मामा ने मेरी माँ चोद डाली

मामा ने मेरी माँ चोद डाली

प्रेषक : संतोष …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम संतोष है। आज में आप लोगों को एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूँ जिसे सुनते ही आपका लंड खड़ा हो जाएगा। यह उन दिनों की बात है जब में सेक्स के बारे में कुछ नहीं जानता था। में उस टाईम 10वीं क्लास में पढ़ता था और मेरी तबीयत खराब होने के कारण में जल्दी घर चला आया तो मैंने घर का दरवाजा खोलते ही देखा कि मेरे मामा (मेरी माँ के छोटे भाई) और मेरी मम्मी दोनों नंगे बेड पर लेटे थे और मुझे देखकर माँ ने जल्दी से अपनी साड़ी पहन ली, लेकिन में उस टाईम कुछ समझ नहीं पाया। फिर मामा अपनी पेंट शर्ट पहनकर मुझे बाज़ार घूमने के लिए ले गये और बहुत सारी चॉकलेट लाकर ही और किसी से कुछ ना कहने के लिए बोले। फिर मैंने चॉकलेट के लालच से किसी से कुछ भी नहीं कहा।

फिर ऐसे ही 2 -3 साल गुजर गये और अब मेरी कहानी की शुरुवात हुई। अब में आपको अपनी मम्मी के बारे में बता रहा हूँ। मेरी मम्मी की बहुत जल्दी ही शादी हुई थी इसलिए वो मुझसे 17 साल बड़ी थी, उनका फिगर एकदम मस्त है और अगर आप देखोगे तो आपके लंड से पानी निकल जाएगा। उनका फिगर साईज 38-28-36 है। अब तो आप समझ रहे होंगे कलर एकदम फेयर और मुँह एकदम चिकना है, वो हमेशा टाईट फिटिंग चूड़ीदार पजामा ही पहनती है। जब में 12वीं क्लास में पढ़ रहा था तो मेरा सबसे करीबी दोस्त राहुल ने मुझे पहले सेक्स के बारे में बताया और मुझे अपने घर बुलाकर उसने मुझे नंगी तस्वीरे दिखाई और मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर सहलाने लगा। अब मुझे बहुत मजा आ रहा था और फिर थोड़ी देर के बाद मेरा पानी निकल गया तो तब से मैंने सेक्स को एक मनोंरजन का तरीका कर लिया।

फिर उसके घर में उसने मुझे ब्लू फिल्म दिखाई, तो तब मेरी समझ में आ गया कि उस दिन मम्मी और मामा क्या कर रहे थे? तो तब मुझको बहुत खराब लगा और में सीधा अपने घर चला आया। अब मुझे मम्मी के ऊपर गुस्सा आ रहा था और मामा को जान से मार देने का मन कर रहा था। अब में बस वैसा ही सोच रहा था कि तभी मामा का फोन आ गया। फिर मामा बोले कि संतोष को बोल देना कि में कल आ रहा हूँ और मेरे लिए खाना बनाकर रखे। दोस्तों में आपको एक और बात बताना तो भूल ही गया कि मेरे पापा दुबई में नौकरी करते है और साल में एक-दो बार ही घर आते है। फिर मुझे रात को नींद नहीं आई और सोचा कि कैसा भाई है जो अपनी ही बड़ी बहन को चोदता है? अब मुझे तो ज़ोर से गुस्सा आ रहा था। फिर अगले दिन में जानबूझकर स्कूल नहीं गया और तबीयत खराब का बहाना कहके घर पर ही रह गया।

फिर मामा ठीक 10 बजे घर आए और मुझको रोज की तरह चॉकलेट दी, तो उनके जाने के बाद मैंने चॉकलेट गुस्से में बाहर फेंक दी। फिर मामा मम्मी के रूम में गये और दरवाजा बंद कर लिया, तो में तुरंत पीछे के दरवाजे की तरफ चला गया, अब में यहाँ से एक छेद में से मामा को देख रहा था। अब मामा बेड के ऊपर लेटकर माँ से बात कर रहे थे और मम्मी कांच के सामने खड़ी होकर तैयार हो रही थी। माँ ने टाईट फिटिंग साड़ी पहनी हुई थी और वो आज बहुत ही खूबसूरत लग रही थी।

फिर मामा ने कहा :- दीदी जीजाजी कब आएँगे?

मम्मी :- वो शायद अगले महीने आ जाएँगे।

मामा :- इसलिए आपने आपको चिकना करके रखा है, है ना?

मम्मी :- तो क्या तेरे लिए हुई हूँ?

मामा :- आज दीदी तुम बहुत सेक्सी लग रही हो।

मम्मी :- चुप हो जा सोनू (मेरा निक नाम सोनू है) अभी घर में है, वो सुन लेगा?

मामा :- सोनू तो अभी सो रहा है (यह कहकर मामा बेड से उठकर माँ के पास चले गये और माँ के गालों को चूमते हुए बोले) दीदी तुझे चोदने का मज़ा कुछ अलग है।

माँ :- आज नहीं सोनू घर में है और यह कहकर माँ वहाँ से खड़ी होकर दरवाजे की तरफ बढ़ने लगी। तो तब मामा ने पीछे से उन्हें अपने हाथों में उठाकर बेड के ऊपर सुला दिया और उनकी चूचीयों को अपने दोनों हाथों से दबाने लगे। फिर माँ ने छूटने की बहुत कोशिश की, लेकिन वो छुड़ा नहीं पा रही थी।

फिर मैंने देखा कि मम्मी अपने आपको उनके चंगुल से छुड़ाने की कोशिश करती हुई बोली कि ये क्या कर रहे है? छोड़िए मुझे। फिर मामा ने जबाब दिया कि घबराए नहीं में सब कुछ आराम से करूँगा। फिर मम्मी बोली कि ये क्या कह रहे है? तो मामा ने जबाब दिया कि मुझे सब कुछ पता है कि वो आपके साथ सेक्स नहीं करता, क्योंकि जीजाजी तो हमेशा बाहर ही रहते है और फिर मम्मी की दोनों चूचीयों को धीरे-धीरे दबाने लगे। फिर कुछ देर के बाद मम्मी ढीली पड़ने लगी तो मामा ने मम्मी की तरफ से हामी समझी और मम्मी की साड़ी और पेटीकोट को धीरे-धीरे उठाने लगे। फिर मम्मी की साड़ी और पेटीकोट को उनकी कमर से ऊपर उठाने के बाद मामा ने मम्मी को साड़ी और पेटीकोट को पकड़ने के लिए बोला, तो मम्मी ने पकड़ लिया। फिर मैंने देखा कि मामा ने अपने लंड को निकालकर मम्मी की गांड पर सटाया और एक हल्के से झटके के साथ अपनी कमर को हिलाया, तो मम्मी की तरफ से एक हल्की सी सिसकी निकली।

फिर मामा ने मम्मी की कमर को पकड़ लिया और अपनी कमर को हिलाने लगे तो मम्मी उनके हर झटके का जवाब सिसकी के साथ देती रही। फिर कुछ देर तक मामा मम्मी को वैसे ही खड़ा करके चोदते रहे और फिर इसके बाद जब वो दोनों शांत हो गये, तो में समझ गया कि मामा का वीर्य मम्मी की गांड में गिर चुका है। फिर मैंने देखा कि मामा अपने लंड को जिसकी लंबाई 8 इंच थी उसको बाहर निकालकर साफ़ कर रहे थे। फिर जब मम्मी की नजर उनके लंड पर पड़ी तो मम्मी तो जैसे उनके लंड को बिना पलक झपकाए कुछ देर तक देखती रही। फिर इसके बाद मम्मी मामा के पास गयी, तो मामा ने मम्मी के हाथ को पकड़ा और अपने बगल में बैठा लिया। फिर इसके बाद उन्होंने मम्मी के हाथ को अपने लंड के ऊपर रखा और मम्मी को अपना लंड चाटने के लिए बोला। फिर मम्मी ने कुछ देर तक तो वैसे ही लंड को पकड़े रखा और थोड़ी देर के बाद उसे चाटना शुरू किया।

अब मामा ने मम्मी की साड़ी और पेटीकोट को ऊपर उठा दिया था और मम्मी की चूत को अपने हाथ से सहला रहे थे। फिर जब वो दोनों लोग गर्म हो गये, तो मामा ने मम्मी को बेड पर लेटने के लिए बोला। फिर मम्मी करवट के बल लेट गयी, तो मामा ने सीधा लेटने के लिए बोला तो मम्मी बोली कि पहले ऐसे ही क्योंकि आपका डंडा बहुत बड़ा है, तो वो बोले कि ठीक है। अब मामा भी मम्मी के बगल में लेट गये थे। फिर मामा ने जब अपने लंड को मम्मी की चूत से सटाया तो मम्मी ने अपनी चूत को थोड़ा सा फैलाया और मामा के लंड को रास्ता दिखाया। फिर मामा ने अपनी कमर हो धीरे-धीरे आगे दबाया तो मम्मी के मुँह से आआआआहह, आआआआहह की आवाज़ आई। फिर में समझ गया कि मम्मी की चूत में मामा का लंड चला गया है। फिर जब मामा ने अपनी कमर को झटके के साथ हिलाना शुरू किया तो मम्मी कहराते हुए बोली कि थोड़ा धीरे-धीरे आआआआआहह, उउउ, आअहह, ऊऊऊऊओह, ओउुउऊचह, ऊऊओह।

फिर मैंने देखा कि मामा मम्मी के ब्लाउज के हुक खोलने लगे थे और मम्मी अपनी तरफ से उनका सहयोग करने लगी थी। फिर ब्लाउज के हुक खोलने के बाद मामा ने मम्मी की दोनों चूचीयों को 2-3 बार दबाया और बोले कि कितनी टाईट है आप? और ऐसा कहते हुए एक ज़ोर का झटका मारा। फिर मम्मी चीखते हुए बोली धीरे हाईईईईई, हाईईईईई, आआआहह, ऊऊऊऊओह आाआआअहह, प्लीज हाईईईई। अब मामा ने मम्मी की कमर को पकड़ लिया था और मम्मी की बाई चूची को अपने मुँह में लेकर मम्मी के बूब्स को पीने लगे थे। अब मम्मी धीरे-धीरे जोश में आने लगी थी। फिर कुछ देर तक हल्के-हल्के झटके लगाने के बाद जब मामा ने ज़ोर-ज़ोर से 2-3 झटके मारे, तो मम्मी फिर से ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला उठी। अब मम्मी अपनी कमर को खींचने लगी थी, तो मामा ने उनकी कमर को अपनी तरफ खींचा। फिर मम्मी बोली कि प्लीज निकाल दीजिए अब और नहीं, आआआआहह, ऊऊओह, आआआआआ, उुउउ, आआआआआअहह, ऊऊऊहह।

फिर इतना सुनकर जैसे मामा का जोश और बढ़ गया और वो मम्मी को पटककर उनके ऊपर चढ़ गये और मम्मी को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगे। अब मम्मी ज़ोर-ज़ोर से चीखने लगी थी और मामा के लंड को बाहर निकालने की कोशिश करने लगी थी। फिर मामा ने मम्मी के दोनों हाथों को पकड़ लिया और अब मम्मी के होंठो को चूसना शुरू कर दिया और इसके साथ ही ज़ोर-ज़ोर से 2-3 झटके मारे तो मम्मी झटपटा उठी। अब मम्मी अपने पैरों को पटकने लगी थी। फिर मम्मी को ऐसा करते हुए देखकर मामा बोले कि बस अब पूरा चला गया है, अब 2-3 मिनट और लगेंगे और फिर इस तरह से मम्मी कुछ देर तक कहराती रही। फिर कुछ देर के बाद मम्मी को भी मज़ा आने लगा और अब वो भी मस्ती भरी आहो के साथ सिसकी मारने लगी थी। फिर कुछ देर तक ऐसे ही मम्मी की चुदाई होती रही। फिर इसके बाद वो दोनों लोग शांत पड़ गये तो में समझ गया कि मम्मी अब पूरी तरह से उनकी हो गयी थी। फिर मामा कुछ देर तक मम्मी के ऊपर वैसे ही लेटे रहे।

फिर लगभग 5 मिनट के बाद जब वो मम्मी के ऊपर से हटे तो मम्मी ने अपनी आँखे खोली और मुस्कुराते हुए उनको देखने लगी। फिर मामा बोले कि कैसा लगा? तो मम्मी बोली कि अच्छा लगा। फिर मम्मी कुछ देर तक वैसे ही लेटी रही और फिर इसके बाद मम्मी उठकर नीचे जाने के लिए जैसे ही तैयार हुई तो में वहाँ से हटकर अपने कमरे में चला गया। फिर कुछ देर के बाद मैंने मम्मी को बाथरूम में जाते हुए देखा और फिर मम्मी पेशाब करके अपने रूम में जाकर सो गयी, लेकिन में उस रात बिल्कुल भी नहीं सो पाया और अपनी मम्मी की चुदाई के बारे में ही सोचता रहा। फिर सुबह जब में उठा तो मैंने मम्मी को बहुत खुश देखा। अब मम्मी हर कोशिश कर रही थी कि मुझे लगे कि में कुछ जानता नहीं हूँ, लेकिन उनको पता नहीं था कि मैंने सब कुछ देखा था। फिर मामा उठकर फ्रेश होने के बाद तैयार हुए और अपने काम से चले गये। दोस्तों यही है मेरी मम्मी की कहानी जिसे मैंने अपनी आँखों से देखा था और खूब इन्जॉय किया था ।।

धन्यवाद …

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