने बेड पर लेट गया और फिर मैंने वहां पर सभी के सोने का इंतजार किया और करीब रात के 1.30 बजे के बाद जब सभी लोग सो गये। तब मैंने थोड़ी सी हिम्मत करके अपना एक हाथ उसके सर पर रख दिया, लेकिन उसकी तरफ से कोई भी हलचल नहीं हुई, लेकिन दोस्तों मुझे अब यह भी नहीं पता था कि वो जाग रही है या नहीं। फिर में अपना हाथ उसके कंधे पर ले गया। दोस्तों उसने जो मेक्सी पहनी हुई थी, वो बिना बाँह की थी और उसने अपने बूब्स तक एक चादर डाली हुई थी, लेकिन फिर भी मुझे उसके उभरे हुए बूब्स दिखने लगे थे।

अब मैंने उसके गोरे गोरे मुलायम कंधों को धीरे धीरे सहलाना शुरू किया, लेकिन तब भी उसने कोई भी हलचल नहीं की, क्योंकि मुझे भी अब लगने लगा था कि या तो वो जाग रही है या फिर वो बहुत गहरी नींद में सो चुकी है। अब मुझ में थोड़ी हिम्मत आ गयी और में अपना हाथ चादर के अंदर डालकर धीरे धीरे उसके बूब्स तक ले गया और अब में उसके उभरे हुए गोरे, रुई जैसे, मुलायम, एकदम गोल गोल बूब्स को अपने हाथ से हल्के हल्के सहलाने लगा था। फिर में आप सभी को क्या बताऊँ कि उसके बूब्स ऐसे थे मानो मक्खन, जिससे मेरा हाथ बार बार फिसल रहा था और मुझे उसके जिस्म की गरमी पाकर एक अजीब सा अहसास आ रहा था, लेकिन मैंने अब उन्हें हल्के हल्के दबाना सहलाना शुरू कर दिया था और इतने में उसने हिलना शुरू किया। तभी मैंने थोड़ा सा घबराकर अपना हाथ पीछे खींच लिया और अब में चुपचाप सोने का नाटक करने लगा, लेकिन में अब भी उसके बारे में ही सोच रहा था, मुझे वो अहसास बहुत अच्छा लगा और फिर दोस्तों मुझे बिल्कुल भी पता नहीं कब नींद आ गयी और में सो गया। फिर उसके अगले दिन सगाई थी और सभी लोग तैयार होकर उस गार्डन में पहुंचने लगे, जहाँ पर वो समारोह होने वाला था, में भी जल्दी से तैयार होकर बाहर निकला, तभी मुझे पूर्वा दिखाई दी, उसको देखकर मेरी आखें फटी की फटी रह गई, क्योंकि वो बहुत सुंदर लग थी और मेरी नजर उससे हटने को बिल्कुल भी तैयार नहीं थी, में चोर नजर से बस उसी को बार बार देख रहा था और अब में उसके पास चला गया और मैंने उससे बात करना शुरू किया।

में : हाए पूर्वा

पूर्वा : हाए

में : क्या हुआ? क्या तुम किसी का इंतजार कर रही हो? चलो ना वहाँ पर सगाई शुरू होने वाली है।

पूर्वा : अरे नहीं वो मुझे दिल्ली अभी किसी को अर्जेंट कॉल करना है और मेरे मोबाईल का बेलेन्स खत्म हो गया है  और मुझे रोमिंग में इस बात का पता ही नहीं चला और में लगातार बातें करती रही और अचानक से बेलेन्स खत्म हो गया, तब मुझे पता चला कि अब में क्या करूं, मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है?

में : अरे यार बस इतनी सी बात यह लो तुम मेरे फोन से कॉल कर लो और में अभी जाकर तुम्हारा फोन रिचार्ज करवा देता हूँ।

फिर उसने मुझे मेरा फोन ले लिया और उसने मेरे फोन से कॉल किया और उसने मुझे अपना मोबाईल नंबर रिचार्ज करवाने के लिए दे दिया। सगाई की रस्म होने के बाद मैंने बाहर बाजार में जाकर उसका फोन रिचार्ज करवा दिया और कुछ देर बाद वापस रिज़ॉर्ट में आकर मैंने उसको कॉल किया।

में : हैल्लो पूर्वा।

पूर्वा : हैल्लो आप कौन?

में : में करन, मैंने तुम्हारा फोन रिचार्ज करवा दिया है।

पूर्वा : ओह तुम्हारा बहुत बहुत धन्यवाद करन, लेकिन तुम इस समय कहाँ हो?

में : में यहाँ रिज़ॉर्ट की छत की तरफ जाने वाली सीड़ियों पर खड़ा हूँ।

पूर्वा : लेकिन तुम वहाँ पर अकेले क्या कर रहे हो?

में : तो तुम जरा यहाँ पर आ जाओ में बताता हूँ।

पूर्वा : चलो ठीक है, में अभी आती हूँ।

फिर उसके कुछ ही देर बाद वो वहाँ पर आ गई और वो मेरे पास आकर मुझे रिचार्ज के पैसे देने लगी तो मैंने उससे वो पैसे लेने से साफ साफ मना कर दिया। मैंने उससे कहा कि नहीं में तुमसे यह पैसे नहीं लूँगा। फिर उसने मुझसे कहा कि क्यों तुम क्या मेरे बॉयफ्रेंड हो जो मेरा फोन फ्री में रिचार्ज करवाओगे? तभी मैंने थोड़ी हिम्मत करके तुरंत उससे कहा कि में हूँ नहीं, लेकिन अब बनना जरुर चाहता हूँ। तभी उसने मुझसे मुस्कुराते हुए कहा कि पहले अच्छी तरह से सोच लो, इसमें तुम्हारा बहुत खर्चा हो जाएगा और में नहीं चाहती कि तुम मेरी वजह से पैसा बर्बाद करो। अब मैंने उसी वक़्त उसका एक हाथ पकड़कर उसे एक झटका देकर अपनी तरफ खींच लिया और तुरंत उसे ज़ोर से एक किस कर दिया। दोस्तों हमारा यह किस कुछ सेकिंड चला होगा, लेकिन मुझे उसके साथ ऐसा करके बहुत अच्छा लगा और तभी उसने मुझसे छूटते ही बहुत गुस्से में आकर कहा कि तुम यह क्या कर रहे हो? यह सब में सिर्फ़ अपने बॉयफ्रेंड के साथ ही करूंगी, क्या तुम्हारा दिमाग तो ठिकाने पर है ना? और फिर मैंने तुरंत उससे कहा कि में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो कह दिया, लेकिन वो मेरी यह सारी बातें सुनकर तुरंत वहाँ से चली गई और में उसे जाते हुए पीछे से खड़ा खड़ा देखता रहा। फिर मैंने उसे बहुत बार कॉल भी किए, लेकिन उसने ना तो मेरे कॉल उठाए और ना ही मुझसे दोबारा बात की। मैंने भी फिर उसे कॉल नहीं किया और ना ही रात को वो उस हॉल में सोने आई जिसमें मैंने उसके साथ पिछली रात को उसके साथ वो सब कुछ किया था, उसके बूब्स को छूकर अपने मन को खुश किया था और फिर में उसके बारे में सोचता हुआ ना जाने कब सो गया। फिर उसके अगले दिन शादी थी तो दिन के करीब दो बजे बारात निकली गई और सारे मेहमान बारात में थे और में भी वो सब कुछ भूलकर एक बियर लगाकर वहाँ पर सभी के बीच में जाकर नाचने लगा था, में उस समय नाचने में इतना व्यस्त था कि मुझे किसी से कोई मतलब नहीं था और में नाचता रहा। तभी कुछ देर बाद मेरे मोबाईल पर पूर्वा का कॉल आ गया। मैंने उसे देखकर तुरंत थोड़ा अलग हटकर बात करने लगा। तब उसने मुझे वहीं पर उन्ही सीड़ियों पर बुलाया, जिन पर पहली बार मैंने उसे अपनी तरफ से अपने दिल की बात कहकर उसे चूमा था और वो मुझसे नाराज होकर चली गई थी और अब में बिना देर किए वहाँ पर पहुंच गया, क्योंकि में उसके मुझे वहां पर बुलाने की बात से बहुत खुश था और मेरे मन में ना जाने क्या क्या, कैसे कैसे विचार आ रहे थे? जिनको सोचकर में बहुत उत्साहित था। दोस्तों सच पूछो तो में उस समय बहुत खुश था, में आप सभी को अपनी वो ख़ुशी किसी भी शब्दों में नहीं बता सकता, तब वहां पर जाते ही उसने मुझसे पूछा कि तुम क्या कल वो बात सच कह रहे थे कि तुम मुझसे प्यार करते हो? तो मैंने उससे कहा कि तुमसे किसको प्यार नहीं होगा? इसलिए मुझे भी तुम्हें एक बार देखते ही प्यार हो गया। फिर मेरे मुहं से यह बात सुनते ही उसने तुरंत मुझे हग कर लिया, जिसकी वजह से मेरे पूरे शरीर में एक अजीब सी सरसरी दौड़ने लगी थी और फिर हम दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह किस करने लगे और में अब जोश में आकर ज़ोर ज़ोर से उसके लहंगे के ऊपर से ही उसके बूब्स को दबाने लगा और वो भी ट्राउज़र के ऊपर से मेरा लंड दबाने लगी, मेरा लंड पूरी तरह से तनकर खड़ा हो चुका था। मैंने उससे रूम में चलने को कहा, लेकिन उसने साफ मना कर दिया और कहा कि अभी किसी भी रूम में जाना रिस्की है, वहाँ पर कोई भी आ सकता है और आज रात को जब शादी के बाद आधे से ज़्यादा मेहमान चले जाएगें, तब तुम एक रूम रख लेना और मुझे फोन कर देना, में वहाँ पर आ जाउंगी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने कहा कि ठीक है और फिर हम बारात में चले गये, वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी। फिर रात को खाने में हम एक दूसरे को खाने वाली नज़रो से लगातार घूर घूरकर देख रहे थे, लेकिन किसी को हमारे ऊपर शक ना हो, इसलिए हमने एक दूसरे से कोई भी बात नहीं की। फिर रात को करीब दो बजे बिदाई के बाद जब बहुत सारे मेहमान स्टेशन और एरपोर्ट के लिए रवाना हो गये तो मैंने भी एक कॉर्नर वाला और बिल्कुल सुरक्षित रूम ढूंड लिया और उसे अंदर से लॉक कर लिया, ताकि कोई और अंदर ना आ पाए। फिर रात के करीब तीन बजे मैंने पूर्वा को कॉल किया और मैंने उसे रूम का नंबर दे दिया और करीब 15 मिनट के बाद वो उस रूम में आ गयी, जिसको मैंने अंदर से बंद किया हुआ था और उसको अंदर लेकर मैंने रूम को दुबारा तुरंत बंद कर दिया। दोस्तों पूर्वा ने उस समय काली कलर की अफ़गानी और ऊपर सफेद कलर की टी-शर्ट पहनी हुई थी। अब मैंने उसके अंदर आते ही में उस पर टूट पड़ा और उसको में हर एक जगह पर किस करने लगा, जिसकी वजह से वो बिल्कुल गरम हो चुकी थी और फिर मैंने सही मौका देखकर झट से उसकी टी-शर्ट को उतार दिया और उसके वो गोरे गोरे बड़े आकार के मुलायम बूब्स उस काली कलर की ब्रा में ऐसे लग रहे थे, जैसे किसी गुफा में भरपूर खजाना रखा हो और में उन्हें कुछ देर घूरता ही रहा, लेकिन मेरा मन नहीं भरा। फिर मैंने बिना देर किए उसकी ब्रा को उतार फेंका और उसके बूब्स को पागलों की तरह चूसने लगा। में उसका एक बूब्स चूस रहा था और दूसरा दबा रहा था और वो अब एकदम पागल होने लगी थी, जिसकी वजह से वो मेरा सर अपनी गोरी उभरी हुई छाती पर ज़ोर ज़ोर से दबा रही थी और में बार बार उसके बूब्स को दबाकर निचोड़ रहा था, करीब दस मिनट बूब्स चूसने और दबाने के बाद मैंने अपने कपड़े उतारने शुरू किए और में अब सिर्फ़ अंडरवियर में उसके सामने आ गया और मेरे तनकर खड़े लंड से मेरी अंडरवियर में टेंट बन गया था।

फिर वो उसे देखकर हंसने लगी। फिर उसने मुझे सीधा लेटा दिया और अब उसने झट से मेरे लंड को अंडरवियर से बाहर निकालकर वो उसे अपने मुहं में लेने लगी थी। दोस्तों मैंने देखा कि वो लंड को ऐसे मुहं में लेकर चूस रही थी, जैसे मेरा लंड इस दुनिया का आखरी लंड है, जिसकी वजह से मेरी तो हालत बहुत खराब हो गयी थी, लेकिन वो उसे लगातार चूसे ही जा रही थी, वो किसी अनुभवी की तरह बहुत आराम से लंड को लोलीपोप की तरह चूस रही थी और फिर कुछ देर बाद में उसके मुहं में झड़ गया और मुझे इस बात का पता नहीं चला, उसने मेरा वीर्य पी लिया या नहीं, लेकिन वो उसी समय उठकर बाथरूम में चली गई और में अब एकदम फ्री होकर वहीं पर चुपचाप लेटा रहा। फिर कुछ देर बाद बाथरूम से बाहर आकर वो फिर मेरे पास आकर लेट गई। उसने अब मेरे लंड को बहुत धीरे धीरे हिलाना, सहलाना शुरू किया और में उसके बूब्स पर अपना हाथ घुमाता रहा। कुछ देर बाद मेरा लंड एक बार फिर से धीरे धीरे जोश में आने लगा था। अब में उठ गया और मैंने तुरंत उसकी अफ़गानी को उतार दिया, उसने उस समय अपनी आखें बंद की हुई थी और फिर मैंने उसकी पेंटी को भी उतार फेंकी और अब में उसकी गोरी, बिना बालों वाली एकदम चिकनी, आकर्षक चूत को चाटने लगा, जिसकी वजह से वो अचानक से बेड पर उचकने लगी और वो अपनी चूतड़ को उठाकर मेरी जीभ को पूरा अंदर तक लेने लगी और वो ज़ोर ज़ोर से आह्ह्ह्हह उफफ्फ्फ्फ़ नहीं बस खाओ मत आईईईइ चूसो इसको चिल्लाने लगी, वो उस समय बहुत जोश में थी और कुछ देर बाद वो मेरा सर अपनी गीली रस से भरी चूत पर दबाने लगी थी।

फिर मैंने करीब पांच मिनट तक उसकी चूत चाटी और उसने अपना पानी छोड़ दिया, वो बिल्कुल निढाल होकर पड़ी रही और मैंने उसका पूरा पानी पी लिया। दोस्तों अब बारी थी सबसे ज़रूरी और आखरी काम की, जिसको में अब करने जा रहा था। में उठा और उसे बेड के थोड़ा सा ऊपर की तरफ किया और उसके दोनों पैरों को चौड़ा करके मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुहं पर लगा दिया। दोस्तों मुझे यह बात तो उसके लंड चूसने से पता लग चुकी थी कि वो वर्जिन नहीं है, वो मेरे लंड से पहले भी किसी का लंड चूस चुकी है, लेकिन जब मैंने उसकी चूत में अपने लंड को थोड़ा जोरदार धक्का देकर अंदर डाला तो मुझे महसूस हुआ कि उसकी चूत बहुत अच्छी ख़ासी टाईट थी और वो मेरे पहले झटके में बहुत ज़ोर से चिल्ला गई और बिन पानी की मछली की तरह तड़पने लगी और मुझे पीछे की तरफ धकेलने लगी और मुझसे लंड को बाहर निकालने के लिए कहने लगी। फिर मैंने वैसे ही रुककर उसको करीब एक मिनट तक सहलाया और उसके मुहं पर अपना एक हाथ रखकर सही मौका देखकर मैंने अपना दूसरा झटका भी मार दिया, जिसकी वजह से लंड अब उसकी चूत की दीवार पर रगड़ता हुआ बहुत अंदर तक जा चुका था और वो बुरी तरह से रो रही थी, उसकी आखों से आंसू बाहर आने लगे थे, वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रही और मुझसे कह रही थी, उफफफफ प्लीज तुम अब बस करो छोड़ दो मुझे आह्ह्ह्हह् में मर जाउंगी, तुम इसको बाहर निकाल लो प्लीज, तुम अब बस करो, आईईईई मुझे अब कुछ हो रहा है, मुझे बहुत दर्द है।

फिर में कुछ देर वैसे ही रहा और उसके मचलते गरम जिस्म को धीरे धीरे सहलाता रहा और फिर मैंने कुछ देर रुकने के बाद जब वो थोड़ी शांत हुई तो मैंने अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया। अब वो भी लंड को अंदर लेने लगी और मेरे साथ मज़े करने लगी थी। में भी उसे बहुत देर तक कभी धीरे तो कभी जोरदार धक्के देकर चोदता ही रहा और वो भी अब जोश में आकर उचक उचककर मेरा लंड लेती रही, लेकिन फिर कुछ देर तक झटके देने के बाद में उसकी चूत में ही झड़ गया और करीब एक घंटा उसको खुद से चिपकाकर बेड पर लेटा रहा। फिर वो उठी और उसने एक बार फिर से मेरा लंड चूसा और फिर बाथरूम में जाकर खुद को साफ करके वो वहाँ से बाहर चली गयी, लेकिन जाते समय हम दोनों ने कुछ बात नहीं की और उसके अगले दिन मुझे पहले निकलना था। मैंने उसे मेडिकल से एक गर्भनिरोधक गोली लाकर दे दी और फिर में वहाँ से उसको बाय बोलकर चला गया। दोस्तों बस उस दिन के बाद ना मैंने उसे कभी कॉल किया और ना उसे याद किया। शायद बस यही था हमारा तीन दिन का प्यार जिसमें हमने वो सब किया, जिसकी हमें एक दूसरे से जरूरत थी। मैंने उसको अपनी चुदाई से संतुष्ट किया और उसने मुझे अपना वो प्यार दिया ।।

धन्यवाद …

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