student ne chodne par majboor kiya

प्रेषक : अखिल …

हैल्लो दोस्तों, मेरी चोदन डॉट कॉम पर यह पहली कहानी है, जब यह घटना मेरे साथ हुई तब मेरी उम्र 22 साल थी। अब में आपको पहले अपने बारे में बताता हूँ। में एक गाँव से हूँ और मेरे पापा आर्मी में ऑफिसर है। में तब 22 साल का था और दिखने में हैंडसम हूँ। में ग्रेजुयेशन खत्म करके एक स्कूल में पार्ट टाईम कोचिंग देता था। में ग्वालियर में था और नॉर्मल रहता था, स्कूल आना और वापस चले जाना, हमारे हेड मास्टर को भी खबर नहीं लगती थी। ये बात कुछ ऐसी थी कि मेरे पास एक पेरेंट्स  आए और मुझसे कहने लगे कि उनकी एक लड़की है और उसे इंग्लिश पढ़ना है। फिर पहले तो मैंने मना कर दिया, लेकिन बार-बार कहने पर में राज़ी हो गया और अगले दिन के लिए बोलकर चला गया।

फिर दूसरे दिन जब में उनके घर गया तो मैंने देखा कि एक 18-19 साल की बेहद खूबसूरत लड़की आई और गुड इवनिंग करके मेरे पास बैठ गई। फिर शुरआत में तो में सिर्फ उसको पढ़ाने में ही ध्यान देता रहा, लेकिन फिर कुछ दिन बीत जाने के बाद मैंने गौर किया कि वो मुझे बड़े ध्यान से देखती है। फिर एक दिन जब में आया ही था, तो उसने कहा कि सर में आपको गौर से देखना चाहती हूँ। तो में हंसा और बोला कि क्यों? में कोई ताजमहल हूँ, जो आप मुझे गौर से देखना चाहती है। फिर वो बोली कि नहीं, लेकिन आप तो उससे भी अच्छी चीज के मालिक है। फिर पहले तो में कुछ समझ नहीं पाया, लेकिन जब में समझा तो में उसी समय उठकर खड़ा हुआ और चल दिया।

फिर दूसरे दिन जब में आया तो वो बोली कि सर आप बैठिए, में अभी आती हूँ और वो उठकर चली गई। फिर जब वो थोड़ी देर के बाद आई तो ओह माई गॉड, वो क्या सेक्सी लग रही थी? उसने पंजाबी सूट पहन रखा था और उसके बाल खोल रखे थे। फिर वो आते ही बोली कि सर आज घर पर कोई नहीं है, पापा जॉब पर गये है और मम्मी पड़ोस वाली आंटी के साथ शॉपिंग करने गई है। फिर में बोला कि तब तो में भी जाता हूँ और कल आऊँगा और इतना कहते ही में उठने लगा, लेकिन उसने आगे आकर मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली कि नहीं सर में आपको ऐसे नहीं जाने दूँगी। मैंने आपके लिए चाय बनाई है, आप रुकिये। फिर में बोला कि नहीं में जाता हूँ चाय कल पी लूँगा। फिर उसने मुझे ज़ोर से पकड़ लिया और मुझे जबरदस्ती लिपटकर किस करने लगी और बोलती जा रही थी कि में आपको आज ऐसे नहीं जाने दूँगी, में आपको अपने अरमान पूरे करके ही जाने दूँगी। फिर मैंने उसे मना किया कि यह ठीक नहीं है, तो वो बोली कि किसी को ऐसे तड़पाना भी ठीक नहीं है। अब आख़िर में भी कब तक बर्दाश्त करता? तो मैंने आगे बढ़कर उसे पकड़ लिया, उसकी जवानी इतनी कातिल थी कि में भी परेशान था।

फिर मैंने उससे कहा कि क्या तुम पहली बार किसी को किस कर रही हो? तो वो बोली जी हाँ सर, लेकिन में अक्सर पापा और मम्मी को रात में सेक्स करते देखती हूँ और जब मुझे जोश आता है तो में उंगली डालकर अपनी चूत की आग शांत करती हूँ। अब उसके मुँह से चूत शब्द सुनते ही में हैरान रह गया था और उसको बेहताशा इधर उधर चूमने लगा था। फिर वो बोली कि नहीं अभी मुझको उस अच्छी चीज़ को गौर से देखना है, जो कि आपके पास है। फिर में बोला कि देखो ना, तुमको मना किसने किया है? तो फिर उसने मेरी पैंट खोलनी शुरू की और थोड़ी देर में मुझे नंगा करके मुझे कुर्सी पर लेटा दिया और खुद जमीन पर बैठकर मेरे औजार को देखने लगी और उसने तुरंत मेरे टाईट लंड को अचानक से अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। फिर में बोला कि छी-छी क्या गंदी बात करती हो? तो वो बोली कि अरे यही तो वो जीवन रस है, जो में पीना चाहती हूँ और इतना कहकर वो मेरे लंड को लॉलीपोप की तरह चाटने लगी। अब मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू किए और उसके गदराये हुए शरीर को हासिल करके मन ही मन में खुश होने लगा था। फिर जब उससे रहा नहीं गया तो उसने मुझे बेडरूम में चलने के लिए कहा। फिर बेडरूम में आते ही उसने मुझे बेड पर लेटाया और खुद मेरे ऊपर आकर बैठ गई और खुद ही मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर अपनी चूत में डालने लगी। अब में आराम से लेटकर एक लड़की की भूख के बारे में सोच रहा था कि अचानक से मेरा लंड उसने थोड़ा अंदर डाला और तुरंत बाहर निकाल दिया। फिर मेरे पूछने पर वो बोली कि दर्द हो रहा है। तो मैंने उसे लेने को कहा, तो वो आराम से नीचे लेट गई और मैंने ज़ोर से मेरा लंड डालकर एक धक्का मारा तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में अंदर चला गया। फिर वो चिल्लाने को हुई, तो मैंने उसका अपने मुँह होंठो से बंद कर दिया और फिर ज़ोर से धक्का मारा तो मेरा लगभग पूरा लंड उसकी चूत में अंदर चला गया।

फिर मैंने थोड़ी देर के बाद एक और जोरदार धक्का मारा तो पूरा लंड उसकी चूत में अंदर चला गया।  अब उसकी आँखो में दर्द से आँसू थे, लेकिन थोड़ी देर के बाद मैंने उसको सहलाना शुरू किया। अब लगभग 10 मिनट के बाद वो नीचे से हिलने लगी थी और बोली कि सर प्लीज धीरे-धीरे हिलाओ ना, अपना लंड अंदर बाहर करो, तो में ठीक वैसा ही करने लगा। अब जब में हिल रहा था, तो वो रुक गई और जब में रुकता तो वो हिलने लगती और ऐसा लगभग 15 मिनट चलता रहा। फिर उसने ज़ोर-ज़ोर हिलना स्टार्ट किया और ज़ोर से बोली कि सर जितनी ज़ोर से चोद सकते हो मुझको जल्दी चोदो में झड़ने वाली हूँ। फिर मैंने भी अपनी दुगुनी स्पीड से उसे चोदना शुरू किया और कुछ देर के बाद हम दोनों शांत हुए। फिर जब मैंने अपना लंड बाहर निकाला, तो वो मेरा मुरझाया हुआ लंड देखकर हँसी और बोली कि कितना सुंदर ताजमहल है आपका।

फिर में भी हँसने लगा और बोला कि मेरा तो क़ुतुबमीनार है, ताजमहल तो तुम्हारी चूत है। फिर हम दोनों ही हँसने लगे और अपने-अपने कपड़े पहनने लगे। फिर जब भी हमें कोई मौका मिलता तो हम दोनों मजे लेते रहे और हम दोनों ने खूब इन्जॉय किया ।।

धन्यवाद …

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