meri meena chachi ki tadap

प्रेषक : जय …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम जय है और मेरी उम्र 21 साल है, में चोदन डॉट कॉम का नियमित रीडर हूँ, में आज आपको मेरी एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। में एक गाँव में रहता हूँ और मेरे घर के पास ही मेरे चाचा का घर है, जिनकी अभी 2 साल पहले शादी हुई है, उनकी पत्नी का नाम मीना है। मेरे चाचा एक प्राइवेट कंपनी में काम करते है। में एक दिन कॉलेज जा रहा था तो मेरी चाची ने मुझे आवाज़ दी और में चाची के घर गया। फिर चाची ने कहा कि जय तुम मेरा एक काम करोगे? तो मैंने हाँ कहा। फिर चाची बोली कि तुम मुझे शहर से थोड़ा सा सामान लाकर दे दो, ज़रा अर्जेंट चाहिए और चाची ने मेरे हाथों में कुछ पैसे और एक लिस्ट थमा दी।

फिर में किराने की दुकान में जा पहुँचा और दुकानदार के हाथ में वो लिस्ट दे दी। फिर 5 मिनट के बाद दुकानदार ने सामान पैक करके कहा कि भाई साहब 5 नंबर का आईटम हमारे पास नहीं मिलेगा। फिर मैंने देखा कि उसका नाम पेंटी था। फिर में थोड़ा शरमा गया और बिल देकर रिटर्न गया और चाची के घर पहुँचकर चाची को कहा कि चाची आपकी पेंटी छोड़कर सब सामान लाया हूँ। तब चाची नहा रही थी तो चाची ने कहा कि ठीक है और वो मुझे सॉरी बोलने के लिए बाथरूम में से बाहर आई। फिर मैंने उस टाईम चाची को देखा तो मेरी धड़कन रूक सी गयी। अब चाची सिर्फ़ पेंटी और ब्रा में ही थी, उसका बदन तो खुद भगवान ने बनाया होगा, टेनिस बॉल जैसे उसके बॉल, कमर पतली, उसके बाद उसकी गांड जैसे कि केक का पिछला हिस्सा हो।

फिर में उस दिन चला गया, लेकिन मुझे रात को नींद नहीं आई, अब बार-बार चाची का बदन मेरे सामने आता था। चाची की उम्र 22 साल थी, चाची की छाती बहुत तगड़ी, उनके 1-2 किलो के दो आम, अब मेरी नज़रो से नहीं हट रहे थे, उनकी गांड मेरे होश उड़ा रही थी। फिर में उस रात चाची की याद में ही सो गया और सुबह देखा तो मेरी चड्डी गिली थी, अब में सब समझ गया था। फिर दूसरे ही दिन में चाची के घर गया, मुझे लाईट का टेस्टर चाहिए था। फिर मैंने घर जाने के बाद चाची को पूछा कि मुझे टेस्टर चाहिए, तो चाची बोली कि ज़रा 2 मिनट रुकना मुझे ढूँढना पड़ेगा। अब में उस टाईम टी.वी. की सीरियल देखते हुए बिस्तर पर बैठा था। फिर चाची ने आकर कहा कि ये लो टेस्टर (लाईट चैक करने का) और चाची ने टेस्टर मेरे हाथ में दिया, तो तब चाची के छूने से मेरे बदन में एक करंट सा दौड़ गया। फिर मैंने चाची की आँखों में एक तड़प देखी, तब में समझ गया कि चाची प्यासी है। फिर में उस दिन से बार-बार चाची के घर जाने लगा और चाची से सेक्सी बातें करने लगा।

फिर एक दिन चाचा काम पर गये थे, तो में उस टाईम उनके घर गया, तब चाची नहा रही थी। फिर मैंने चाची को आवाज़ दी और चाची ने मेरी आवाज सुनकर बाथरूम का दरवाज़ा खोल दिया। फिर मैंने चाची को आवाज़ दी मगर चाची ने मेरी आवाज का कोई जवाब नहीं दिया। फिर में चाची को ढूंढते- ढूंढते उनके बाथरूम तक जा पहुँचा। तब मैंने देखा कि चाची साड़ी पहनकर ही नहा रही है। फिर में वहाँ से घूमने ही लगा था कि चाची बोली कि जय मेरी पीठ ज़रा रगड़ दोगे तो में चौंक गया और बोला कि में, तो चाची बोली कि हाँ तुम। फिर मैंने कहा कि कोई देख लेगा, तो चाची बोली कि नहीं कोई नहीं देखेगा। फिर में अंदर गया तो चाची ने बाथरूम का दरवाज़ा अंदर से बंद कर दिया और मेरे हाथ में साबुन थमा दिया और वो खुद अपनी साड़ी उतारने लगी। अब मेरे होंठ सूख गये थे। फिर चाची ने अपना ब्लाउज और उसके बाद अपनी ब्रा भी निकाल दी। अब मुझे उनके बूब्स देखकर चक्कर से आने लगे थे।

फिर मैंने उनकी पीठ पर साबुन लगाया तो अब चाची की पीठ का स्पर्श मुझे गर्म कर रहा था और एक अनोखा मज़ा दे रहा था। तब मैंने देखा कि मेरा प्यासा लंड हलचल करके टाईट हो गया है। फिर मैंने चाची के बूब्स को जानबूझ कर हाथ लगाना शुरू किया। फिर चाची बोली कि जय मैंने तुम्हें पीछे साबुन लगाने को कहा था, आगे क्या कर रहे हो? तो मैंने चाची की बातों की तरफ़ ज्यादा ध्यान नहीं दिया। फिर मैंने कहा कि आपके बूब्स दिखने में कितने अच्छे है और फिर मैंने चाची के बूब्स दबाने शुरू किए। तब चाची मुझसे छिपकली की तरह चिपक गयी और में चाची के बूब्स जोर लगाकर दबाने लगा। अब चाची सिसकारी भरने लगी थी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने देखा कि चाची गर्म हो गयी है तो मैंने बाथरूम का दरवाज़ा खोलकर चाची को अपनी बाहों में उठा लिया और बिस्तर पर ले गया, तब चाची सिर्फ़ गाउन में थी।

फिर मैंने चाची से कहा कि चाची तुम, तो चाची ने कहा कि जय तुम मुझे चाची नहीं अब मीना कहो और वो मुझसे फिर से चिपक गयी। फिर में मीना के बूब्स दबाते हुए उन्हें चाटने लगा और मीना सिसकारियां भरने लगी, तब में मीना के गालों पर किस करने लगा और उसे चाटने लगा। फिर में धीरे-धीरे उसके बदन को चाटते हुए उसकी कमर तक गया और उसके गाउन की डोरी खोल दी। अब वो मेरे सामने सिर्फ पेंटी में थी। फिर में धीरे-धीरे उसकी जांघो को चाटता रहा और 3 मिनट के बाद उसकी पेंटी खोल दी। तब वो अपने पैरों से अपनी चूत को छुपाने लगी। फिर मैंने कहा कि मीना मुझे उसका स्वाद लेने दो, तब उसने अपने दोनों पैर फैला दिए और में उसकी वो सुंदर सी और थोड़े से बाल आई हुई चूत को चाटने लगा। तब उसने मेरे कपड़े उतार दिए और मेरी चड्डी के ऊपर से अपना हाथ मेरे लंड पर फैरने लगी। फिर तभी मैंने अपनी चड्डी निकालकर मेरे 9 इंच लंबे और 3 चौड़े लंड का उसे दर्शन करवा दिया। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब वो मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर उसको आँखें फाड़-फाड़कर देख रही थी। तभी मैंने अपना लंड उसकी मुँह में घुसा दिया, तब मुझे ऐसा मज़ा आ रहा था जैसे स्वर्ग सुख मिल रहा हो। फिर तभी मैंने 69 की पोज़िशन ली और उसकी चूत चखने लगा। फिर थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि उसकी चूत से कामरस बाहर आने लगा है तो मैंने अपनी 11 और 66 की पोज़िशन ली। फिर में अपना लंड उसकी चूत के ऊपर रखकर उसे रगड़ने लगा, तो मीना कहने लगी कि डालो अंदर डालो, फाड़ दो मेरी चूत को। तब मैंने उसके सर के नीचे से तकिया निकालकर उसकी गांड के नीचे लगाकर अपनी मिसाईल की पोज़िशन लेकर अपने दोनों हाथों से उसकी गांड पकड़कर अपने होंठ उसके होंठ पर रखकर जोर का एक झटका दिया। फिर तब मीना मछली की तरह तड़पने लगी, तब मेरा आधा लंड ही उसकी चूत के अंदर गया था। फिर मैंने दूसरा जोर का झटका दिया तो उसने मुझे दूर फेंकने की कोशिश की मगर मैंने उसे बहुत जोर से पकड़ रखा था।

फिर मेरा मुँह उसके मुँह से हट गया तो तभी उसके मुँह से चीख बाहर आ गयी, जय प्लीज उसे बाहर निकालो। फिर मैंने नीचे देखा कि मेरी गोटियाँ उसकी चूत के ऊपर खेल रही है तो में थोड़ी देर तक वैसे ही पड़ा रहा और उसके बूब्स दबाने लगा। अब उसके बूब्स कड़क हो गये थे, तो तब मैंने उन्हें पकड़कर अपना लंड बाहर निकाला और फिर से एक झटका दिया। तब मीना चीखी जय धीरे-धीरे डालो ना प्लीज दर्द होता है। तब में धीरे-धीरे अपना लंड बाहर निकालकर उसे ठोकने लगा। फिर थोड़ी देर के बाद मीना भी अपनी गांड उठाकर मेरा साथ देने लगी और बोलने लगी कि आआआअहह जय तुम बहुत अच्छी तरह से चोदते हो और अंदर डालो। तभी में ज़ोर-जोर से झटके मारने लगा। फिर में उसकी कमर को पकड़कर शॉट मारने लगा और 10 मिनट तक उसको चोदता रहा।

फिर उसके बाद में मेरी स्पीड बढ़ाने लगा तो तभी मीना बोल रही थी कि बस जय और में लगातार चुदाई कर रहा था। अब वो भी मेरे हाथों में अपने हाथ देकर मेरा साथ देने लगी थी और बोलने लगी कि जय चोदो और जोर से चोदो। फिर मैंने उसे अपने अंतिम समय आने की सूचना दी और कहा कि कहाँ लेना पसंद करोंगी? तो उसने कहा कि चूत में ही भर दो। फिर मैंने अपना पूरा माल उसकी चूत में ही छोड़ दिया और फिर हम एक दूसरे से चिपक गये। फिर उसके बाद उसने कहा कि तुम्हारे चाचा का हथियार तुमसे बहुत छोटा है। फिर मैंने 15 मिनट के बाद उसकी गांड की भी ठुकाई की और फिर उसके बाद हमें जब भी कोई मौका मिलता तो तब हम अपनी प्यास बुझा लेते थे ।।

धन्यवाद …

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