chudai hi zindagi hai

प्रेषक : शाहिद …

हैल्लो दोस्तों, में मुंबई का रहने वाला हूँ। मेरा नाम शाहिद है और मेरी उम्र 23 साल है। मेरी हाईट 5 फुट 8 इंच है, मस्त बॉडी और में घोड़े के जैसी चुदाई करता हूँ। अब में आप लोगों का ज्यादा टाईम ख़राब नहीं करूँगा और अब में सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। ये बात आज से 1 महीने पहले की है, जब में अपने मामा के घर गया था, वहाँ मेरे मामा के घर पर सिर्फ़ 3 ही लोग रहते है मामा, मामी और उनका 1 लड़का, जो कि 12 का साल का है। मेरे मामा अक्सर सुबह 9 बजे काम पर चले जाते है और उनका बेटा स्कूल चला जाता है, वो सुबह 10 बजे स्कूल जाता है और शाम को 4 बजे स्कूल से वापस आता है। मेरी मामी पूरा दिन घर पर अकेली रहती है,  मेरी मामी उूउउफफफफफ क़यामत है। दोस्तों उनकी बड़ी-बड़ी गांड और बड़े-बड़े बूब्स देखकर तो क़िसी का भी लंड पानी माँगे।

अब पूरा दिन में और मेरी मामी घर पर अकेले रहते थे। में जब भी मामी को देखता था तो मेरा 7 इंच का लंड खड़ा हो जाता था और जब वो घर पर सिर्फ़ मेक्सी में रहती थी, तो मेरा लंड तो जैसे अभी अंडरवियर फाड़कर बाहर आ जाएगा, ऐसा लगता था। मेरी मामी की उम्र कुछ 29-30 की होगी, लेकिन वो बहुत गुस्से वाली है और वो कभी-कभी तो मुझे भी डांट देती थी, लेकिन सोचो ऐसी गुस्से वाली औरत जब गर्म हो जाए तो चोदने में कितना मज़ा आता है? चलो अब में अपनी कहानी शुरू करता हूँ। फिर एक दिन हुआ यह कि में हॉल में टी.वी. देख रहा था, तो इतने में मामी ने मुझे आवाज़ दी शाहिद जरा मामा के कमरे से मुझे कपड़े लाकर दो, मुझे वॉशिंग मशीन में डालने है। फिर में मामा के कमरे में चला गया तो मैंने मामी से पूछा कि कपड़े कहाँ है? तो वो बोली कि देखो मैंने पलंग पर ही रखे है और वो फिर बोली कि एक काम करना कि कपड़ो के साथ तकियों के कवर भी निकालकर लाना, तो मैंने कहा कि ठीक है मामी।

अब जब में तकियों के कवर निकाल रहा तो मुझे तकियों के नीचे से कंडोम मिला, लेकिन वो कंडोम पैक था, शायद मामा ने उसे यूज़ नहीं किया था। फिर मैंने कवर निकाला और उस कंडोम को अपनी जेब में रख लिया। फिर मैंने मामी को कपड़े दिए और में वहीं मामी के पास खड़ा हो गया और सोच ही रहा था कि कब में यह कंडोम लगाकर मामी को चोदूंगा? फिर मुझमें थोड़ी सी हिम्मत आई तो मैंने मामी से कहा कि मामी मुझे तकिये के नीचे से मामा की एक चीज मिली है। अब मामी सोचते हुए बोली कि क्या चीज है? तो मैंने हिम्मत करके मामी को दिखाया, तो मामी शरमा गई और वहाँ से चली गई। फिर में भी उनके पीछे चला गया और बोला कि क्या हुआ मामी?

फिर मामी मुझसे अपनी नजरे चुराकर बोली कि कुछ नहीं। अब में समझ गया था कि ये रात में मामा और मामी के बीच लगता है। अब मामी थोड़ी उदास भी लग रही थी, तो मैंने मन ही मन में सोचा कि क्यों ना मामी की यह उदासी में दूर कर दूँ? तो मैंने कहा कि मामी क्या बात है? आप बहुत उदास लग रही हो। फिर मामी बोली कि कुछ बात नहीं है, तू नहीं समझेगा। फिर मैंने कहा कि मामी अब में इतना भी बच्चा नहीं हूँ कि नहीं समझूंगा, मुझे लगता है कि मामा और आपके बीच में कोई परेशानी है। फिर मामी बोली कि हाँ, तो मैंने पूछा कि क्या परेशानी है? मुझे बाताओ, में वादा करता हूँ कि में क़िसी से भी नहीं कहूँगा। फिर मामी बोली कि हमारी लाईफ में परेशानी चल रही है। फिर मैंने पूछा कि क्या परेशानी है मामी? अब में समझ गया था तो मैंने हिम्मत करके बोल ही दिया कि लगता है आपके और मामा के बीच में सेक्सुअल परेशानी है ना? तो मामी कुछ नहीं बोली। अब मेरे बहुत मनाने के बाद मामी ने बताया कि तुम्हारे मामा अक्सर काम से थककर आते है तो हमें प्यार करने का मौका नहीं मिलता है और वो जल्दी सो जाते है। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब में समझ गया था कि भाई शायद अब वो टाईम आ गया है और अब तू मामी को चोद सकता है और बातें करते-करते मामी के आँसू निकल पड़े। फिर में मामी के आँसू पोंछने लगा और आँसू पोंछते- पोंछते में अपना एक हाथ मामी के गालों पर फैरने लगा। फिर में अपना हाथ फैरते-फैरते मामी की गर्दन पर ले आया और धीरे-धीरे मामी के बड़े-बड़े बूब्स तक पहुँच गया। फिर तब मामी ने कहा कि यह क्या कर रहे हो? शाहिद मानो। अब में पागल सा हो गया था और कहा कि कुछ नहीं मामी। फिर मामी बोली कि नहीं शाहिद यह गलत है। फिर मैंने कहा कि क़िसी की मदद करना कोई गलत बात नहीं। फिर मामी बोली कि नहीं शाहिद ऐसा मत करो प्लीज। फिर में बोला कि कुछ नहीं होगा मामी क़िसी को भी पता नहीं चलेगा। फिर मामी बोली कि नहीं शाहिद प्लीज ऐसा मत करो और फिर मैंने मामी को अपनी बाँहों में ले लिया और उनके बूब्स को अपने हाथों से दबाने लगा।

अब मामी बोली कि प्लीज शाहिद मुझे छोड़ो। फिर में बोला कि मामी आप ऐसे ही रहो, कुछ नहीं होगा और फिर मैंने मामी का एक हाथ अपने 7 इंच के लंड पर रख दिया और उनकी गर्दन पर किस करने लगा। फिर थोड़ी देर के बाद समझो जैसे जादू सा हो गया और अब मामी ने मेरे पजामे का नाड़ा खोल दिया था और वो मदहोश हो गई थी और अपने हाथों से मेरे लंड को सहलाती, तो कभी हिला रही थी। फिर में मामी को उनके कमरे में ले गया और उनकी मैक्सी उठाकर उनके पैरों को चूमते हुए उनकी चूत तक पहुँच गया। अब मुझे उनकी चूत चाटनी थी तो मैंने उनकी पेंटी निकाली और उनकी चूत को चाटने लगा। अब मामी भी पागल हो गई थी तो उसने मुझे उठाकर अपनी बाँहों में ले लिया और मुझे स्मूच देने लगी और स्मूच देते-देते उसने मुझे लेटा दिया और मेरे ऊपर बैठकर अपने हाथों से मेरा लंड अपनी चूत में डाल दिया और ऊपर नीचे होने लगी।

अब मामी आआआआआअहह करने लगी थी और जब वो थक जाती, तो मेरे ऊपर लेटकर अपने आपको हिलाती रहती और मुझे स्मूच करती। फिर जब वो झड़ने लगी तो तब उसने मुझे अपने ऊपर लेटा दिया और अपने दोनों पैरों को मेरी पीठ पर रखकर चिल्लाई, प्लीज शाहिद ज़ोर से करो, ऊऊऊ प्लीज और ज़ोर से। अब में भी और ज़ोर-ज़ोर से उनको चोदने लगा था और मैंने चोदते-चोदते उनकी चूत लाल कर दी थी। फिर जब वो झड़ गई तो उससे अपनी पकड़ कमज़ोर कर दी। अब में भी समझ गया था कि वो झड़ चुकी है और मेरा भी बस होने ही वाला था कि मैंने अपनी स्पीड थोड़ी बढ़ा दी और उनको ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। फिर थोड़ी देर के बाद में भी झड़ गया तो मैंने अपने लंड का पानी उनकी चूत में ही डाल दिया और उनके ऊपर ही कुछ मिनट तक लेटा रहा। अब दोस्तों मुझे कभी-कभी मामी को चोदना होता है तो में उनके घर रहने के लिए चला जाता हूँ और फिर हम दोनों खूब सेक्स करते है और खूब मजे करते है ।।

धन्यवाद …

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