interview me choot chodi

प्रेषक : राज …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है, में दिल्ली का रहने वाला हूँ। आज में आपको जो स्टोरी बताने जा रहा हूँ, वो बिल्कुल सच्ची है। यह घटना मेरे साथ करीब 5 साल पहले हुई थी, मेरा खुद का पर्सनल ऑफिस है और मुझे एक जवान लड़की सेकेट्री की जॉब के लिए चाहिए थी तो मैंने न्यूज़पेपर में विज्ञापन दिया। तो उसके बाद मुझे एक लड़की का फोन आया, उसका नाम रश्मि था। फिर मैंने उसे इंटरव्यू के लिए ऑफिस में बुला लिया तो उसने कहा कि में अभी 15 मिनट में आ जाउंगी, तो में उसका इंतजार करने लगा। फिर करीब 20 मिनट के बाद वो आई, तो में उसे देखता ही रह गया, वो दिखने में बहुत सुंदर थी, उसने सलवार कमीज़ पहना हुआ था। फिर वो अंदर आई तो मैंने उसे बैठने के लिए कहा, तो वो मेरी सामने वाली कुर्सी पर बैठ गयी। अब मुझे उसे देखकर कुछ कुछ होने लगा था, अब मेरा लंड अकड़ने लगा था। फिर में उसका इंटरव्यू लेने लगा।

में : आपका क्या नाम है?

रश्मि : मेरा नाम रश्मि है और में उड़ीसा की रहने वाली हूँ।

में : आपकी एजुकेशन क्या है?

रश्मि : जी, 12वीं।

में : ओह, यह तो बहुत कम है, मुझे तो ग्रेजुएट और बोल्ड लड़की चाहिए।

रश्मि : जी, में कम पढ़ी लिखी होने के बावजूद भी आपके सारे काम कर सकती हूँ और जो काम नहीं आता होगा वो में सीख लूँगी। अगर आप मुझे सिखाएँगे, वैसे में बोल्ड तो बहुत हूँ।

में : अच्छा, क्या आप सीख लेंगी? जो हम आपको सिखाएँगे।

रश्मि : जी बिल्कुल।

में : अच्छा, अगर आप बोल्ड है तो बताए कि आप क्या कर सकती है?

रश्मि (अपनी चुन्नी गिराते हुए) : जी सर जो आप कहें। अब में उसके सूट के अंदर उसके बूब्स देख रहा था, अब मुझे उसका क्लीवेज साफ-साफ दिखाई दे रहा था और उसके बूब्स काफ़ी बड़े-बड़े थे।

फिर में उठकर उसके पीछे आ गया और उसके कंधे पर अपना एक हाथ रखकर कहा कि आप बहुत सुंदर है। फिर वो बोली कि धन्यवाद, तो मैंने उससे पूछा कि क्या में तुम्हारे बूब्स को टच कर सकता हूँ?

रश्मि : जी, सर मुझे शर्म आती है।

में : अभी तो आप कह रही थी कि आप बोल्ड है और आप कुछ भी कर सकती है।

रश्मि : लेकिन सर इसमें तो करने वाली बात होती है, इसमें पूछने वाली क्या बात है?

अब में उसका जवाब सुनकर हैरान हो गया था और फिर मैंने पीछे से ही उसके बूब्स पकड़ लिए और उसके बूब्स पर अपना एक हाथ फैरने लगा। अब वो अपनी आँखे बंद करके मज़े लेने लगी थी। फिर मैंने उसके एक बूब्स को पकड़कर थोड़ा ज़ोर से मसल दिया तो वो चीख उठी और बोली कि सर थोड़ा धीरे दबाइए ना, दर्द होता है। फिर मैंने कहा कि दर्द में ही तो मज़ा है अगर दर्द ना हुआ तो मज़ा कहाँ मिलेगा? तो वो बोली कि सर यह तो आप बिल्कुल सच कह रहे है और इस काम में तो दर्द में भी मज़ा ही आता है। फिर मैंने उससे पूछा कि क्या तुमने पहले भी कभी सेक्स किया है? तो वो बोली कि सर नहीं सिर्फ़ ऊपर-ऊपर से ही मज़े लिए है, में अभी तक वर्जिन हूँ। फिर में यह सुनकर खुश हो गया और उसके सूट के अंदर अपना एक हाथ डालकर सहलाने लगा। उसकी कमीज में पीछे की साईड पर चैन थी, तो मैंने उसे नीचे सरका दिया और पीछे से उसकी कमीज के अंदर अपना एक हाथ डालकर उसके बूब्स को मसलने लगा।

अब वो सिसकारियां भरने लगी थी और बोल रही थी कि सर आपके हाथों में तो जादू है, मुझे बहुत मज़ा आ रहा है। अब में उसकी गर्दन पर अपने लिप्स और जीभ फैरने लगा था, तो इससे उसे और ज़्यादा मज़ा आने लगा था और वो सीईईईईईईईईई, सीईईईईईईईईईईईई की आ आवाजें निकालने लगी थी। फिर मैंने उसकी कमीज निकाल दी, तो उसने अंदर काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी। फिर मैंने उसका हुक भी खोल दिया और उसकी ब्रा भी निकाल दी। अब वो ऊपर से बिल्कुल नंगी थी, अब मुझे उसकी नंगी चूचीयाँ देखने में बहुत अच्छा लग रहा था। फिर मैंने उसकी चूचीयों को पकड़ लिया और उसके एक निप्पल को अपने अंगूठे और उंगली के बीच में लेकर मसलने लगा तो वो उछल पड़ी और बोली कि सर हाथों से ही करोगे क्या? तो मैंने कहा कि नहीं मेरी जान अभी तुम्हें अपने मुँह से चाटूँगा भी और फिर में उसके बूब्स को मेरे मुँह में लेकर चूसने लगा। अब मुझे उसके बूब्स चूसने में बहुत ही मज़ा आ रहा था। अब में अपने एक हाथ से उसके बूब्स मसल रहा था और एक हाथ को उसकी सलवार के अंदर डालकर उसकी चूत को सहलाने लगा था। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब उसकी चूत पर मेरा हाथ लगते ही वो ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगी थी और बोली कि सर क्या मज़ा आ रहा है? सर प्लीज़ और अच्छे से सहलाओ ना। फिर मैंने उसकी चूत के दाने को पकड़ लिया और उसे मसलने लगा, तो उसका मज़ा दोगुना हो गया। फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और उसकी सलवार को नीचे कर दिया। फिर मैंने उसका हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया जो मेरी पैंट के अंदर बड़ी देर से परेशान था। फिर वो मेरे लंड को मेरी पैंट के ऊपर से ही सहलाने लगी और कहने लगी कि सर आपका तो बहुत अच्छा लगता है, इसके दर्शन तो करवाओ, तो मैंने कहा कि किसके? तो वो बोली कि सर आपके लंड महाराज के। फिर मैंने उससे कहा कि खुद ही पैंट खोलकर कर लो। तो उसने मेरी पैंट को खोल दिया और मेरी पैंट नीचे सरका दी और मेरी अंडरवियर में अपना एक हाथ डालकर मेरे लंड को पकड़ लिया।

अब वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी और उसकी चूत ने रस छोड़ना चालू कर दिया था। फिर वो मेरे लंड को बाहर निकालकर उसे चूमने लगी और उस पर अपनी जीभ फैरने लगी। अब मुझे बहुत मज़ा आने लगा था और में उससे बोलने लगा कि चूस आहा, चूस साली और अंदर तक लेकर चूस इस लंड को, बहन की लोड़ी यह तेरे ही लिए ही है। अब वो मेरे लंड को पूरा अपने मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी थी। अब वो उसे बहुत जबरदस्त तरीके से चूस रही थी। फिर वो करीब 15 मिनट तक मेरे लंड को चूसती रही। अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था और में झड़ने वाला था तो मैंने उससे कहा कि अब मत करो, अब में झड़ने वाला हूँ। फिर वो बोली कि सर क्या आप मुझे अपना वीर्य पिलाएँगे? तो मैंने कहा कि क्यों नहीं? तो वो बोली कि सर फिर तो में उसे ज़रूर पीऊँगी और आप मेरे मुँह में ही झड़ जाइये। फिर में उससे बोला कि अगर में अभी झड़ गया, तो तेरी चूत को कब चोदूंगा? तो वो बोली कि सर वो बाद में देखेंगे, अभी तो मुझे आपका वीर्य पीना है।

फिर में उसके मुँह में ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा और 5-7 धक्को के बाद मैंने उसके मुँह में ही पिचकारी छोड़ दी। अब वो उसे बड़े मज़े से पीने लगी थी। अब उसने मेरा सारा गर्म पानी पी लिया था और मेरे लंड को अच्छी तरह से चाट-चाटकर साफ कर दिया था। फिर वो बोली कि सर आज तो मुझे मज़ा आ गया, मेरी कई दिनों से तमन्ना थी कि में किसी लंड का पानी पीऊँ और आज मुझे पीने को मिल गया, अब तो में रोज इसे पीऊँगी, क्योंकि यह तो मुझे बहुत ही टेस्टी लगा और यह कहकर वो मेरे लंड को सहलाने लगी। अब मेरा लंड फिर से अकड़ने लगा था और अपना साईज बढ़ाने लगा था। फिर मैंने उसकी चूत में मेरी एक उंगली डाल दी और अंदर बाहर करने लगा। अब उसे बहुत मज़ा आने लगा था, तो तभी डोर बेल बजी शायद कोई ग्राहक होगा? यह सोचकर हमने अपने कपड़े पहन लिए और नॉर्मल हो गये ।।

धन्यवाद …

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