sarita ke saath premleela ka khel

प्रेषक : राज …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है और में उड़ीसा से हूँ, मेरी उम्र 37 साल है और में अपनी लाईफ को इन्जॉय करता हूँ और करवाता हूँ। अब में आपका ज़्यादा समय बर्बाद नहीं करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। यह घटना अभी कुछ ही दिनों पहले की है। में फ़ेसबुक पर मजे कर रहा था और तभी अपने ही घर के नज़दीक की लड़की से चैट करने लगा, तब रात के करीब 11 बज रहे थे और फिर बातों-बातों में उसने कहा कि कल वो विशाखापटनम जा रही है। फिर मैंने भी तुरंत झूठ कह दिया कि में भी कल विशाखापटनम जा रहा हूँ। फिर क्या था? फिर सरिता ने कहा कि तो मिलकर चलते है, तो मैंने भी तुरंत हाँ कर दिया।

फिर अगले दिन सुबह में अपनी कार निकालकर सरिता का इंतज़ार करने लगा और फिर वो भी सज-धज कर अपने एक बैग के साथ आई। फिर वो अपने बैग को पीछे की सीट पर रखकर मेरी पास वाली सीट पर आ गयी। फिर मैंने कार स्टार्ट की और हम दोनों विशाखापटनम की और निकल पड़े। अब हम दोनों करीब आधे घंटे तक गाने सुने जा रहे थे कि तभी सरिता पूछ बैठी, आपका क्या काम है? तो में चुप रहा और फिर बोला कि बस यूँ ही बिज़नेस का काम है। फिर मैंने उससे पूछा कि तुम्हारा क्या काम है? तो सरिता बोली कि कुछ ज़्यादा नहीं बस मम्मी की दवा लानी है, जो सिर्फ़ विशाखापटनम में ही मिलती है। अरे में तो आपको उसके बारे में बताना ही भूल गया सरिता 30 साल की एकदम हसीन और गोरी लड़की है, उसकी ऊंचाई 5 फुट 5 इंच और फिगर साईज 36-32-38 है, सरिता एकदम गोरी है और में थोड़ा लार्ज बिल्ट, गोरा बदन और मेरा लंड 5 इंच लम्बा है।

अब में आगे की स्टोरी पर आता हूँ। फिर सफ़र में चलते-चलते सरिता ने पूछा कि आप भाभी से कब मिले थे? तो मैंने तुरंत कहा कि हमारी अरेंज मैरिज थी, लेकिन में बहुत खुश हूँ कि मुझे ऐसी बीवी मिली है। फिर सरिता बोल उठी कि आपका नसीब नहीं भाभी का नसीब अच्छा है कि आप उसे मिले। फिर मैंने उससे कहा कि में कुछ समझा नहीं, लेकिन सरिता कुछ नहीं बोली। फिर मैंने भी उससे ज़्यादा सवाल नहीं किए। फिर एकाएक सरिता पूछ बैठी कि आपने अपनी सुहागरात कैसे मनाई थी? फिर क्या था? फिर मैंने भी कह दिया कि क्या करके बताऊँ? तो सरिता तुरंत बोल पड़ी कि हाँ। फिर मैंने ब्रेक लगाई और गाड़ी साईड में करके खड़ी कर दी और उसे देखता रहा। अब सरिता मुझसे नज़रे मिला नहीं पा रही थी। फिर मैंने भी सोचा कि मौका अच्छा है मारो चौका। फिर मैंने सरिता का हाथ पकड़ लिया और सहलाने लगा, लेकिन वो चुप रही। फिर मेरी हिम्मत और बड़ी और मैंने सरिता के होंठो को अपने होंठो से क़ैद कर लिया।

फिर कुछ पल के बाद सरिता भी मेरा साथ देने लगी और अब हम दोनों एक दूसरे की जीभ चूस रहे थे। फिर करीब 15 मिनट तक हम एक दूसरे को चाटते रहे। फिर मैंने गाड़ी आगे बढाई और कुछ ही समय में हम विशाखापटनम पहुँच गये। फिर वहाँ जाते ही हमने एक होटल में रूम बुक किया और सीधे रूम में चले गये। फिर में सरिता को रूम में बैठाकर बाहर से कंडोम का पैकेट ले आया। फिर मैंने देर ना करते हुये वापस रूम में आया तो मैंने देखा कि सरिता नहा धोकर टावल लपेटे खड़ी हुई थी। अब उसका गोरा बदन निखर रहा था और फिर मैंने भी तुरंत शॉवर लिया और टावल लपेटकर रूम में आ गया। अब सरिता पहले से ही पलंग पर लेटी हुई थी। फिर में उसकी और झुका और उसे लिप किस किए जा रहा था। सरिता की पहले से ही सेक्स की इच्छा थी और इस कारण वो भी तुरंत मुझसे लिपट गयी और कहने लगी कि राज प्लीज़ मेरी प्यास बुझा दो, में बहुत प्यासी हूँ। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब मुझको समझने में देर नहीं लगी कि वो पहले भी इसका मज़ा ले चुकी है, लेकिन में उससे पूछकर अपना और उसका मज़ा क्यों खराब करूँ? अब पूरा कमरा हमारी सांसो की आवाज़ से गूँज रहा था। अब हम दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह चुम्मा चाटी कर रहे थे। फिर मैंने सरिता को टावल की क़ैद से आजाद किया और अब सरिता मेरे सामने पूरी नंगी थी। फिर मैंने तुरंत उसके बूब्स को चूसना चालू किया, क्या मज़ा आ रहा था? सरिता की चूत बालों से भरी हुई थी। अब में उसके बूब्स को चूस रहा था और अपने दूसरे हाथ से उसकी चूत को सहला रहा था, जो हल्की सी गीली हो चुकी थी। अब उसका हाथ मेरे लंड पर घूम रहा था, तभी मैंने सरिता को मेरा लंड अपने मुँह में लेने की बात कही तो वो तुरंत मान गयी। अब वो पलटकर मेरा लंड चूस रही थी जैसे मानो लॉलीपोप है। अब हम दोनों 69 की पोज़िशन में थे और अब में उसकी चूत को चाट रहा था और बीच-बीच में अपनी जीभ को उसकी चूत में घुमा रहा था, उसकी गीली चूत से क्या मदहोशी वाली खुशबू आ रही थी?

अब में काफ़ी उत्तेजना के कारण 10 मिनट में ही सरिता के मुँह में ही झड़ गया था, लेकिन उसने चूस-चूसकर मेरा सारा माल साफ कर दिया। अब इस बीच सरिता भी अकड़ने लगी और मेरे मुँह पर ही झड़ गयी। फिर मैंने भी चाट-चाटकर उसकी चूत साफ की और अब बालों की वजह से मुझे उसकी चूत चाटने में और भी मज़ा आ रहा था। अब मेरे झड़ने के बाद हम दोनों एक दूसरे से नंगे लिपटकर लेटे हुए थे और इधर उधर की बातें किए जा रहे थे। अब हम बातें कर रहे थे और उधर सरिता मेरे लंड को सहला रही थी और में भी उसके बूब्स को स्मूच कर रहा था। फिर थोड़ा रोमान्स करते-करते मेरा लंड फिर से तैयार हो गया और फिर हम दोनों ने फिर से किसिंग चालू कर दी। अब में फिर से तड़प उठा और हम फिर से सीधे 69 पोजिशन में आ गये, अबकी बार हमारा जोश भी दोगुना हो गया था। अब में उसकी चूत में फिंगरिंग भी किए जा रहा था और बीच-बीच में चाट भी रहा था।

फिर सरिता बोली कि अब सहा नहीं जा रहा है, प्लीज अपना जानवर दिखाओ और डाल दो। फिर मैंने भी देर नहीं की और अपने लंड पर कंडोम लगा लिया और उसकी चूत के ऊपर अपना लंड सहलाने लगा। फिर में अपना लंड धीरे-धीरे उसकी चूत में डालने लगा और उसकी चूत टाईट थी, लगता है उसने बहुत दिनों से चुदाई नहीं की थी। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया और धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। अब सरिता भी उठ-उठकर मेरा साथ दे रही थी। फिर करीब 10 मिनट तक हम ऐसे ही धक्के मारते रहे। फिर हमने अपनी पोजिशन बदली और में नीचे आ गया और सरिता मेरे ऊपर उछलने लगी। अब में उसके बूब्स को स्मूच करता रहा और वो लगातार उछलती रही।

फिर करीब 5 मिनट के बाद हमने फिर से अपनी पोजिशन बदली और इस बीच उसकी चूत गीली होती गयी। फिर मैंने सरिता को पलंग पर लेटाया और में खड़े-खड़े धक्का मारता रहा। अब सरिता भी ज़ोर-ज़ोर से सांसे ले रही थी और में भी जोर-जोर से सांसे ले रहा था। फिर हम 5 मिनट के बाद इंडियन स्टाइल में आ गये और में ऊपर से सरिता को धक्के मारता रहा। फिर धीरे-धीरे मेरे धक्को की स्पीड तेज हो गयी और फिर हम दोनों शांत हो गये। फिर में अपना कंडोम निकालकर बाथरूम की तरफ चल पड़ा और सरिता भी चल पड़ी। अब हम दोनों पसीने से पूरे गीले हो चुके थे। कमरे में ए.सी चल रहा था, लेकिन हमें बहुत गर्मी लग रही थी। फिर हम दोनों नंगे ही शॉवर लेने के लिए बाथरूम में चले गये। अब हम दोनों नंगे नहा रहे थे और रोमान्स भी कर रहे थे। अरे ये क्या हुआ? साला मेरा लंड फिर से तैयार हो गया था और फिर हम ऐसे ही गीले बदन के साथ बाहर निकल आए और फिर हमने प्रेमलीला का खेल खेलना चालू कर दिया।

अब सरिता के घरवालों को मालूम नहीं था कि वो मेरे साथ गयी है। फिर उसने अपने घर पर फोन कर दिया और कहा कि दवा नहीं मिल रही है, कल तक मिल जाएगी और वो दवा लेकर कल आ जाएगी। फिर हम दोनों पूरी रात प्रेमलीला करते रहे और अगले दिन दवा लेकर हम वापस निकल पड़े। फिर वापसी में सरिता पूछ बैठी कि आपका बिज़नेस का काम क्या है? तभी मैंने कह दिया कि हो गया ना यार मेरा काम, मेरा कोई काम नहीं था, लेकिन आपमें मुझे पहले से ही रूचि थी और अगर आप शुरू ना होती तो मेरी तरफ से शुरू हो जाता और फिर हम घर वापस आ गये ।।

धन्यवाद …

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